फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Three men found guilty of attempted murder and sentenced to seven years in prison

Maharajganj News: जानलेवा हमले का दोष सिद्ध होने पर तीन को सुनाई सात-सात वर्ष की सजा

Sat, 29 Nov 2025 01:55 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 29 Nov 2025 01:55 AM IST
विज्ञापन
Three men found guilty of attempted murder and sentenced to seven years in prison
महराजगंज। फरेंदा थाना क्षेत्र के उदितपुर टोला झगरूपुर में खाद के गड्ढे को लेकर हुए विवाद में महिला और उसके परिजनों पर जानलेवा हमले के लगभग 12 वर्ष बाद न्यायालय ने फैसला सुनाया है। जिला जज अरविन्द मलिक की अदालत ने शुक्रवार को बहुचर्चित मामले में तीन अभियुक्तों सुभाष प्रसाद, द्वारिका प्रसाद और सुदर्शन प्रसाद को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष सश्रम कारावास व प्रत्येक को सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है।
विज्ञापन

अदालत ने माना कि अभियुक्तों का हमला पूर्व की रंजिश का परिणाम था और उन्होंने जानलेवा हमला कर गंभीर अपराध किया। अभियोजन के अनुसार, पीड़िता सरोज पुत्री राजेन्द्र भारती, निवासी उदितपुर टोला झगरूपुर ने एक जनवरी 2014 को फरेंदा थाने में तहरीर देकर बताया था कि 22 दिसंबर 2013 को खाद के गड्ढे को लेकर उसका विवाद आरोपियों से हुआ था। 1 जनवरी की सुबह वह अपनी बहन माया के साथ सब्जी और दवा लेकर मायके की ओर जा रही थी। झगरूपुर पहुंचने से कुछ दूरी पहले ही आरोपी सुभाष, द्वारिका, सुदर्शन और लालमन सड़क किनारे खड़े दिखाई दिए। जैसे ही दोनों बहनें रास्ते से गुजरीं, आरोपियों ने उनका रास्ता रोककर गाली-गलौज शुरू कर दिया और अचानक लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
विज्ञापन

तहरीर के मुताबिक, सरोज को पिटता देख उसकी बहन माया ने बचाने की कोशिश की लेकिन हमलावरों ने उस पर भी बेरहमी से प्रहार किया। दोनों की चीख-पुकार सुनकर गांव की ही कुमकुम, उसकी मां कलावती देवी और सलमा सहायता के लिए दौड़ीं, मगर आरोपियों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और लाठी-डंडों से गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद घबराई सरोज किसी तरह फरेंदा थाने पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की। जांच पूरी होने पर पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। लंबे समय तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़ित महिलाओं के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और गवाहों के साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने सभी साक्ष्यों और परिस्थितियों को परखने के बाद तीन अभियुक्तों को दोषी पाया। करीब 12 वर्ष पुराने इस मामले में फैसला आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed