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आंधी के साथ ओले, किसानों की कमर टूटी
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sun, 16 Apr 2017 12:23 AM IST
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आंधी और बारिश में भीगे गेहूं के दाने को इकट्ठा करता किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। शनिवार को अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। गरज-तड़क के साथ आंधी चलने लगी। कुछ ही देर में बौछारों के साथ ओले पड़ने लगे। जिले के अधिकतर हिस्सों में अचानक हुए मौसम में उलटफेर से किसानों की कमर टूट गई। खेत में खड़ी और काटकर छोड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। बालियों के दाने बिखर गए। खलिहान में मड़ाई के लिए रखी फसल भीग गई। गेहूं और सब्जी की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है।
सुबह करीब दस बजे एकाएक आसमान में काले बादल छा गए तो किसानों के सीने पर सांप लोटने लगा। इसी बीच बादलों की गर्जना शुरू गर्द और तेज हवा के झोंकों के साथ बारिश की बूंदें गिरने जगीं। कुछ किसान खेत में गेहूं की फसल काटने में जुटे रहे तो कुछ कंबाइन मशीन से कटाई के लिए परेशान दिखे। तेज हवा के साथ काले बादल देख किसान जल्दी जल्दी गेहूं की फसल को समेटने में जुट गए।
लेकिन अचानक तेज हवा के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कंबाइन मशीन से जिन किसानों की गेहूं का फसल कट चुकी थी। उनका गेहूं खेत में बोरे पर पड़ा हुआ। मगर ओलावृष्टि के बाद गेहूं की फसल भीग गई और दाने बिखर गए। इससे किसानों की आंखों से आंसू छलके पड़े। उन्हें लगा कि उनकी पूंजी अब बर्बाद हो जाएगी। जिले में विभिन्न स्थानों पर ओलावृष्टि हुई और गेहूं की फसल पर प्रभाव पड़ा।
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भिटौली चौराहे से सटे खेत में बिखरे गेहूं के दाने समेटते किसान महेंद्र अपनी पीड़ा बयां करने लगे तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। बोले कि ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने गेहूं को बिखेर दिया। वह बिखरे गेहूं को समेट रहे थे। इनके आसपास के अन्य किसान भीगी हुई गेहूं की बालियों को सहेज रहे थे। लेहड़ा बाजार और बृजमनगंज प्रतिनिधियों के अनुसार, क्षेत्र में करीब 10.30 बजे दुर्गापुर, विशुनपुर अदरौना, शिवपुर, लेहड़ा, बरगाहपुर समेत अन्य क्षेत्र में हल्की वर्षा के साथ ओलावृष्टि हुई।
ठूठीबारी प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश के साथ ओले पड़ने से खेत में गेहूं की बालियां जमीन पर बिखरने से क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार की सुबह ठूठीबारी क्षेत्र में अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज गरज-तड़क झमाझम बारिश के साथ बड़े बड़े ओले पड़ने लगे। इससे क्षेत्र के किसानों के खेत में गेहूं व सब्जी की फसल का काफी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
खुशहलनगर प्रतिनिधि के अनुसार, शनिवार को सुबह क्षेत्र के खानपुर चौमुखा हरखा प्यास मेदनीपुर पकड़ियार आदि गांवों में अभी गेहूं की मड़ाई शुरू हो रही थी कि अचानक ओला और बारिश से गेहूं के दाने जमीन पर बिखर गए। किसान अरुण कुमार सिंह, भोला मल्ल, जगदीश मल्ल, राजेंद्र सिंह आदि ने प्रशासन से ओलावृष्टि से बर्बाद फसल का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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सुबह करीब दस बजे एकाएक आसमान में काले बादल छा गए तो किसानों के सीने पर सांप लोटने लगा। इसी बीच बादलों की गर्जना शुरू गर्द और तेज हवा के झोंकों के साथ बारिश की बूंदें गिरने जगीं। कुछ किसान खेत में गेहूं की फसल काटने में जुटे रहे तो कुछ कंबाइन मशीन से कटाई के लिए परेशान दिखे। तेज हवा के साथ काले बादल देख किसान जल्दी जल्दी गेहूं की फसल को समेटने में जुट गए।
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लेकिन अचानक तेज हवा के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कंबाइन मशीन से जिन किसानों की गेहूं का फसल कट चुकी थी। उनका गेहूं खेत में बोरे पर पड़ा हुआ। मगर ओलावृष्टि के बाद गेहूं की फसल भीग गई और दाने बिखर गए। इससे किसानों की आंखों से आंसू छलके पड़े। उन्हें लगा कि उनकी पूंजी अब बर्बाद हो जाएगी। जिले में विभिन्न स्थानों पर ओलावृष्टि हुई और गेहूं की फसल पर प्रभाव पड़ा।
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भिटौली चौराहे से सटे खेत में बिखरे गेहूं के दाने समेटते किसान महेंद्र अपनी पीड़ा बयां करने लगे तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। बोले कि ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने गेहूं को बिखेर दिया। वह बिखरे गेहूं को समेट रहे थे। इनके आसपास के अन्य किसान भीगी हुई गेहूं की बालियों को सहेज रहे थे। लेहड़ा बाजार और बृजमनगंज प्रतिनिधियों के अनुसार, क्षेत्र में करीब 10.30 बजे दुर्गापुर, विशुनपुर अदरौना, शिवपुर, लेहड़ा, बरगाहपुर समेत अन्य क्षेत्र में हल्की वर्षा के साथ ओलावृष्टि हुई।
ठूठीबारी प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश के साथ ओले पड़ने से खेत में गेहूं की बालियां जमीन पर बिखरने से क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार की सुबह ठूठीबारी क्षेत्र में अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज गरज-तड़क झमाझम बारिश के साथ बड़े बड़े ओले पड़ने लगे। इससे क्षेत्र के किसानों के खेत में गेहूं व सब्जी की फसल का काफी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
खुशहलनगर प्रतिनिधि के अनुसार, शनिवार को सुबह क्षेत्र के खानपुर चौमुखा हरखा प्यास मेदनीपुर पकड़ियार आदि गांवों में अभी गेहूं की मड़ाई शुरू हो रही थी कि अचानक ओला और बारिश से गेहूं के दाने जमीन पर बिखर गए। किसान अरुण कुमार सिंह, भोला मल्ल, जगदीश मल्ल, राजेंद्र सिंह आदि ने प्रशासन से ओलावृष्टि से बर्बाद फसल का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।