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स्वच्छता की पडताल
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गांव ओडीएफ हुए चार साल गुजर गए, पर नहीं बदली तस्वीर
पनियरा (महराजगंज)। गांवों को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए पानी कर तरह रकम खर्च हुई, लेकिन जमीनी हकीकत में तस्वीर नहीं बदली है। आधे अधूरे शौचालय बनाकर गांव को ओडीएफ घोषित कर जिम्मेदारों ने पल्ला झाड़ लिया।
पनियरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बैदा को ओडीएफ घोषित हुए चार साल गुजर गए, लेकिन अधिकतर लाभार्थियों के शौचालय अधूरे हैं। जिनका शौचालय पूर्ण रूप से बनकर तैयार है, वह भी उपयोग नहीं करते हैं। गांव की पड़ताल में शौचालय की हालत ठीक नहीं दिखी। कहीं फाटक लगा नहीं मिला तो कही गोइठा (उपला) रखा हुआ मिला। यहां जागरूकता के संदेश का जरा भी असर नहीं दिखा।
ग्राम पंचायत बैदा दो अक्तूबर 2018 में ओडीएफ घोषित किया गया। यह गांव सात टोलों में बंटा है। इसकी आबादी 2,500 है। गांव के बैदा खास, पोखरहवा, रमई, भरौटी, करमहवा उत्तर, करमहवा खास, मंदिर सभी सात टोलों में 416 लाभार्थियों को शौचालय का लाभ मिला है। जिसमें 49 लाख 92 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2022 में 11 लाभार्थियों को शौचालय का पुन: लाभ मिला है। जिसमें एक लाख 32 हजार रुपये की लागत से शौचालय बने हैं। गांव में साफ सफाई की स्थिति बदहाल है। जगह-जगह गंदगी का अंबार है। नालियां गंदगी से भरी पड़ी हैं। अधिकतर नालियों क ा स्लैप टूटा है।
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जिन लाभार्थियों के बने शौचालय में गोईठा व अन्य सामान मिला तो उनको नोटिस जारी किया जाएगा। ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं।
आनंद पांडेय, एडीएओ पंचायत, पनियरा
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पनियरा (महराजगंज)। गांवों को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए पानी कर तरह रकम खर्च हुई, लेकिन जमीनी हकीकत में तस्वीर नहीं बदली है। आधे अधूरे शौचालय बनाकर गांव को ओडीएफ घोषित कर जिम्मेदारों ने पल्ला झाड़ लिया।
पनियरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बैदा को ओडीएफ घोषित हुए चार साल गुजर गए, लेकिन अधिकतर लाभार्थियों के शौचालय अधूरे हैं। जिनका शौचालय पूर्ण रूप से बनकर तैयार है, वह भी उपयोग नहीं करते हैं। गांव की पड़ताल में शौचालय की हालत ठीक नहीं दिखी। कहीं फाटक लगा नहीं मिला तो कही गोइठा (उपला) रखा हुआ मिला। यहां जागरूकता के संदेश का जरा भी असर नहीं दिखा।
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ग्राम पंचायत बैदा दो अक्तूबर 2018 में ओडीएफ घोषित किया गया। यह गांव सात टोलों में बंटा है। इसकी आबादी 2,500 है। गांव के बैदा खास, पोखरहवा, रमई, भरौटी, करमहवा उत्तर, करमहवा खास, मंदिर सभी सात टोलों में 416 लाभार्थियों को शौचालय का लाभ मिला है। जिसमें 49 लाख 92 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2022 में 11 लाभार्थियों को शौचालय का पुन: लाभ मिला है। जिसमें एक लाख 32 हजार रुपये की लागत से शौचालय बने हैं। गांव में साफ सफाई की स्थिति बदहाल है। जगह-जगह गंदगी का अंबार है। नालियां गंदगी से भरी पड़ी हैं। अधिकतर नालियों क ा स्लैप टूटा है।
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जिन लाभार्थियों के बने शौचालय में गोईठा व अन्य सामान मिला तो उनको नोटिस जारी किया जाएगा। ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं।
आनंद पांडेय, एडीएओ पंचायत, पनियरा