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Maharajganj News: आवास के लिए पात्र भटक रहे दर-दर, झोपड़ी में हो रही गुजर-बसर
Thu, 25 Jul 2024 05:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 25 Jul 2024 05:25 AM IST
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सिंदुरिया। क्षेत्र में गरीबों को आवास नहीं मिल पा रहा है। इससे वे झोपड़ी में गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। बारिश में उनको काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा लेदवा, पतरेगवां व सिंदुरिया सहित कई गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए पात्र भटक रहे हैं। ग्राम पंचायत लेदवा निवासी सुंद्रावती व रेखा की माने तो सूची में नाम होने के बाद भी योजना के तहत चयन नहीं हुआ। कच्चे मकान में जीवन जीने को मजबूर हैं। इसी प्रकार पतरेगवा टोला शीतलापुर के रामसनेही, रामकिशुन, राजकुमार, सवरेजी, सबरू व बेईला देवी का परिवार भी प्लास्टिक के नीचे रह रहा है।
लेदवा की रेखा ने बताया कि आठ वर्ष पूर्व पति की मृत्यु के बाद से ही तीन बच्चियों के साथ आवास के लिए भटक रहीं हूं। सिंदुरिया टोला मुरलीबारी के लालू ने बताया कि कई बार आवास के लिए ब्लॉक कार्यालय में आवेदन दिया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब तो आवास पाने की आस भी छोड़ चुका हूं।
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पतरेगवां टोला शितलापुर की रामसनेही की पत्नी इंद्रावती ने बताया कि खेती के नाम पर सिर्फ 12 डिस्मिल भूमि है। परिवार में कमाने वाला एक बेटा ही था, 18 माह पहले पंजाब में उसकी मौत हो गई। पति के साथ मेहनत मजदूरी करती हूं। झोपड़ी में गुजारा हो रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का रजिस्ट्रेशन अभी नहीं हो रहा है। रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही इन सभी पात्रों को आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।
-राहुल सागर, खंड विकास अधिकारी, मिठौरा
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जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा लेदवा, पतरेगवां व सिंदुरिया सहित कई गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए पात्र भटक रहे हैं। ग्राम पंचायत लेदवा निवासी सुंद्रावती व रेखा की माने तो सूची में नाम होने के बाद भी योजना के तहत चयन नहीं हुआ। कच्चे मकान में जीवन जीने को मजबूर हैं। इसी प्रकार पतरेगवा टोला शीतलापुर के रामसनेही, रामकिशुन, राजकुमार, सवरेजी, सबरू व बेईला देवी का परिवार भी प्लास्टिक के नीचे रह रहा है।
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लेदवा की रेखा ने बताया कि आठ वर्ष पूर्व पति की मृत्यु के बाद से ही तीन बच्चियों के साथ आवास के लिए भटक रहीं हूं। सिंदुरिया टोला मुरलीबारी के लालू ने बताया कि कई बार आवास के लिए ब्लॉक कार्यालय में आवेदन दिया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब तो आवास पाने की आस भी छोड़ चुका हूं।
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पतरेगवां टोला शितलापुर की रामसनेही की पत्नी इंद्रावती ने बताया कि खेती के नाम पर सिर्फ 12 डिस्मिल भूमि है। परिवार में कमाने वाला एक बेटा ही था, 18 माह पहले पंजाब में उसकी मौत हो गई। पति के साथ मेहनत मजदूरी करती हूं। झोपड़ी में गुजारा हो रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का रजिस्ट्रेशन अभी नहीं हो रहा है। रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही इन सभी पात्रों को आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।
-राहुल सागर, खंड विकास अधिकारी, मिठौरा