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Maharajganj News: सांसत...सीमा पर लगा आठ किमी लंबा जाम
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सोनौली बॉर्डर पर खड़े ट्रक।
जाम को कम करने के लिए दो घंटे अधिक समय तक खुलेगी सीमा
पहले रात 10 बजे तक ही मालवाहक वाहनों को नेपाल में मिलता था प्रवेश
नेपाल के कारोबारियों ने भारत से मंगा लिया है ज्यादा सामान
सोनौली। नेपाल के कारोबारियों के द्वारा भारत से अधिक सामान मंगाने के कारण सोनौली बॉर्डर पर चार-पांच दिनों से भारतीय सीमा में मालवाहक ट्रकों का जाम लगा है। जाम में फंसे मालवाहक वाहनों की कतार लगातार लंबी होती जा रही है। इसे देखते हुए आधी रात तक बॉर्डर खोलने की सहमति बनी है। अब मालवाहक वाहन रात 12 बजे तक नेपाल में प्रवेश कर सकेंगे। अभी तक रात 10 बजे तक ही वाहनों को प्रवेश मिलता था।
बीते चार पांच-दिनों से सोनौली सीमा पर लगे आठ किमी लंबे जाम में 2000 मालवाहन वाहन फंसे हैं। यह मालवाहक गाड़ियां दैनिक सामानों को लेकर नेपाल जा रहे हैं। इनमें से कुछ गाड़ियों में औद्योगिक मशीनरी, टाइल्स, मार्बल और केमिकल के उत्पाद लदे हैं। शनिवार को सोनौली में मालवाहक वाहनों की जाम की समस्या को देखते हुए भारत और नेपाल के अधिकारियों ने बैठक कर रात 12 बजे तक सीमा को खोलने का फैसला लिया। सूत्रों के अनुसार, व्यापारियों को आशंका है कि अमेरिका-इस्त्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण भारत में तेल के दाम बढ़ सकते हैं। ऐसे में कारोबारी अपने पास भरपूर स्ट़ॉक रख लेना चाहते हैं।
दिल्ली, कोलकाता, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, कानपुर, सहित दर्जनों राज्यों से मालवाहक वाहन नेपाल जाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इसके कारण चालक परेशान हैं। नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद नेपाल के कारोबारियों ने भारत से आयातित होने वाले सामानों को ज्यादा मंगवा लिया है लेकिन गाड़ियां जाम में फंसी होने के कारण नहीं जा सकी हैं।
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कारोबारी राजन अग्रवाल निवासी भैरहवा ने बताया कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण नेपाल में डीजल के दाम बढ़ गए हैं। हर कारोबारी स्टॉक रखना चाहता है। इसके कारण बॉर्डर पर गाड़ियों की संख्या बढ़ गई है। गाड़ियां नेपाल में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं।
ट्रक चालक अर्जुन शर्मा निवासी राजस्थान ने बताया कि पाउडर लेकर तीन दिन से सोनौली सीमा पर खड़ा हूं। ट्रांसपोर्टर के बताए पते पर बिल्टी जमा कर दिया। गाड़ी पास हो गई है नेपाल जाकर खाली करना है लेकिन लाइन बढ़ ही नहीं रही है। लोकल की गाड़ियां कतार तोड़कर जा रही हैं।
चालक अभिनव यादव निवासी हरियाणा ने बताया कि ट्रक में चावल लोड है। भैरहवा में नेपाली गाड़ी माल की पल्टी करना है। गाड़ी पास हो गई है। तीन दिन से लाइन में चल रहे हैं। कतार की लाइन बढ़ नहीं रही है।
प्रभारी कोतवाल रामचंद्र राय ने बताया कि जाम को कम करने के लिए शनिवार को दो घंटे अतिरिक्त वाहनों को नेपाल भेजा जाएगा। नेपाल के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है। उन्होंने बताया कि रोजाना करीब 250 से 300 गाड़ियां आती हैं।
सोनौली में तीन से चार दिन फंस रहे ट्रक
सोनौली सीमा पर एक सप्ताह से सड़कों पर मालवाहक वाहनों की जाम की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। उद्योग संघ हो या ट्रांसपोर्टर इस जाम की समस्या से आजिज आ चुके हैं। प्रतिदिन सोनौली-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े ट्रकों में इजाफा हो रहा है। एक लेन में वाहनों के खड़े होने से आम लोगों को आने-जाने में कठिनाइयां तो हो ही रही हैं, स्थानीय प्रशासन की भी चिंता बढ़ गई हैं। मामले में स्थानीय प्रशासन नेपाल प्रशासन से संपर्क कर स्थिति सामान्य करने में लगा हुआ है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राम पाल निवासी राजस्थान ने बताया कि नेपाल भंसार विभाग ट्रकों को एंट्री देने में देरी कर रही है। इसके कारण ट्रक को नेपाल प्रवेश में तीन से चार दिन भारतीय सीमा सोनौली में ही लग जा रहे हैं।
भारतीय वाहनों को प्रवेश नहीं मिलने से यह समस्या हुई है। भारत-नेपाल के सोनौली सीमा पर वाहनों की कतार लगने का सिलसिला जस का तस है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायी दयाराम पांडेय ने बताया कि सब कुछ सामान्य है। फिर भी वाहनों की कतार कम नहीं हो रही है। ट्रक चालकों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। भंसार में प्रवेश की प्रकिया धीमी है। नेपाल प्रशासन को इस पर समय रहते निर्णय लेना चाहिए। संख्या बढ़ने से भंसार परिसर से बाहर निकलने वाली गाड़िया भी प्रभावित हो रही हैं।
सरहद पर 22 शहरों के ट्रक फंसे
भारत नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर पर नेपाल जाने वाले भारत के 22 शहरों का करीब 2000 मालवाहक ट्रक फंस गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा गड़ियां बंगाल, मेरठ, उत्तराखंड, दिल्ली, गुड़गांव यूपी से आई हुई हैं। ट्रक चालक दीपेश यादव निवासी गोरखपुर ने बताया कि मेरी कंपनी के करीब 50 से अधिक ट्रक कोयला, लोहा लेकर बॉर्डर पर आवागमन करते हैं। गाड़िया तीन दिनों से फंसी हैं। कुछ गड़ियां नेपाल में प्रवेश कर गई हैं कुछ रास्ते में हैं। इसी तरह गोवा, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुड़गांव, दिल्ली, नोएडा, अमृतसर, चंडीगढ़, पंजाब, कोटा, जयपुर,राजस्थान, मेवाड़, बीकानेर, अलवर, अजमेर, भिवंडी, जालोर, धानगढ़, सूरज, अहमदाबाद, बड़ोदरा, राजकोट, मोरबी, जामनगर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सतना, ग्वालियर, गाजियाबाद, साहिबाबाद, आगरा,कानपुर, लखनऊ, बस्ती, गोरखपुर, बनारस, आंबेडकर नगर, आसनसोल, पश्चिम बंगाल, बर्दमान, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पुणे, कुर्ला, रांची सहित अन्य शहरों के ट्रक सरहद पर फंसे हैं।
स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी
सोनौली सीमा शून्य से लेकर आठ किलोमीटर सड़क की एक लेन पूरी तरह जाम है। इस वजह से सोनौली कस्बा सहित, आबादी क्षेत्र के कुनसेरवा, गौतम बुद्ध नगर सहित बाईपास के ग्रामीणों को अपने घर से निकलने में काफी परेशानी हो रही है। दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तार के कारण कठिनाई बढ़ गई है। इब्राहिम, सागर, सोनु, जमशेद आलम, बुद्धिराम निवासी सोनौली ने बताया कि हम लोगों के घरों के सामने पिछले एक सप्ताह से ट्रक लगी हुई है। घर से निकलने और आने में काफी परेशानी हो रही है। वाहन लेकर जाना काफी मुश्किल है। ट्रक चालक गाड़ियों को सटा कर रखते हैं। इससे बाइक निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
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पहले रात 10 बजे तक ही मालवाहक वाहनों को नेपाल में मिलता था प्रवेश
नेपाल के कारोबारियों ने भारत से मंगा लिया है ज्यादा सामान
सोनौली। नेपाल के कारोबारियों के द्वारा भारत से अधिक सामान मंगाने के कारण सोनौली बॉर्डर पर चार-पांच दिनों से भारतीय सीमा में मालवाहक ट्रकों का जाम लगा है। जाम में फंसे मालवाहक वाहनों की कतार लगातार लंबी होती जा रही है। इसे देखते हुए आधी रात तक बॉर्डर खोलने की सहमति बनी है। अब मालवाहक वाहन रात 12 बजे तक नेपाल में प्रवेश कर सकेंगे। अभी तक रात 10 बजे तक ही वाहनों को प्रवेश मिलता था।
बीते चार पांच-दिनों से सोनौली सीमा पर लगे आठ किमी लंबे जाम में 2000 मालवाहन वाहन फंसे हैं। यह मालवाहक गाड़ियां दैनिक सामानों को लेकर नेपाल जा रहे हैं। इनमें से कुछ गाड़ियों में औद्योगिक मशीनरी, टाइल्स, मार्बल और केमिकल के उत्पाद लदे हैं। शनिवार को सोनौली में मालवाहक वाहनों की जाम की समस्या को देखते हुए भारत और नेपाल के अधिकारियों ने बैठक कर रात 12 बजे तक सीमा को खोलने का फैसला लिया। सूत्रों के अनुसार, व्यापारियों को आशंका है कि अमेरिका-इस्त्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण भारत में तेल के दाम बढ़ सकते हैं। ऐसे में कारोबारी अपने पास भरपूर स्ट़ॉक रख लेना चाहते हैं।
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दिल्ली, कोलकाता, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, कानपुर, सहित दर्जनों राज्यों से मालवाहक वाहन नेपाल जाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इसके कारण चालक परेशान हैं। नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद नेपाल के कारोबारियों ने भारत से आयातित होने वाले सामानों को ज्यादा मंगवा लिया है लेकिन गाड़ियां जाम में फंसी होने के कारण नहीं जा सकी हैं।
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कारोबारी राजन अग्रवाल निवासी भैरहवा ने बताया कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण नेपाल में डीजल के दाम बढ़ गए हैं। हर कारोबारी स्टॉक रखना चाहता है। इसके कारण बॉर्डर पर गाड़ियों की संख्या बढ़ गई है। गाड़ियां नेपाल में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं।
ट्रक चालक अर्जुन शर्मा निवासी राजस्थान ने बताया कि पाउडर लेकर तीन दिन से सोनौली सीमा पर खड़ा हूं। ट्रांसपोर्टर के बताए पते पर बिल्टी जमा कर दिया। गाड़ी पास हो गई है नेपाल जाकर खाली करना है लेकिन लाइन बढ़ ही नहीं रही है। लोकल की गाड़ियां कतार तोड़कर जा रही हैं।
चालक अभिनव यादव निवासी हरियाणा ने बताया कि ट्रक में चावल लोड है। भैरहवा में नेपाली गाड़ी माल की पल्टी करना है। गाड़ी पास हो गई है। तीन दिन से लाइन में चल रहे हैं। कतार की लाइन बढ़ नहीं रही है।
प्रभारी कोतवाल रामचंद्र राय ने बताया कि जाम को कम करने के लिए शनिवार को दो घंटे अतिरिक्त वाहनों को नेपाल भेजा जाएगा। नेपाल के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है। उन्होंने बताया कि रोजाना करीब 250 से 300 गाड़ियां आती हैं।
सोनौली में तीन से चार दिन फंस रहे ट्रक
सोनौली सीमा पर एक सप्ताह से सड़कों पर मालवाहक वाहनों की जाम की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। उद्योग संघ हो या ट्रांसपोर्टर इस जाम की समस्या से आजिज आ चुके हैं। प्रतिदिन सोनौली-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े ट्रकों में इजाफा हो रहा है। एक लेन में वाहनों के खड़े होने से आम लोगों को आने-जाने में कठिनाइयां तो हो ही रही हैं, स्थानीय प्रशासन की भी चिंता बढ़ गई हैं। मामले में स्थानीय प्रशासन नेपाल प्रशासन से संपर्क कर स्थिति सामान्य करने में लगा हुआ है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राम पाल निवासी राजस्थान ने बताया कि नेपाल भंसार विभाग ट्रकों को एंट्री देने में देरी कर रही है। इसके कारण ट्रक को नेपाल प्रवेश में तीन से चार दिन भारतीय सीमा सोनौली में ही लग जा रहे हैं।
भारतीय वाहनों को प्रवेश नहीं मिलने से यह समस्या हुई है। भारत-नेपाल के सोनौली सीमा पर वाहनों की कतार लगने का सिलसिला जस का तस है। ट्रांसपोर्ट व्यवसायी दयाराम पांडेय ने बताया कि सब कुछ सामान्य है। फिर भी वाहनों की कतार कम नहीं हो रही है। ट्रक चालकों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। भंसार में प्रवेश की प्रकिया धीमी है। नेपाल प्रशासन को इस पर समय रहते निर्णय लेना चाहिए। संख्या बढ़ने से भंसार परिसर से बाहर निकलने वाली गाड़िया भी प्रभावित हो रही हैं।
सरहद पर 22 शहरों के ट्रक फंसे
भारत नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर पर नेपाल जाने वाले भारत के 22 शहरों का करीब 2000 मालवाहक ट्रक फंस गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा गड़ियां बंगाल, मेरठ, उत्तराखंड, दिल्ली, गुड़गांव यूपी से आई हुई हैं। ट्रक चालक दीपेश यादव निवासी गोरखपुर ने बताया कि मेरी कंपनी के करीब 50 से अधिक ट्रक कोयला, लोहा लेकर बॉर्डर पर आवागमन करते हैं। गाड़िया तीन दिनों से फंसी हैं। कुछ गड़ियां नेपाल में प्रवेश कर गई हैं कुछ रास्ते में हैं। इसी तरह गोवा, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुड़गांव, दिल्ली, नोएडा, अमृतसर, चंडीगढ़, पंजाब, कोटा, जयपुर,राजस्थान, मेवाड़, बीकानेर, अलवर, अजमेर, भिवंडी, जालोर, धानगढ़, सूरज, अहमदाबाद, बड़ोदरा, राजकोट, मोरबी, जामनगर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सतना, ग्वालियर, गाजियाबाद, साहिबाबाद, आगरा,कानपुर, लखनऊ, बस्ती, गोरखपुर, बनारस, आंबेडकर नगर, आसनसोल, पश्चिम बंगाल, बर्दमान, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पुणे, कुर्ला, रांची सहित अन्य शहरों के ट्रक सरहद पर फंसे हैं।
स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी
सोनौली सीमा शून्य से लेकर आठ किलोमीटर सड़क की एक लेन पूरी तरह जाम है। इस वजह से सोनौली कस्बा सहित, आबादी क्षेत्र के कुनसेरवा, गौतम बुद्ध नगर सहित बाईपास के ग्रामीणों को अपने घर से निकलने में काफी परेशानी हो रही है। दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तार के कारण कठिनाई बढ़ गई है। इब्राहिम, सागर, सोनु, जमशेद आलम, बुद्धिराम निवासी सोनौली ने बताया कि हम लोगों के घरों के सामने पिछले एक सप्ताह से ट्रक लगी हुई है। घर से निकलने और आने में काफी परेशानी हो रही है। वाहन लेकर जाना काफी मुश्किल है। ट्रक चालक गाड़ियों को सटा कर रखते हैं। इससे बाइक निकालना भी मुश्किल हो रहा है।