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Maharajganj News: 9.5 लाख गबन के आरोप में बृजमनगंज के तत्कालीन डाक सहायक निलंबित
Sun, 01 Jun 2025 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 01 Jun 2025 12:45 AM IST
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महराजगंज। बृजमनगंज डाकघर में तैनात तत्कालीन डाक सहायक को 9.5 लाख गबन के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जनवरी में मामला सामने आया था। तभी से इसे लेकर विभाग में माथापच्ची हो रही थी। इसमें देरी को लेकर विभाग के कुछ जिम्मेदार कतरा रहे थे, लेकिन मामला बढ़ता देख किनारा कस लिए।
इस मामले में अमर उजाला में 24 मई के अंक में नियम कानून के पेच में उलझी घोटाले की जांच शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद से डाक विभाग में खलबली मच गई। मामले को लेकर किनारा कसने वाले जिम्मेदाराें ने गंभीर रूख अख्तियार किया। इसके बाद जांच की कार्रवाई आगे बढ़ी। आठ दिन के अंदर मामले में प्राथमिक स्तर की कार्रवाई की गई। सूत्रों की माने तो प्रकरण में जिम्मेदार डाक सहायक को बचाने में लगे थे। दूसरी ओर से डाक सहायक की ओर से मामले में बचाव के लिए विधिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
बृजमनगंज पोस्टऑफिस के तत्कालीन डाक सहायक पर आरोप है कि डाक जीवन बीमा (पीएलआई) 9,50,000 रुपये का गबन किए हैं। बीते साल जनवरी में मामले की पोल खुली। इसकी जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में आरोप के सत्यता की परख करने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। प्रवर अधीक्षक डाकघर की ओर से सख्त कदम उठाते हुए डाक सहायक को निलंबित कर दिया गया।
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गबन राशि की रिकवरी के लिए उनके सभी खातों को फ्रीज करने के लिए पोस्टमास्टर महराजगंज को निर्देश मिला है। प्रवर अधीक्षक डाकघर, गोरखपुर मंडल ने पीएलआई एवं अन्य स्कीम में सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया है ताकि इनकी ओर से सभी घोटालों को प्रकाश में लाया जा सके।
पहले भी मामला आया था सामले : वर्ष 2022 में तत्कालीन डाक सहायक की ओर से खाताधारक दूरपाती देवी और केशव प्रसाद के खाते में की गई हेराफेरी के चलते उन्हें विभागीय दंड दिया गया था। हालांकि, तब कोई कठोर कार्रवाई न होने की वजह से अन्य मामलों की जांच ठंडे बस्ते में चली गई थी।
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इस मामले में अमर उजाला में 24 मई के अंक में नियम कानून के पेच में उलझी घोटाले की जांच शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद से डाक विभाग में खलबली मच गई। मामले को लेकर किनारा कसने वाले जिम्मेदाराें ने गंभीर रूख अख्तियार किया। इसके बाद जांच की कार्रवाई आगे बढ़ी। आठ दिन के अंदर मामले में प्राथमिक स्तर की कार्रवाई की गई। सूत्रों की माने तो प्रकरण में जिम्मेदार डाक सहायक को बचाने में लगे थे। दूसरी ओर से डाक सहायक की ओर से मामले में बचाव के लिए विधिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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बृजमनगंज पोस्टऑफिस के तत्कालीन डाक सहायक पर आरोप है कि डाक जीवन बीमा (पीएलआई) 9,50,000 रुपये का गबन किए हैं। बीते साल जनवरी में मामले की पोल खुली। इसकी जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में आरोप के सत्यता की परख करने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। प्रवर अधीक्षक डाकघर की ओर से सख्त कदम उठाते हुए डाक सहायक को निलंबित कर दिया गया।
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गबन राशि की रिकवरी के लिए उनके सभी खातों को फ्रीज करने के लिए पोस्टमास्टर महराजगंज को निर्देश मिला है। प्रवर अधीक्षक डाकघर, गोरखपुर मंडल ने पीएलआई एवं अन्य स्कीम में सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया है ताकि इनकी ओर से सभी घोटालों को प्रकाश में लाया जा सके।
पहले भी मामला आया था सामले : वर्ष 2022 में तत्कालीन डाक सहायक की ओर से खाताधारक दूरपाती देवी और केशव प्रसाद के खाते में की गई हेराफेरी के चलते उन्हें विभागीय दंड दिया गया था। हालांकि, तब कोई कठोर कार्रवाई न होने की वजह से अन्य मामलों की जांच ठंडे बस्ते में चली गई थी।