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Maharajganj News: कालाजार से बचाव को लेकर बेहतर ढंग से कार्य करें
Wed, 09 Apr 2025 01:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 09 Apr 2025 01:11 AM IST
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महराजगंज। सीएमओ कार्यालय सभागार में मंगलवार को कालाजार से बचाव को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। सीएमओ डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने कहा कि सभी कर्मी कालाजार से बचाव को लेकर बेहतर ढंग से कार्य करें, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ट्रेनर डॉ. वीके श्रीवास्तव ने बताया कि विसरल लीशमैनियासिस को कालाजार कहते है। बालू मक्खी से ये बीमारी फैलती हैं, जो कच्चे घरों के नमी वाले स्थान पर पाए जाते हैं। यह एक जानलेवा परजीवी संक्रमण है, जो मादा बालू मक्खी के काटने से फैलता है। कालाजार की पहचान अनियमित बुखार, वजन कम होना, प्लीहा और यकृत का बढ़ना होता है।
अगर ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से जांच करा कर उपचार कराया जाए। बालू मक्खी कालाजार रोग के परजीवी लीशमेनिया डोनोवानी को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलाती है। इस दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ.केपी सिंह, डॉ. नमिता गुप्ता, डाॅ. मुकेश, डाॅ. पवन, डाॅ. मनोज मिश्रा, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्रीभागवत सिंह मौजूद रहे। संवाद
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ट्रेनर डॉ. वीके श्रीवास्तव ने बताया कि विसरल लीशमैनियासिस को कालाजार कहते है। बालू मक्खी से ये बीमारी फैलती हैं, जो कच्चे घरों के नमी वाले स्थान पर पाए जाते हैं। यह एक जानलेवा परजीवी संक्रमण है, जो मादा बालू मक्खी के काटने से फैलता है। कालाजार की पहचान अनियमित बुखार, वजन कम होना, प्लीहा और यकृत का बढ़ना होता है।
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अगर ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से जांच करा कर उपचार कराया जाए। बालू मक्खी कालाजार रोग के परजीवी लीशमेनिया डोनोवानी को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलाती है। इस दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ.केपी सिंह, डॉ. नमिता गुप्ता, डाॅ. मुकेश, डाॅ. पवन, डाॅ. मनोज मिश्रा, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्रीभागवत सिंह मौजूद रहे। संवाद
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