{"_id":"652d90e2d2952f7389078184","slug":"using-excess-urea-is-polluting-the-water-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1022-7845-2023-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: अधिक यूरिया का उपयोग जल को कर रहा प्रदूषित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: अधिक यूरिया का उपयोग जल को कर रहा प्रदूषित
विज्ञापन
- कृषि विज्ञान केंद्र बसुली में हुए किसान गोष्ठी में वक्ताओं ने रखे विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जल ही जीवन है व जल ही भोजन है। सिंचाई जल के रूप में ड्रिप अथवा टपक सिंचाई पद्वति को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। खेताें में अधिक यूरिया के उपयोग से जहां जल प्रदूषित हो रहा है, वहीं मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित हो रही है।
ये बातें कृषि विज्ञान केंद्र बसुली में हुए किसान गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि उमेश कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े अधिकारी किसानों को इसके बारे में जागरूक करें। अध्यक्षता करते हुए वैज्ञानिक डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि जिले की मिट्टी कृषि की दृष्टि से काफी अच्छी है। रासायनिक खाद को मानक के मुताबिक प्रयोग कर अथवा जैविक खाद का प्रयोग कर हम अपनी उपज को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं, सभी किसान इस दिशा में कार्य करें। गोष्ठी में वैज्ञानिक विजय चंद्रा, उद्यान अधिकारी संजय कुमार रस्तोगी, त्रिपेणी तिवारी, शिवपूजन यादव आदि ने अपना विचार व्यक्त किया। कृषि से जुड़ी प्रश्नोत्तरी में सही जवाब देने वाले छह किसानों को जैव उर्वरक देकर पुरस्कृत किया गया। संचालन इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार मौर्या ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जल ही जीवन है व जल ही भोजन है। सिंचाई जल के रूप में ड्रिप अथवा टपक सिंचाई पद्वति को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। खेताें में अधिक यूरिया के उपयोग से जहां जल प्रदूषित हो रहा है, वहीं मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित हो रही है।
ये बातें कृषि विज्ञान केंद्र बसुली में हुए किसान गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि उमेश कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े अधिकारी किसानों को इसके बारे में जागरूक करें। अध्यक्षता करते हुए वैज्ञानिक डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि जिले की मिट्टी कृषि की दृष्टि से काफी अच्छी है। रासायनिक खाद को मानक के मुताबिक प्रयोग कर अथवा जैविक खाद का प्रयोग कर हम अपनी उपज को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं, सभी किसान इस दिशा में कार्य करें। गोष्ठी में वैज्ञानिक विजय चंद्रा, उद्यान अधिकारी संजय कुमार रस्तोगी, त्रिपेणी तिवारी, शिवपूजन यादव आदि ने अपना विचार व्यक्त किया। कृषि से जुड़ी प्रश्नोत्तरी में सही जवाब देने वाले छह किसानों को जैव उर्वरक देकर पुरस्कृत किया गया। संचालन इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार मौर्या ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन