{"_id":"69b1d686ffd624606c03c522","slug":"under-the-leadership-of-the-mla-shopkeepers-submitted-a-memorandum-to-the-dm-demanding-a-ban-on-rc-maharajganj-news-c-206-1-mhg1001-173110-2026-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: विधायक के नेतृत्व में दुकानदारों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, आरसी पर रोक लगाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: विधायक के नेतृत्व में दुकानदारों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, आरसी पर रोक लगाने की मांग
विज्ञापन
कलक्ट्रेट परिसर में व्यापारियों के साथ डीएम को ज्ञापन देने जाते फरेंदा विधायक वीरेन्द्र चौधरी।
आनंदनगर के व्यापारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
महराजगंज। आनंदनगर स्थित गौतम बुद्ध व्यवसायिक भवन के व्यापारियों ने बुधवार को फरेंदा विधायक वीरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट परिसर में डीएम से मुलाकात की। इस दौरान व्यापारियों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत प्रशासन अनुबंध की शर्तों के विपरीत मनमाने तरीके से किराया और मरम्मत शुल्क की मांग कर रहा है। आरसी जारी कर व्यापारियों को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरसी पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विधायक वीरेंद्र चौधरी ने जिलाधिकारी को बताया कि वर्ष 1988 में नगर पंचायत आनंदनगर की ओर से निर्मित गौतम बुद्ध व्यवसायिक भवन की 42 दुकानों का आवंटन तत्कालीन उपजिलाधिकारी संध्या तिवारी ने किया था। उस समय प्रत्येक दुकानदार से 14,000 रुपये प्रत्याभूति राशि ली गई थी और मासिक किराया मात्र 250 रुपये निर्धारित किया गया था। अनुबंध के अनुसार हर 10 वर्ष में किराए में केवल 25 प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान था।
विज्ञापन
दुकानदारों ने बताया कि वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान नगर पंचायत ने भवन की मरम्मत के नाम पर करीब 14 लाख रुपये की मांग करते हुए किराया एकाएक 6 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया, यह पूरी तरह से अनुबंध के विपरीत है। इसके विरोध में व्यापारियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। अदालत के आदेश पर दुकानदार 391 रुपये मासिक किराया ट्रेजरी में जमा करते रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि वर्ष 2024 में आपसी सहमति से तय हुआ था कि दिसंबर 2024 तक 391 रुपये और जनवरी 2025 से 1300 रुपये मासिक किराया जमा किया जाएगा। कुछ दुकानदारों ने 1300 रुपये जमा भी करना शुरू कर दिया लेकिन नगर पंचायत ने किराया लेने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद दुकानदारों के खिलाफ आरसी जारी कर वसूली की कार्रवाई तेज कर दी गई है। ज्ञापन देने के दौरान पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष जयप्रकाश, सुरेश, मनोज शर्मा, अखिल कुमार, कृष्ण कुमार, श्याम सुंदर, जयराम, कैलाश चंद्रपति त्रिपाठी मौजूद रहे।
विज्ञापन
महराजगंज। आनंदनगर स्थित गौतम बुद्ध व्यवसायिक भवन के व्यापारियों ने बुधवार को फरेंदा विधायक वीरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट परिसर में डीएम से मुलाकात की। इस दौरान व्यापारियों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत प्रशासन अनुबंध की शर्तों के विपरीत मनमाने तरीके से किराया और मरम्मत शुल्क की मांग कर रहा है। आरसी जारी कर व्यापारियों को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरसी पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
विधायक वीरेंद्र चौधरी ने जिलाधिकारी को बताया कि वर्ष 1988 में नगर पंचायत आनंदनगर की ओर से निर्मित गौतम बुद्ध व्यवसायिक भवन की 42 दुकानों का आवंटन तत्कालीन उपजिलाधिकारी संध्या तिवारी ने किया था। उस समय प्रत्येक दुकानदार से 14,000 रुपये प्रत्याभूति राशि ली गई थी और मासिक किराया मात्र 250 रुपये निर्धारित किया गया था। अनुबंध के अनुसार हर 10 वर्ष में किराए में केवल 25 प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान था।
विज्ञापन
दुकानदारों ने बताया कि वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान नगर पंचायत ने भवन की मरम्मत के नाम पर करीब 14 लाख रुपये की मांग करते हुए किराया एकाएक 6 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया, यह पूरी तरह से अनुबंध के विपरीत है। इसके विरोध में व्यापारियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। अदालत के आदेश पर दुकानदार 391 रुपये मासिक किराया ट्रेजरी में जमा करते रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि वर्ष 2024 में आपसी सहमति से तय हुआ था कि दिसंबर 2024 तक 391 रुपये और जनवरी 2025 से 1300 रुपये मासिक किराया जमा किया जाएगा। कुछ दुकानदारों ने 1300 रुपये जमा भी करना शुरू कर दिया लेकिन नगर पंचायत ने किराया लेने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद दुकानदारों के खिलाफ आरसी जारी कर वसूली की कार्रवाई तेज कर दी गई है। ज्ञापन देने के दौरान पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष जयप्रकाश, सुरेश, मनोज शर्मा, अखिल कुमार, कृष्ण कुमार, श्याम सुंदर, जयराम, कैलाश चंद्रपति त्रिपाठी मौजूद रहे।