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Maharajganj News: कागज में बन गए शहरी...आज भी तरस रहे मूलभूत सुविधाओं को
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नाली नहीं होने के कारण घर के बाहर बनाया गया गड्ढा।
दो साल पहले हुआ था नगर पालिका का विस्तार
आज भी बिजली पानी के लिए तरस रहे कई वार्ड
महराजगंज। नौ ग्राम पंचायतों को नगर पालिका परिषद प्रशासन ने शहरी क्षेत्र में तो शामिल कर लिया लेकिन अभी भी लोगों को ग्राम पंचायत स्तर की ही सुविधाएं मिल रही हैं। इनमें धनेवा-धनेई, चौपरिया, महुअवा, तरकुलवा, बांसपार, बैजौली, मुजहना, पिपरा बाबू और अमरुतिया के नाम शामिल हैं। शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। यहां न तो अच्छी सड़कें हैं और न ही नाली की सुचारू व्यवस्था। हालांकि कुछ स्थानों पर नाली और सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है।
करीब दो साल पहले सुकठियां वार्ड-11 को शहर में शामिल किया गया था। यह गांव कागज में तो शहरी बन गया है। ग्रामीणों पर शहरी टैक्स का बोझ भी बढ़ गया है लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। मूलभूत सुविधा न होने के कारण आज भी यहां के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। हालत ये है कि पक्की सड़क, नाली व पानी का अभाव है। वार्डवासी धीरेंद्र मिश्र, ओंकार वर्मा, धर्मदेव, शिवम पटेल ने बताया कि बारिश के मौसम में गलियां कीचड़ के टापू में तब्दील हो जाती हैं, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। पानी निकासी की व्यवस्था ठीक नहीं है। इसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बहता है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है।
आज भी पाइपलाइन से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके अलावा, स्ट्रीट लाइटें न होने के कारण रात के समय गलियों में अंधेरा छाया रहता है, जिससे असुरक्षा की भावना बनी रहती है। आरोप है कि चुनाव के समय बड़े-बडे़ वादे किए जाते हैं, लेकिन जीत के बाद पार्षद या अधिकारी इन ''''''''नए वार्डों'''''''' की सुध लेना भूल जाते हैं। विकास के नाम पर केवल नगर के मुख्य हिस्सों को चमकाया जाता है, जबकि बाहरी इलाकों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। ग्रामीणों ने मूलभूल सुविधाएं देने की मांग की है।
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घर के बाहर बनाया है गड्ढा
पानी निकासी के लिए लोगों ने घर के बाहर गड्ढा बना रखा रखा है। घर का पानी इसी में एकत्र होता है। पानी भरने के बाद गंदा पानी रास्ते में फैल जाता है। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खुले में पानी एकत्र होने के कारण संक्रामक बीमारी भी फैलने की आशंका बनी रहती है। इसके बाद भी जिम्मेदार वार्डवासियों की सुधि नहीं लेते हैं। सुविधाएं न होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
टूटी सड़क बनी पहचान
शहर में शामिल सुकठियां वार्ड-11 आज भी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा है। यहां पर आज तक ठीक सड़क नहीं बनाई गई। इसके चलते लोगों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क टूटी होने के कारण कई बार राहगीर गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं।
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सुकठियां में बन रही नाली
सुकठिया में नाली का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन कुछ सड़कें अभी पहले की ही तरह हैं। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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नगर पालिका बनने के बाद नाली का निर्माण नहीं हुआ है। घर के बाहर ही गड्ढा खोदकर गंदा पानी बहाया जाता है। साथ ही सड़क खराब है, लेकिन कोई बनवाने वाला नहीं है।
-अंजोरिया, सुकठियां वार्ड-11
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वार्ड की सबसे बड़ी समस्या नाली की है। नगर पालिका में वार्ड आने के बाद भी नाली का निर्माण नहीं हो सका है। घर के बाहर ही लोग गढ़ा खोदकर पानी बहाते हैं।
-सुग्रीव, सुकठियां वार्ड-11
चौपरिया में सड़क बन रही है। इससे लोगों को आने जाने में काफी राहत मिलेगी। गांव से शहर में शामिल होने से बहुत खुशी है। अभी थोड़ी दिक्कत है लेकिन आने वाले दिनों में यह समस्या दूर हो जाएगी।
-दयानंद पटेल, चौपरिया
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चौपरिया में बन रही सड़क
चौपरिया में सड़क बन रही है, लेकिन छह माह से गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। इसके चलते लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार की सुबह हुई बारिश के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जगह-जगह पानी भरा था। लोग उसी रास्ते आ-जा रहे थे। रामसूरत, अर्जुन, पप्पू, अर्जुन ने बताया कि सड़क बन रही है, लेकिन गिट्टी बिछाकर छोड़ देने से आने-जाने में दिक्कत हो रही है। यही हाल धनेवा-धनेई, महुअवा, बांसपार, बैजौली में भी दिखा। कई जगह सड़कें उसी तरह पड़ी हैं।
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बांसपार में दो सड़कें बनी हैं। वहीं महुअवां में भी कई सड़कों का निर्माण हुआ है। धनेवा-धनेई में वाटर एटीएम लगाया गया है। यहां पर पोखरी का सुंदरीकरण हुआ है। विस्तारित क्षेत्रों में लगातार निर्माण कार्य हो रहे हैं ताकि लोगों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
-आलोक कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी
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सुकठिया में मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं पटेलनगर में नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। महुअवा में कल्याण मंडपम बन रहा है। इससे लोगों को शादी-ब्याह में काफी राहत मिलेगी। नाली, पानी और सड़क का विस्तार किया जा रहा है। हर घर जल के तहत लोगों को जल्द ही पाइप लाइन से पानी भी मिलने लगेगा।
-डॉ. पुष्पलता मंगल, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष
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आज भी बिजली पानी के लिए तरस रहे कई वार्ड
महराजगंज। नौ ग्राम पंचायतों को नगर पालिका परिषद प्रशासन ने शहरी क्षेत्र में तो शामिल कर लिया लेकिन अभी भी लोगों को ग्राम पंचायत स्तर की ही सुविधाएं मिल रही हैं। इनमें धनेवा-धनेई, चौपरिया, महुअवा, तरकुलवा, बांसपार, बैजौली, मुजहना, पिपरा बाबू और अमरुतिया के नाम शामिल हैं। शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। यहां न तो अच्छी सड़कें हैं और न ही नाली की सुचारू व्यवस्था। हालांकि कुछ स्थानों पर नाली और सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है।
करीब दो साल पहले सुकठियां वार्ड-11 को शहर में शामिल किया गया था। यह गांव कागज में तो शहरी बन गया है। ग्रामीणों पर शहरी टैक्स का बोझ भी बढ़ गया है लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। मूलभूत सुविधा न होने के कारण आज भी यहां के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। हालत ये है कि पक्की सड़क, नाली व पानी का अभाव है। वार्डवासी धीरेंद्र मिश्र, ओंकार वर्मा, धर्मदेव, शिवम पटेल ने बताया कि बारिश के मौसम में गलियां कीचड़ के टापू में तब्दील हो जाती हैं, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। पानी निकासी की व्यवस्था ठीक नहीं है। इसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बहता है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है।
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आज भी पाइपलाइन से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके अलावा, स्ट्रीट लाइटें न होने के कारण रात के समय गलियों में अंधेरा छाया रहता है, जिससे असुरक्षा की भावना बनी रहती है। आरोप है कि चुनाव के समय बड़े-बडे़ वादे किए जाते हैं, लेकिन जीत के बाद पार्षद या अधिकारी इन ''''''''नए वार्डों'''''''' की सुध लेना भूल जाते हैं। विकास के नाम पर केवल नगर के मुख्य हिस्सों को चमकाया जाता है, जबकि बाहरी इलाकों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। ग्रामीणों ने मूलभूल सुविधाएं देने की मांग की है।
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घर के बाहर बनाया है गड्ढा
पानी निकासी के लिए लोगों ने घर के बाहर गड्ढा बना रखा रखा है। घर का पानी इसी में एकत्र होता है। पानी भरने के बाद गंदा पानी रास्ते में फैल जाता है। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खुले में पानी एकत्र होने के कारण संक्रामक बीमारी भी फैलने की आशंका बनी रहती है। इसके बाद भी जिम्मेदार वार्डवासियों की सुधि नहीं लेते हैं। सुविधाएं न होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
टूटी सड़क बनी पहचान
शहर में शामिल सुकठियां वार्ड-11 आज भी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा है। यहां पर आज तक ठीक सड़क नहीं बनाई गई। इसके चलते लोगों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क टूटी होने के कारण कई बार राहगीर गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं।
सुकठियां में बन रही नाली
सुकठिया में नाली का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन कुछ सड़कें अभी पहले की ही तरह हैं। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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नगर पालिका बनने के बाद नाली का निर्माण नहीं हुआ है। घर के बाहर ही गड्ढा खोदकर गंदा पानी बहाया जाता है। साथ ही सड़क खराब है, लेकिन कोई बनवाने वाला नहीं है।
-अंजोरिया, सुकठियां वार्ड-11
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वार्ड की सबसे बड़ी समस्या नाली की है। नगर पालिका में वार्ड आने के बाद भी नाली का निर्माण नहीं हो सका है। घर के बाहर ही लोग गढ़ा खोदकर पानी बहाते हैं।
-सुग्रीव, सुकठियां वार्ड-11
चौपरिया में सड़क बन रही है। इससे लोगों को आने जाने में काफी राहत मिलेगी। गांव से शहर में शामिल होने से बहुत खुशी है। अभी थोड़ी दिक्कत है लेकिन आने वाले दिनों में यह समस्या दूर हो जाएगी।
-दयानंद पटेल, चौपरिया
चौपरिया में बन रही सड़क
चौपरिया में सड़क बन रही है, लेकिन छह माह से गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। इसके चलते लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार की सुबह हुई बारिश के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जगह-जगह पानी भरा था। लोग उसी रास्ते आ-जा रहे थे। रामसूरत, अर्जुन, पप्पू, अर्जुन ने बताया कि सड़क बन रही है, लेकिन गिट्टी बिछाकर छोड़ देने से आने-जाने में दिक्कत हो रही है। यही हाल धनेवा-धनेई, महुअवा, बांसपार, बैजौली में भी दिखा। कई जगह सड़कें उसी तरह पड़ी हैं।
बांसपार में दो सड़कें बनी हैं। वहीं महुअवां में भी कई सड़कों का निर्माण हुआ है। धनेवा-धनेई में वाटर एटीएम लगाया गया है। यहां पर पोखरी का सुंदरीकरण हुआ है। विस्तारित क्षेत्रों में लगातार निर्माण कार्य हो रहे हैं ताकि लोगों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
-आलोक कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी
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सुकठिया में मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं पटेलनगर में नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। महुअवा में कल्याण मंडपम बन रहा है। इससे लोगों को शादी-ब्याह में काफी राहत मिलेगी। नाली, पानी और सड़क का विस्तार किया जा रहा है। हर घर जल के तहत लोगों को जल्द ही पाइप लाइन से पानी भी मिलने लगेगा।
-डॉ. पुष्पलता मंगल, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष