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मनरेगा भ्रष्टाचार से जुड़े दो आरोपित गिरफ्तार
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मनरेगा भ्रष्टाचार से जुड़े दो आरोपित गिरफ्तार
महराजगंज। मनरेगा योजना के तहत परतावल के बरियरहवां गांव में पोखरी सुंदरीकरण के नाम पर फर्जी भुगतान कराने के मामले के दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच व पुलिस ने शुक्रवार को नगर तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मानें तो दोनों नेपाल भागने की फिराक में थे। हालांकि अन्य आरोपित अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत परतावल ब्लॉक के बरियरहवा पोखरी के सुंदरीकरण के नाम पर 2587920 रुपये का फर्जी भुगतान का मामला प्रकाश में आया था। खंड विकास अधिकारी प्रवीण शुक्ला ने एपीओ समेत छह लोगों व वन विभाग के एसडीओ चंद्रेश्वर सिंह ने तीन लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली में केस दर्ज कराया था। विवेचना में पाया गया कि तत्कालीन एपीओ विनय कुमार मौर्या व कंप्यूटर ऑपरेटर शिवराम गुप्ता ने वन विभाग के कर्मियों के सहयोग से न सिर्फ आईडी को वन विभाग में स्थानांतरित कर दी, बल्कि बिना कार्य कराए धन का भुगतान करा लिया। मामले के पर्दाफाश में लगे क्राइम ब्रांच व नगर चौकी प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली कि मनरेगा में भ्रष्टाचार के दो आरोपित नगर तिराहे के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में हैं। इस सूचना के बाद पुलिस टीम ने दोनों को नगर तिराहे से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपितों के पास लैपटॉप व कार मिली
मनरेगा भ्रष्टाचार में शामिल आरोपितों के पास से पुलिस ने लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, हिसाब-किताब का कच्चा रजिस्टर, डायरी, कार, दो क्रेडिट कार्ड, बैंक पासबुक आदि मिला है।
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एपीओ के खाते में साढ़े 11 लाख, होल्ड कराया गया खाता
आरोपित एपीओ के एचडीएफसी बैंक के एक खाते व एसबीआई के दो खाते में 11 लाख 50 हजार रुपये हैं। पुलिस ने एपीओ के तीनों खाते को होल्ड करा दिया है। उधर, मनरेगा भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में दो की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। माना जा रहा है जल्द ही अन्य आरोपितों पर पुलिस का शिकंजा कसेगी।
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महराजगंज। मनरेगा योजना के तहत परतावल के बरियरहवां गांव में पोखरी सुंदरीकरण के नाम पर फर्जी भुगतान कराने के मामले के दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच व पुलिस ने शुक्रवार को नगर तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मानें तो दोनों नेपाल भागने की फिराक में थे। हालांकि अन्य आरोपित अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मनरेगा योजना के तहत परतावल ब्लॉक के बरियरहवा पोखरी के सुंदरीकरण के नाम पर 2587920 रुपये का फर्जी भुगतान का मामला प्रकाश में आया था। खंड विकास अधिकारी प्रवीण शुक्ला ने एपीओ समेत छह लोगों व वन विभाग के एसडीओ चंद्रेश्वर सिंह ने तीन लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली में केस दर्ज कराया था। विवेचना में पाया गया कि तत्कालीन एपीओ विनय कुमार मौर्या व कंप्यूटर ऑपरेटर शिवराम गुप्ता ने वन विभाग के कर्मियों के सहयोग से न सिर्फ आईडी को वन विभाग में स्थानांतरित कर दी, बल्कि बिना कार्य कराए धन का भुगतान करा लिया। मामले के पर्दाफाश में लगे क्राइम ब्रांच व नगर चौकी प्रभारी को मुखबिर से सूचना मिली कि मनरेगा में भ्रष्टाचार के दो आरोपित नगर तिराहे के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में हैं। इस सूचना के बाद पुलिस टीम ने दोनों को नगर तिराहे से गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपितों के पास लैपटॉप व कार मिली
मनरेगा भ्रष्टाचार में शामिल आरोपितों के पास से पुलिस ने लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, हिसाब-किताब का कच्चा रजिस्टर, डायरी, कार, दो क्रेडिट कार्ड, बैंक पासबुक आदि मिला है।
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एपीओ के खाते में साढ़े 11 लाख, होल्ड कराया गया खाता
आरोपित एपीओ के एचडीएफसी बैंक के एक खाते व एसबीआई के दो खाते में 11 लाख 50 हजार रुपये हैं। पुलिस ने एपीओ के तीनों खाते को होल्ड करा दिया है। उधर, मनरेगा भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में दो की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। माना जा रहा है जल्द ही अन्य आरोपितों पर पुलिस का शिकंजा कसेगी।