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Maharajganj News: कृषि कार्य में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पंजीकृत, व्यवसायिक में हो रहीं प्रयोग
Tue, 02 Apr 2024 01:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 02 Apr 2024 01:36 AM IST
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महराजगंज। कृषि कार्य के लिए वाहनों का पंजीकरण करवाकर व्यवसायिक उपयोग करने वाले मालिकों की अब खैर नहीं है। विभाग अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करेगा।
बीते दिनों कृषि कार्य में पंजीकृत एक वाहन का व्यवसायिक उपयोग करने पर विभाग ने 50 हजार रुपये का चालान किया। साथ ही बीते माह पकड़े गए 12 ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का चालान किया। बावजूद इसके चालक मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। जिले के लगभग 50 की संख्या में बिल्डिंग मैटेरियल विक्रेताओं की दुकानें चल रही हैं। केवल इनकी ही बात करें तो 200 से अधिक ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से इनके यहां सामान ढोया जा रहा है, जबकि जिले में सिर्फ आठ ट्रैक्टर-ट्रालियों का ही पंजीकरण कामर्शियल कार्यों के लिए है।
जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते जिले की सड़कों पर बेधड़क कृषि कार्य में दर्ज ट्रैक्टर-ट्राॅलियां फर्राटा भर रही हैं। इनका प्रयोग ईंट ढुलाई से लेकर बालू-मिट्टी खनन तक में हो रहा है। एआरटीओ कार्यालय में 24707 ट्रैक्टर-ट्रॉली पंजीकृत हैं। इनमें से मात्र आठ ट्रैक्टर-ट्राॅली ही ऐसी हैं जो कामर्शियल कार्यों के लिए दर्ज हैं और इनका प्रयोग व्यावसायिक कार्यों में किया जा सकता।
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बावजूद जिले की सड़कों पर 10 हजार से अधिक ट्रैक्टर-ट्राॅलियां रोड पर कामर्शियल सामानों के साथ फर्राटा भर रही हैं। सरकारी कार्यालय के बाहर से भी प्रतिदिन हजारों की संख्या में कृषि कार्य में दर्ज ट्रैक्टर-ट्राॅलियां गुजरती हैं, लेकिन जिम्मेदार इन पर अंकुश लगाने की जगह मौन हैं।
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बीते दिनों कृषि कार्य में पंजीकृत एक वाहन का व्यवसायिक उपयोग करने पर विभाग ने 50 हजार रुपये का चालान किया। साथ ही बीते माह पकड़े गए 12 ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का चालान किया। बावजूद इसके चालक मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। जिले के लगभग 50 की संख्या में बिल्डिंग मैटेरियल विक्रेताओं की दुकानें चल रही हैं। केवल इनकी ही बात करें तो 200 से अधिक ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से इनके यहां सामान ढोया जा रहा है, जबकि जिले में सिर्फ आठ ट्रैक्टर-ट्रालियों का ही पंजीकरण कामर्शियल कार्यों के लिए है।
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जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते जिले की सड़कों पर बेधड़क कृषि कार्य में दर्ज ट्रैक्टर-ट्राॅलियां फर्राटा भर रही हैं। इनका प्रयोग ईंट ढुलाई से लेकर बालू-मिट्टी खनन तक में हो रहा है। एआरटीओ कार्यालय में 24707 ट्रैक्टर-ट्रॉली पंजीकृत हैं। इनमें से मात्र आठ ट्रैक्टर-ट्राॅली ही ऐसी हैं जो कामर्शियल कार्यों के लिए दर्ज हैं और इनका प्रयोग व्यावसायिक कार्यों में किया जा सकता।
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बावजूद जिले की सड़कों पर 10 हजार से अधिक ट्रैक्टर-ट्राॅलियां रोड पर कामर्शियल सामानों के साथ फर्राटा भर रही हैं। सरकारी कार्यालय के बाहर से भी प्रतिदिन हजारों की संख्या में कृषि कार्य में दर्ज ट्रैक्टर-ट्राॅलियां गुजरती हैं, लेकिन जिम्मेदार इन पर अंकुश लगाने की जगह मौन हैं।