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वार्ड ब्वॉय फरमाते आराम, तीमारदार खींचते हैं स्ट्रेचर

Mon, 19 Jul 2021 11:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 11:36 PM IST
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vaard bvoy pharamaate aaraam, teemaaradaar kheenchate hain strechar
जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड से मेडिकल वार्ड में मरीज को ले जाते तीमारदार। - फोटो : MAHARAJGANJ
वार्ड ब्वॉय फरमाते आराम, तीमारदार खींचते हैं स्ट्रेचर
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महराजगंज। जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था से मरीज और तीमारदार परेशान हैं। यहां वार्ड ब्वॉय आराम फरमाते हैं। जबकि हाथ में ग्लूकोज की बोतल पकड़कर तीमारदार स्ट्रेचर खींचने को मजबूर हैं। मरीजों को एक से दूसरे वार्ड में शिफ्ट कराने में वार्ड ब्वॉय रुचि नहीं दिखाते हैं। जिम्मेदार भी वार्ड ब्वॉयों के आराम तलबी पर कुछ नहीं बोलते हैं।
सोमवार को निचलौल क्षेत्र के खोन्हौली गांव निवासी शैलेंद्र गुप्ता इमरजेंसी से स्ट्रेचर पर अपनी मां पियारी देवी को मेडिकल वार्ड में ले जा रहे थे। उन्होंने बताया कि रविवार दिन मां को उल्टी आने लगी। जिला अस्पताल के इमरजेंसी में दिखाने पर डॉक्टर हालत गंभीर बताते हुए इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया। सोमवार को मेडिकल वार्ड में शिफ्ट किया गया है। जिला अस्पताल के डॉ. आशीष राय ने बताया कि इमरजेंसी से दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने पर मरीज को वार्ड ब्वॉय ले जाते हैं। सीएमएस डॉ. एके राय ने बताया कि जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में वार्ड ब्वॉय बीएसटी के साथ ले जाते हैं, ताकि मरीज को किसी परेशानी न हो। अगर इसमें लापरवाही हो रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने ठेले पर बेटे लेकर आए मां-बाप
महराजगंज। दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों को क्या-क्या नहीं करना पड़ता है। सोमवार को कुछ ऐसा ही नजारा सीएमओ कार्यालय में देखने को मिला। हुआ यूं, बेटा दिव्यांग है। चल फिर में दिक्कत है। ऐसे में उसका दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने के लिए मां-बाप ठेले पर लेकर पहुंचे, लेकिन दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया।
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सदर ब्लॉक के करमहा निवासी भग्गू बेटे बबलू के दिव्यांग प्रमाणपत्र का नवीनीकरण कराने सीएमओ कार्यालय आए थे। गांव उन्हें सवारी नहीं मिली तो 100 रुपये किराया देकर बेटे को ठेले पर बैठाकर लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे। बेटे के साथ मां उमा देवी बैठी थीं। पिता ने बताया कि सोचा था सुबह कार्यालय आने पर समय से बेटे का प्रमाणपत्र बन जाएगा, लेकिन यहां बताया गया कि आज दिव्यांग प्रामाणपत्र नहीं बन पाएगा, क्योंकि डॉक्टर साहब नहीं हैं। सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि लिपिकों के हड़ताल पर रहने व हड्डी के डॉक्टर का तबादला होने के कारण समस्या हो रही है। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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