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Maharajganj News: दिल्ली से घर पहुंचा युवक का शव तो मच गया कोहराम
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रोजी-रोटी के लिए दिल्ली कमाने गया था युवक, सीढ़ियों से गिरकर हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरेंदा। परिवार के भरण पोषण के लिए दिल्ली कमाने गए युवक की मौत के बाद मंगलवार को युवक का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। युवक की मौत पर गांव में मातम पसरा रहा।
नगर पंचायत के वार्ड नंबर एक आंबेडकरनगर निवासी संतोष यादव (35) करीब एक महीने पूर्व परिवार के भरण-पोषण के लिए दिल्ली कमाने गए थे। जहां किसी दुकान में मजदूरी का काम करते थे। शनिवार की रात किसी काम से छत पर सीढ़ियो के सहारे जा रहे थे कि उसी दौरान उनका पैर फिसला और वह गिर पड़े। उनको गंभीर चोटें आई। स्थानीय लोग इलाज के लिए दिल्ली के ही एक निजी अस्पताल में ले गए जहां रविवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
युवक के मौत की सूचना घर पहुंची तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मंगलवार की सुबह दिल्ली से शव उनके घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग दरवाजे पर जुट गए। पत्नी रीता पति के शव से लिपट कर रो-रो कर बेसुध हो रही थी। बेटा रामलखन (12), अनूप (9) व बेटी अंशिका (7) पिता के शव को देख कर बिलख रहे थे। युवक की बूढ़ी मां के आंखों से आंसू थमने का नाम नही ले रहे थे। मौजूद लोग सांत्वना दे रहे थे लेकिन परिजनों की चीख पुकार से माहौल पूरी तरह से गमगीन हो उठा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरेंदा। परिवार के भरण पोषण के लिए दिल्ली कमाने गए युवक की मौत के बाद मंगलवार को युवक का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। युवक की मौत पर गांव में मातम पसरा रहा।
नगर पंचायत के वार्ड नंबर एक आंबेडकरनगर निवासी संतोष यादव (35) करीब एक महीने पूर्व परिवार के भरण-पोषण के लिए दिल्ली कमाने गए थे। जहां किसी दुकान में मजदूरी का काम करते थे। शनिवार की रात किसी काम से छत पर सीढ़ियो के सहारे जा रहे थे कि उसी दौरान उनका पैर फिसला और वह गिर पड़े। उनको गंभीर चोटें आई। स्थानीय लोग इलाज के लिए दिल्ली के ही एक निजी अस्पताल में ले गए जहां रविवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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युवक के मौत की सूचना घर पहुंची तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मंगलवार की सुबह दिल्ली से शव उनके घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग दरवाजे पर जुट गए। पत्नी रीता पति के शव से लिपट कर रो-रो कर बेसुध हो रही थी। बेटा रामलखन (12), अनूप (9) व बेटी अंशिका (7) पिता के शव को देख कर बिलख रहे थे। युवक की बूढ़ी मां के आंखों से आंसू थमने का नाम नही ले रहे थे। मौजूद लोग सांत्वना दे रहे थे लेकिन परिजनों की चीख पुकार से माहौल पूरी तरह से गमगीन हो उठा।
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