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Maharajganj News: मानदेय की मांग को लेकर गरजे ग्राम रोजगार सेवक, डीएम को सौंपा ज्ञापन
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35 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय करने की मांग की
आठ माह से मानदेय नहीं मिलने से हैं नाराज
महराजगंज। कलक्ट्रेट परिसर में बुधवार को ग्राम रोजगार सेवक संघ के जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद के नेतृत्व में ग्राम रोजगार सेवकों ने मानदेय भुगतान की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। सेवकों ने बताया कि अगस्त 2025 से अब तक मानदेय नहीं मिला है। करीब आठ माह से मानदेय नहीं मिलने से आर्थिक संकट गहरा गया है।
जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने बताया कि रोजगार सेवकों से मनरेगा के अलावा एसआईआर, फाॅर्मर रजिस्ट्री, एग्री स्टेक तथा सरकार के सभी जनहित कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर बिना किसी अतिरिक्त सुविधा के कराए जा रहे हैं। फिर भी समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है। रुपये के अभाव में दीपावली, होली या अन्य पर्व नहीं मना पा रहे हैं। यही नहीं रोजगार सेवकों के बच्चे भी शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।
रोजगार सेवकों ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। आठ माह का बकाया मानदेय का तुरंत भुगतान किया जाए, बढ़ती महंगाई को देखते हुए मानदेय 35,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए, समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए ग्राम रोजगार सेवकों का कार्य विस्तार कर अलग वित्तीय बजट की व्यवस्था की जाए और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। जिलाधिकारी से रोजगार सेवकों ने अनुरोध किया कि बकाया राशि शीघ्र दिलवाकर उपरोक्त मांगों पर कार्रवाई करें। ज्ञापन देने के दौरान सीमा, अमरेश, परमजीत, बाबूराम, अमरेश गौतम, धर्मेंद्र, रामकेश्वर, राजेश, पंकज, विशाल मौजूद रहे।
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आठ माह से मानदेय नहीं मिलने से हैं नाराज
महराजगंज। कलक्ट्रेट परिसर में बुधवार को ग्राम रोजगार सेवक संघ के जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद के नेतृत्व में ग्राम रोजगार सेवकों ने मानदेय भुगतान की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। सेवकों ने बताया कि अगस्त 2025 से अब तक मानदेय नहीं मिला है। करीब आठ माह से मानदेय नहीं मिलने से आर्थिक संकट गहरा गया है।
जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने बताया कि रोजगार सेवकों से मनरेगा के अलावा एसआईआर, फाॅर्मर रजिस्ट्री, एग्री स्टेक तथा सरकार के सभी जनहित कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर बिना किसी अतिरिक्त सुविधा के कराए जा रहे हैं। फिर भी समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है। रुपये के अभाव में दीपावली, होली या अन्य पर्व नहीं मना पा रहे हैं। यही नहीं रोजगार सेवकों के बच्चे भी शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।
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रोजगार सेवकों ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। आठ माह का बकाया मानदेय का तुरंत भुगतान किया जाए, बढ़ती महंगाई को देखते हुए मानदेय 35,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए, समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए ग्राम रोजगार सेवकों का कार्य विस्तार कर अलग वित्तीय बजट की व्यवस्था की जाए और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। जिलाधिकारी से रोजगार सेवकों ने अनुरोध किया कि बकाया राशि शीघ्र दिलवाकर उपरोक्त मांगों पर कार्रवाई करें। ज्ञापन देने के दौरान सीमा, अमरेश, परमजीत, बाबूराम, अमरेश गौतम, धर्मेंद्र, रामकेश्वर, राजेश, पंकज, विशाल मौजूद रहे।
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