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Maharajganj News: ग्राम प्रहरियों ने मानदेय बढ़ाकर 24,400 रुपये करने की उठाई मांग
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महराजगंज। मानदेय में वृद्धि, राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और खाकी वर्दी सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर ग्राम प्रहरियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में बैठक की। जिलाध्यक्ष इंद्रजीत के नेतृत्व में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर लंबित मांगों को पूरा करने की अपील की।
जिलाध्यक्ष इंद्रजीत ने कहा कि ग्राम प्रहरियों को वर्तमान में महज 2500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। महंगाई के दौर में इतनी कम धनराशि से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है। उन्होंने मानदेय बढ़ाकर 24,400 रुपये प्रतिमाह करने और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। साथ ही स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने तक उचित मानदेय देने की अपील की।
ग्राम प्रहरियों ने कहा कि वे वर्ष 1873 के पुराने नियमों के तहत कार्य कर रहे हैं। गांवों की निगरानी के साथ उन्हें थानों में भी कई-कई घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है। उन्होंने थानों में 24 घंटे ड्यूटी कराने की व्यवस्था से राहत देने और जनरल डायरी के माध्यम से प्रतिदिन छह से आठ घंटे की नियमित ड्यूटी निर्धारित करने की मांग की।
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उन्होंने खाकी पैंट-शर्ट, लाल टोपी, जूता, बेल्ट और पहचान चिह्न उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि वर्दी और पहचान चिह्न मिलने से आम लोगों के बीच उनकी पहचान पुलिसकर्मी के रूप में हो सकेगी। उन्होंने सरकार से मांगों पर जल्द कार्रवाई कर आर्थिक स्थिति में सुधार करने की अपील की।
इस दौरान इंदर कुमार, शिव कुमार कन्नौजिया, मनोज यादव, रमेश, आशमा, मेमा, रामचंदर, जमाल अहमद और जयनारायण सहित अन्य ग्राम प्रहरी मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष इंद्रजीत ने कहा कि ग्राम प्रहरियों को वर्तमान में महज 2500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। महंगाई के दौर में इतनी कम धनराशि से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है। उन्होंने मानदेय बढ़ाकर 24,400 रुपये प्रतिमाह करने और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। साथ ही स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने तक उचित मानदेय देने की अपील की।
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ग्राम प्रहरियों ने कहा कि वे वर्ष 1873 के पुराने नियमों के तहत कार्य कर रहे हैं। गांवों की निगरानी के साथ उन्हें थानों में भी कई-कई घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है। उन्होंने थानों में 24 घंटे ड्यूटी कराने की व्यवस्था से राहत देने और जनरल डायरी के माध्यम से प्रतिदिन छह से आठ घंटे की नियमित ड्यूटी निर्धारित करने की मांग की।
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उन्होंने खाकी पैंट-शर्ट, लाल टोपी, जूता, बेल्ट और पहचान चिह्न उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि वर्दी और पहचान चिह्न मिलने से आम लोगों के बीच उनकी पहचान पुलिसकर्मी के रूप में हो सकेगी। उन्होंने सरकार से मांगों पर जल्द कार्रवाई कर आर्थिक स्थिति में सुधार करने की अपील की।
इस दौरान इंदर कुमार, शिव कुमार कन्नौजिया, मनोज यादव, रमेश, आशमा, मेमा, रामचंदर, जमाल अहमद और जयनारायण सहित अन्य ग्राम प्रहरी मौजूद रहे।