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एईएस के दो और बुखार के आठ मरीज भर्ती
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जिला अस्पताल में जेई एईएस वार्ड में भर्ती मरीज।
- फोटो : MAHARAJGANJ
एईएस के दो और बुखार के आठ मरीज भर्ती
महराजगंज। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ितों के आने क्रम जारी है। औसतन एक दिन में ओपीडी में 100 से 150 बुखार, सर्दी, खांसी के मरीज आ रहे हैं। वर्तमान में एईएस के दो, बुखार के आठ मरीज भर्ती हैं। मरीजों की देखभाल के लिए डॉक्टरों की टीम लगाई गई है।
जिला अस्पताल के जेई-एईएस और ईटीसी वार्ड के 15 बेड पर 19 मरीजों का उपचार चल रहा है। इनमें एईएस के दो, तेज बुखार के आठ और अन्य बीमारी के नौ मरीज हैं। तीमारदार अस्पताल के बरामदे में वक्त गुजारने को विवश हैं। तीमारदारों ने कहा कि अगर अस्पताल में रैन बसेरा होता तो उन्हें बरामदे में वक्त नहीं गुजारा पड़ता। फिजीशियन डॉ. एएम भाष्कर ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों को उचित परामर्श देने के साथ दवा लिख दी जाती है। ज्यादा गंभीर होने पर भर्ती किया जाता है। औसतन प्रत्येक दिन बुखार, सर्दी, खांसी से पीड़ित 100 से 150 मरीज ओपीडी में आते हैं।
‘स्वच्छता का रखें विशेष ध्यान’
मौसम में बदलाव से वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सक कहते हैं कि यदि हाथों को बार-बार धोते रहने की आदत बना ली जाए तो वायरल संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। । हाथ धोने या सैनिटाइज करने की आदत इस तरह के संक्रमण से सुरक्षा दे सकती है।
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अस्पताल में तेज बुखार के आठ मरीज भर्ती हैं। उनका बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। इन दिनोें मौसमी बीमारियों से पीड़ितों की संख्या बढ़ी है।
डॉ. एके राय, सीएमएस
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महराजगंज। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ितों के आने क्रम जारी है। औसतन एक दिन में ओपीडी में 100 से 150 बुखार, सर्दी, खांसी के मरीज आ रहे हैं। वर्तमान में एईएस के दो, बुखार के आठ मरीज भर्ती हैं। मरीजों की देखभाल के लिए डॉक्टरों की टीम लगाई गई है।
जिला अस्पताल के जेई-एईएस और ईटीसी वार्ड के 15 बेड पर 19 मरीजों का उपचार चल रहा है। इनमें एईएस के दो, तेज बुखार के आठ और अन्य बीमारी के नौ मरीज हैं। तीमारदार अस्पताल के बरामदे में वक्त गुजारने को विवश हैं। तीमारदारों ने कहा कि अगर अस्पताल में रैन बसेरा होता तो उन्हें बरामदे में वक्त नहीं गुजारा पड़ता। फिजीशियन डॉ. एएम भाष्कर ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों को उचित परामर्श देने के साथ दवा लिख दी जाती है। ज्यादा गंभीर होने पर भर्ती किया जाता है। औसतन प्रत्येक दिन बुखार, सर्दी, खांसी से पीड़ित 100 से 150 मरीज ओपीडी में आते हैं।
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‘स्वच्छता का रखें विशेष ध्यान’
मौसम में बदलाव से वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सक कहते हैं कि यदि हाथों को बार-बार धोते रहने की आदत बना ली जाए तो वायरल संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। । हाथ धोने या सैनिटाइज करने की आदत इस तरह के संक्रमण से सुरक्षा दे सकती है।
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अस्पताल में तेज बुखार के आठ मरीज भर्ती हैं। उनका बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। इन दिनोें मौसमी बीमारियों से पीड़ितों की संख्या बढ़ी है।
डॉ. एके राय, सीएमएस