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Maharajganj News: भूस्खलन के कारण तीसरे दिन भी ठप रहा आवागमन
Mon, 30 Sep 2024 02:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 30 Sep 2024 02:17 AM IST
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सोनौली। नेपाल की राजधानी काठमांडो की ओर आने-जाने वाली सड़कें बंद कर दी गई हैं। रविवार को तीसरे दिन भी काठमांडों से वाहन नहीं निकले, जो वाहन प्रवेश करने वाले हैं वे सड़क के बीच में फंस गए हैं।
पश्चिम से काठमांडो के मुख्य प्रवेश द्वार नागाढुंगा की हालत सबसे खराब है। मुगलिंग के आगे झपले नदी के पास बड़ा भूस्खलन होने से दो वाहन दब गए। वहां भूस्खलन हटाने का काम किया जा रहा है। इसमें से 30 शव निकाले गए हैं। अन्य लोगों के भी भूस्खलन में दबे होने की आशंका पुलिस जता रही है। नारायण घाट मुगलिंग के बीच दो रात्रि के लिए आवागमन रोक हटा लिया गया है, लेकिन भूस्खलन का मलबा नहीं हटने से आवागमन शुरू नहीं हुआ है।
नेपाल में बीते तीन दिनों से लगातार हुई बारिश के बाद जनजीवन प्रभावित है। काठमांडो जाने और आने के सभी मार्ग बंद हैं। सोनौली से काठमांडो और पोखरा जाने वाले मुख्य मार्ग मुगलिंग के बीच भूस्खलन होने से तीसरे दिन भी आवागमन ठप रहा। यात्री और मालवाहक ट्रक बीच रास्ते में फंसे हैं। शनिवार रात मुगलिंग के आगे झपले खोला के बाद 26 घंटे से रास्ते में फंसी यात्री बसों के ऊपर भारी मलबा गिरने से दोनों बसों में सवार यात्री बस से नहीं निकल सके।
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सुबह मौके पर पहुंची नेपाल पुलिस ने 30 यात्रियों के शव निकाले। काठमांडू जाने वाले मार्ग नारायण घाट मुगलिंग को रेड जोन घोषित किया गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए शुक्रवार और शनिवार दो दिन शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक सोनौली से काठमांडो जाने वाले मुगलिंग मार्ग पर आवागमन पर रोक लगा गई थी। मौसम विभाग की जानकारी के बाद रात्रि आवागमन पर लगी रोक हटा दी गई। रास्ते में कुछ स्थानों पर भूस्खलन भी हुए हैं।
चितवन पुलिस प्रमुख भवेशर रिजाल ने बताया कि रात्रि अवागमन पर लगी रोक हटा दिया गया है। झपले खोला के पास हुए भूस्खलन में 30 यात्रियों के शव निकाले गए हैं। भूस्खलन के बाद मलबे को हटाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। पुलिस राहत बचाव में जुटी है।
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पश्चिम से काठमांडो के मुख्य प्रवेश द्वार नागाढुंगा की हालत सबसे खराब है। मुगलिंग के आगे झपले नदी के पास बड़ा भूस्खलन होने से दो वाहन दब गए। वहां भूस्खलन हटाने का काम किया जा रहा है। इसमें से 30 शव निकाले गए हैं। अन्य लोगों के भी भूस्खलन में दबे होने की आशंका पुलिस जता रही है। नारायण घाट मुगलिंग के बीच दो रात्रि के लिए आवागमन रोक हटा लिया गया है, लेकिन भूस्खलन का मलबा नहीं हटने से आवागमन शुरू नहीं हुआ है।
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नेपाल में बीते तीन दिनों से लगातार हुई बारिश के बाद जनजीवन प्रभावित है। काठमांडो जाने और आने के सभी मार्ग बंद हैं। सोनौली से काठमांडो और पोखरा जाने वाले मुख्य मार्ग मुगलिंग के बीच भूस्खलन होने से तीसरे दिन भी आवागमन ठप रहा। यात्री और मालवाहक ट्रक बीच रास्ते में फंसे हैं। शनिवार रात मुगलिंग के आगे झपले खोला के बाद 26 घंटे से रास्ते में फंसी यात्री बसों के ऊपर भारी मलबा गिरने से दोनों बसों में सवार यात्री बस से नहीं निकल सके।
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सुबह मौके पर पहुंची नेपाल पुलिस ने 30 यात्रियों के शव निकाले। काठमांडू जाने वाले मार्ग नारायण घाट मुगलिंग को रेड जोन घोषित किया गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए शुक्रवार और शनिवार दो दिन शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक सोनौली से काठमांडो जाने वाले मुगलिंग मार्ग पर आवागमन पर रोक लगा गई थी। मौसम विभाग की जानकारी के बाद रात्रि आवागमन पर लगी रोक हटा दी गई। रास्ते में कुछ स्थानों पर भूस्खलन भी हुए हैं।
चितवन पुलिस प्रमुख भवेशर रिजाल ने बताया कि रात्रि अवागमन पर लगी रोक हटा दिया गया है। झपले खोला के पास हुए भूस्खलन में 30 यात्रियों के शव निकाले गए हैं। भूस्खलन के बाद मलबे को हटाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। पुलिस राहत बचाव में जुटी है।