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चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों का प्रशिक्षण शुरू
Wed, 24 Apr 2019 01:27 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Wed, 24 Apr 2019 01:27 AM IST
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चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों का प्रशिक्षण शुरू
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। आईटीएम चेहरी में मंगलवार से पीठासीन व मतदान अधिकारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। प्रशिक्षण के पहले दिन जिला निर्वाचन अधिकारी अमरनाथ उपाध्याय ने ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों को आगाह किया कि चुनाव कार्य पूरी निष्ठा से करें। प्रशिक्षण में मिली जानकारी को आत्मसात करें। ताकि मतदान के दिन किसी तरह की दिक्कत न हो।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव निष्पक्ष व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में पीठासीन व मतदान अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में सभी लोग ठीक ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त करें। यदि प्रशिक्षण में ठीक से जानकारी हासिल करेंगे तो कार्य के दौरान परेशानी नहीं होगी। मुख्य विकास अधिकारी पवन अग्रवाल ने कहा कि इस चुनाव में वीवीपैट भी लगेगी। इसलिए प्रकिया थोड़ी अलग होगी। प्रशिक्षक परियोजना निदेशक राजकरन पाल सहित अन्य ट्रेनरों, मास्टर ट्रेनरों ने पीठासीन व मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण के क्रम में सभी लोगों को कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट तथा वीवीपैट को आपस में जोड़ने, संचालित करने, सील करने तथा मशीनों को अलग करने के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा वीवीपैट को सावधानी पूर्वक ले जाने का तरीका भी बताया गया। प्रशिक्षक डायट प्राचार्य मसूद अख्तर ने पीठासीन अधिकारियों को मतदान शुरू करने से पहले माॅक पोल के बारे में बताया। कहा कि माॅक पोल कम से कम 50 वोटों का होगा। सभी 50 वोटों की पर्चियां वीवीपैट के बाक्स में गिरेंगी। उन्हें सहेज कर निर्धारित लिफाफे में रखना होगा। पीठासीन अधिकारी मतदान के दिन मतदेय स्थल से 200 मीटर के भीतर तक कार्यकारी मजिस्ट्रेट होता है। इसलिए शांतिपूर्ण मतदान के लिए वह वहां उपलब्ध पुलिस बल का सहयोग ले सकता है। मतदेय स्थल पर मतदान के लिए उसका निर्णय ही अंतिम होगा। आईटीएम के 18 कमरों में प्रशिक्षण दो पालियों में संपन्न कराया गया। पहली पाली में सुबह 9.30 से दोपहर 1.30 बजे और दूसरी पाली में 1.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक प्रशिक्षण चला। प्रशिक्षण देने में कुल 34 सामान्य व 34 ईवीएम के मास्टर ट्रेनर लगे हैं। प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल टीम भी तैनात रही।
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उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव निष्पक्ष व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में पीठासीन व मतदान अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में सभी लोग ठीक ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त करें। यदि प्रशिक्षण में ठीक से जानकारी हासिल करेंगे तो कार्य के दौरान परेशानी नहीं होगी। मुख्य विकास अधिकारी पवन अग्रवाल ने कहा कि इस चुनाव में वीवीपैट भी लगेगी। इसलिए प्रकिया थोड़ी अलग होगी। प्रशिक्षक परियोजना निदेशक राजकरन पाल सहित अन्य ट्रेनरों, मास्टर ट्रेनरों ने पीठासीन व मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण के क्रम में सभी लोगों को कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट तथा वीवीपैट को आपस में जोड़ने, संचालित करने, सील करने तथा मशीनों को अलग करने के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा वीवीपैट को सावधानी पूर्वक ले जाने का तरीका भी बताया गया। प्रशिक्षक डायट प्राचार्य मसूद अख्तर ने पीठासीन अधिकारियों को मतदान शुरू करने से पहले माॅक पोल के बारे में बताया। कहा कि माॅक पोल कम से कम 50 वोटों का होगा। सभी 50 वोटों की पर्चियां वीवीपैट के बाक्स में गिरेंगी। उन्हें सहेज कर निर्धारित लिफाफे में रखना होगा। पीठासीन अधिकारी मतदान के दिन मतदेय स्थल से 200 मीटर के भीतर तक कार्यकारी मजिस्ट्रेट होता है। इसलिए शांतिपूर्ण मतदान के लिए वह वहां उपलब्ध पुलिस बल का सहयोग ले सकता है। मतदेय स्थल पर मतदान के लिए उसका निर्णय ही अंतिम होगा। आईटीएम के 18 कमरों में प्रशिक्षण दो पालियों में संपन्न कराया गया। पहली पाली में सुबह 9.30 से दोपहर 1.30 बजे और दूसरी पाली में 1.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक प्रशिक्षण चला। प्रशिक्षण देने में कुल 34 सामान्य व 34 ईवीएम के मास्टर ट्रेनर लगे हैं। प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल टीम भी तैनात रही।
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