{"_id":"6767134ce7142be45607a248","slug":"there-was-pressure-on-the-mother-father-and-brother-were-accused-of-murdering-the-girl-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-138724-2024-12-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: मां पर था दबाव, पिता और भाई को बनाया किशोरी की हत्या का आरोपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: मां पर था दबाव, पिता और भाई को बनाया किशोरी की हत्या का आरोपी
Sun, 22 Dec 2024 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 22 Dec 2024 12:43 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। घुघली थाना क्षेत्र के एक गांव में तेरह वर्षीय किशोरी के अपहरण, मर्डर व उसके फिर जिंदा होने की कहानी के सस्पेंस को सुझलाने के लिए पुलिस जुट गई है। हत्याकांड में मृत लड़की के चौदह माह बाद मां बन कर लौटने के बाद क्राइम फाइल के पन्ने फिर से खुलने शुरू हो गए हैं।
किशोरी की मां का कहना है कि पुलिस के लगातार दबाव के कारण मजबूर होकर कहना पड़ा कि पिता और भाई की पिटाई से किशोरी की मौत हो गई। अपहरण के मामले में तत्कालीन विवेचक भगवान बख्श सिंह को निलंबित करने के साथ तत्कालीन एसओ व हत्याकांड के विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के लिए गोरखपुर एसएसपी को पत्र भेजने के बाद एसपी सोमेन्द्र मीणा ने एडिशनल एसपी को पूरे प्रकरण की जांच का आदेश जारी कर दिया है।
इस मामले में पुलिस किशोरी की शादी के सत्यापन के साथ कई बिंदुओं पर जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। हत्याकांड में मृत किशोरी के जिंदा लौटने के बाद संदेह के घेरे में आए विवेचकों के खिलाफ कार्रवाई के बाद पुलिस इस हत्याकांड के सभी घटनाक्रम की जानकारी एकत्र करने में जुट गई है। किशोरी के परिजनों को कहा गया है कि जिस युवक से किशोरी की शादी हुई है, उसे पूछताछ के लिए बुलाएं। नहीं आने के बाद पुलिस टीम शादी का सत्यापन करने बिहार के बगहा में जा सकती है।
विज्ञापन
मामले को ऑनर कीलिंग से जोड़ने का हुआ था प्रयास
इस सनसनीखेज मामले में निचलौल क्षेत्र के माइनर में मिली अज्ञात लड़की के शव की पहचान घुघली क्षेत्र के अपहृत किशोरी के रूप में पुलिस जिन परिजनों से कराने की बात कह रही है, अब वही परिजन मुकर रहे हैं। बेटी के अपहरण का केस दर्ज कराने वाले वादी पिता को उसके पुत्र के साथ आरोपित बनाने के बाद मामले को ऑनर कीलिंग से जोड़ने का प्रयास हुआ। इस मामले में अज्ञात शव का डीएनए प्रोफाइल नहीं कराने की चूक अब विवेचकों के गले की फांस बनती दिख रही है।
घुघली पुलिस अपहरण कांड को हत्याकांड में बदल दी
बेटी की हत्या के मामले में पिता व भाई करीब ढाई माह जेल में रहे। हाईकोर्ट के आदेश से जमानत पर दोनों रिहा किए गए। लड़की के मां के जिस बयान के बाद घुघली पुलिस अपहरण कांड को हत्याकांड में बदल दी, उसी मां का कहना है कि स्थानीय पुलिस लगातार उसके परिवार पर अपराध कबूल करने का दबाव बना रही थी। इसी दबाव के चलते 26 जुलाई 2023 को वह पुलिस को बताई कि 19 जुलाई 2023 को उसके पति व बेटे ने उसकी बेटी को मारा-पीटा और इसी कारण उसकी मृत्यु हो गई। पर, जिस अज्ञात युवती के शव की पहचान के बाद पोस्टमार्टम कराया गया, उसकी रिपोर्ट ने मां के बयान को झुठलाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतका की मृत्यु लगभग 21 जुलाई 2023 को हुई थी, जबकि पत्नी के बयान के अनुसार यह घटना 19 जुलाई 2023 की है। यह समय का अंतर पुलिस के दबाव के कारण दिए गए बयानों को संदिग्ध बनाया। पिता व भाई का कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं था। किशोरी की हत्या का ठोस सबूत भी पुलिस पेश नहीं कर पाई। पुलिस अपनी लिखी पटकथा में पिता व भाई को मुजरिम बना दी। यही सब कारण जमानत का आधार बना। अब किशोरी के जिंदा लौटने के बाद घुघली पुलिस की सभी थ्यौरी सवालों में घिर गई है।
मृत किशोरी के जिंदा लौटने के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। विवेचक पर कार्रवाई हो चुकी है। किशोरी की शादी का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए उसके ससुराल पक्ष व पति को बुलाने को कहा गया है। विस्तृत जांच के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारी को दी जाएगी।
आतिश कुमार सिंह- अपर पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
किशोरी की मां का कहना है कि पुलिस के लगातार दबाव के कारण मजबूर होकर कहना पड़ा कि पिता और भाई की पिटाई से किशोरी की मौत हो गई। अपहरण के मामले में तत्कालीन विवेचक भगवान बख्श सिंह को निलंबित करने के साथ तत्कालीन एसओ व हत्याकांड के विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के लिए गोरखपुर एसएसपी को पत्र भेजने के बाद एसपी सोमेन्द्र मीणा ने एडिशनल एसपी को पूरे प्रकरण की जांच का आदेश जारी कर दिया है।
विज्ञापन
इस मामले में पुलिस किशोरी की शादी के सत्यापन के साथ कई बिंदुओं पर जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। हत्याकांड में मृत किशोरी के जिंदा लौटने के बाद संदेह के घेरे में आए विवेचकों के खिलाफ कार्रवाई के बाद पुलिस इस हत्याकांड के सभी घटनाक्रम की जानकारी एकत्र करने में जुट गई है। किशोरी के परिजनों को कहा गया है कि जिस युवक से किशोरी की शादी हुई है, उसे पूछताछ के लिए बुलाएं। नहीं आने के बाद पुलिस टीम शादी का सत्यापन करने बिहार के बगहा में जा सकती है।
विज्ञापन
मामले को ऑनर कीलिंग से जोड़ने का हुआ था प्रयास
इस सनसनीखेज मामले में निचलौल क्षेत्र के माइनर में मिली अज्ञात लड़की के शव की पहचान घुघली क्षेत्र के अपहृत किशोरी के रूप में पुलिस जिन परिजनों से कराने की बात कह रही है, अब वही परिजन मुकर रहे हैं। बेटी के अपहरण का केस दर्ज कराने वाले वादी पिता को उसके पुत्र के साथ आरोपित बनाने के बाद मामले को ऑनर कीलिंग से जोड़ने का प्रयास हुआ। इस मामले में अज्ञात शव का डीएनए प्रोफाइल नहीं कराने की चूक अब विवेचकों के गले की फांस बनती दिख रही है।
घुघली पुलिस अपहरण कांड को हत्याकांड में बदल दी
बेटी की हत्या के मामले में पिता व भाई करीब ढाई माह जेल में रहे। हाईकोर्ट के आदेश से जमानत पर दोनों रिहा किए गए। लड़की के मां के जिस बयान के बाद घुघली पुलिस अपहरण कांड को हत्याकांड में बदल दी, उसी मां का कहना है कि स्थानीय पुलिस लगातार उसके परिवार पर अपराध कबूल करने का दबाव बना रही थी। इसी दबाव के चलते 26 जुलाई 2023 को वह पुलिस को बताई कि 19 जुलाई 2023 को उसके पति व बेटे ने उसकी बेटी को मारा-पीटा और इसी कारण उसकी मृत्यु हो गई। पर, जिस अज्ञात युवती के शव की पहचान के बाद पोस्टमार्टम कराया गया, उसकी रिपोर्ट ने मां के बयान को झुठलाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतका की मृत्यु लगभग 21 जुलाई 2023 को हुई थी, जबकि पत्नी के बयान के अनुसार यह घटना 19 जुलाई 2023 की है। यह समय का अंतर पुलिस के दबाव के कारण दिए गए बयानों को संदिग्ध बनाया। पिता व भाई का कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं था। किशोरी की हत्या का ठोस सबूत भी पुलिस पेश नहीं कर पाई। पुलिस अपनी लिखी पटकथा में पिता व भाई को मुजरिम बना दी। यही सब कारण जमानत का आधार बना। अब किशोरी के जिंदा लौटने के बाद घुघली पुलिस की सभी थ्यौरी सवालों में घिर गई है।
मृत किशोरी के जिंदा लौटने के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। विवेचक पर कार्रवाई हो चुकी है। किशोरी की शादी का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए उसके ससुराल पक्ष व पति को बुलाने को कहा गया है। विस्तृत जांच के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारी को दी जाएगी।
आतिश कुमार सिंह- अपर पुलिस अधीक्षक