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पांच ब्लाकों की 60 आशाओं को दिया गया प्रशिक्षण
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Mon, 20 Mar 2017 12:47 AM IST
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प्रशिक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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मिठौरा। क्षेत्र के सिन्दुरिया स्थित ट्रेनिग सेंटर पर रविवार को पांच ब्लाकों घुघुली, सिसवा, सदर, मिठौरा, निचलौल से 30-30 की संख्या में दो बैच में आशाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षक प्रभारी चिकित्साधिकारी मिठौरा डॉ. केपी सिंह ने कहा गर्भवती महिलाओं को प्रसव उपरांत देख-भाल करना अत्यंत जरूरी है।
जब बच्चा घर पर पैदा हो तो नियत तिथि पर 42 दिन तक आशाएं भ्रमण करें तथा जच्चा-बच्चा की हालत में होने वाले सुधार की समीक्षा करें। गर्भवती महिलाओं के खान-पान के बारे में भी जानकारी दी। प्रसव उपरांत अगर बच्चे को कोई छूता है तो साबुन से हाथ धुले बिना न उठाए। ऐसा नहीं होने पर बच्चा संक्रामक रोग की चपेट में आ सकता है। उन्होंने बताया कि घर पर प्रसव होने पर सात बार भ्रमण करना जरूरी है। अस्पताल में प्रसव होने पर छह बार भ्रमण किया जाना चाहिए। पांच दिवसीय प्रशिक्षण का रविवार को पहला दिन था। इस अवसर पर भागवत सिंह, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, सुग्रीव वर्मा, पूजा सिंह, संजा देवी आदि मौजूद रहीं।
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जब बच्चा घर पर पैदा हो तो नियत तिथि पर 42 दिन तक आशाएं भ्रमण करें तथा जच्चा-बच्चा की हालत में होने वाले सुधार की समीक्षा करें। गर्भवती महिलाओं के खान-पान के बारे में भी जानकारी दी। प्रसव उपरांत अगर बच्चे को कोई छूता है तो साबुन से हाथ धुले बिना न उठाए। ऐसा नहीं होने पर बच्चा संक्रामक रोग की चपेट में आ सकता है। उन्होंने बताया कि घर पर प्रसव होने पर सात बार भ्रमण करना जरूरी है। अस्पताल में प्रसव होने पर छह बार भ्रमण किया जाना चाहिए। पांच दिवसीय प्रशिक्षण का रविवार को पहला दिन था। इस अवसर पर भागवत सिंह, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, सुग्रीव वर्मा, पूजा सिंह, संजा देवी आदि मौजूद रहीं।
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