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अस्पताल में स्वीपर को छोड़ बाकी नदारद मिले
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Sun, 01 Jul 2018 01:21 AM IST
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अस्पताल में स्वीपर को छोड़ बाकी नदारद मिले
- फोटो : अमर उजाला
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निचलौल (महराजगंज)। नवागत एसडीएम देवेंद्र कुमार शनिवार की सुबह सीएचसी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां का हाल देख सकते में आ गए। अस्पताल में एक सफाई कर्मी को छोड़ कर सभी कर्मचारी नदारद मिले। इसके बाद एसडीएम ने पूरे अस्पताल का मुआयना किया और मरीजों से बात कर सीएचसी में सुविधाओं और इमरजेंसी इलाज के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मरीजों की समस्याएं भी सुनीं।
उधर, एसडीएम के पहुंचने की जानकारी मिलने पर एक-एक कर पहुंचे चिकित्सक व अधीक्षक से एसडीएम ने नाराजगी जताई। साथ ही दायित्व के प्रति सजग रहने की नसीहत दी। एसडीएम ने अस्पताल में व्याप्त कमियों की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत भी कराया। शनिवार की सुबह करीब 9:15 बजे सीएचसी परिसर पहुंचे एसडीएम देवेंद्र कुमार वहां का हाल देख दंग रह गये। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लोगों की भीड़ दिखी। इस पर एसडीएम ने लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि काउंटर पर सुबह दस बजे से पर्ची कटती है। इसके बाद एसडीएम सीधे अधीक्षक के चेंबर में पहुंचे। मेज पर मिले रजिस्टर को देखा और एक - एक कर सभी डॉक्टरों के चेंबर को देखने के बाद एक्सरे रूम में पहुंचे। यहां भी कोई नहीं मिला। इमेरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों का हाल जानने के बाद एसडीएम बगल के महिला अस्पताल पहुंचे। यहां की स्थिति तो और भी खराब मिली। यहां एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। अस्पताल में कई जच्चा बच्चा पडे़ हुए थे। एसडीएम ने अस्पताल में भर्ती महिलाओं से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। इलाज और डॉक्टरों की मौजूदगी के साथ ही भोजन और नाश्ते के बारे में भी जानकारी ली। उधर, एसडीएम के आने की भनक लगने पर भागे-भागे अधीक्षक डॉक्टर डीएन सिंह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एसडीएम को अस्पताल की व्यवस्था के बारे में सफाई देनी चाही तो एसडीएम ने अस्पताल में फैली गंदगी का जिक्र कर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधीक्षक से कहा कि जब अस्पताल में साफ-सफाई तक ठीक से नहीं हो पा रही है तो मरीजों का बेहतर इलाज कैसे हो रहा होगा, यह खुद ही समझा जा सकता है।
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उधर, एसडीएम के पहुंचने की जानकारी मिलने पर एक-एक कर पहुंचे चिकित्सक व अधीक्षक से एसडीएम ने नाराजगी जताई। साथ ही दायित्व के प्रति सजग रहने की नसीहत दी। एसडीएम ने अस्पताल में व्याप्त कमियों की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत भी कराया। शनिवार की सुबह करीब 9:15 बजे सीएचसी परिसर पहुंचे एसडीएम देवेंद्र कुमार वहां का हाल देख दंग रह गये। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लोगों की भीड़ दिखी। इस पर एसडीएम ने लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि काउंटर पर सुबह दस बजे से पर्ची कटती है। इसके बाद एसडीएम सीधे अधीक्षक के चेंबर में पहुंचे। मेज पर मिले रजिस्टर को देखा और एक - एक कर सभी डॉक्टरों के चेंबर को देखने के बाद एक्सरे रूम में पहुंचे। यहां भी कोई नहीं मिला। इमेरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों का हाल जानने के बाद एसडीएम बगल के महिला अस्पताल पहुंचे। यहां की स्थिति तो और भी खराब मिली। यहां एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। अस्पताल में कई जच्चा बच्चा पडे़ हुए थे। एसडीएम ने अस्पताल में भर्ती महिलाओं से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। इलाज और डॉक्टरों की मौजूदगी के साथ ही भोजन और नाश्ते के बारे में भी जानकारी ली। उधर, एसडीएम के आने की भनक लगने पर भागे-भागे अधीक्षक डॉक्टर डीएन सिंह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एसडीएम को अस्पताल की व्यवस्था के बारे में सफाई देनी चाही तो एसडीएम ने अस्पताल में फैली गंदगी का जिक्र कर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधीक्षक से कहा कि जब अस्पताल में साफ-सफाई तक ठीक से नहीं हो पा रही है तो मरीजों का बेहतर इलाज कैसे हो रहा होगा, यह खुद ही समझा जा सकता है।
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