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Maharajganj News: स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया सुस्त, जिम्मेदार बेखबर
Fri, 28 Feb 2025 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 28 Feb 2025 12:44 AM IST
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महराजगंज। स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया सुस्त गति से चल रही है। अब तक केवल 12 हजार मीटर ही लगाए गए हैं, जबकि जिले में कुल उपभोक्ताओं की संख्या 4,63,508 है।
विद्युत निगम की लापरवाही के कारण यह कार्य बेहद सुस्त गति से आगे बढ़ रहा है। इससे उपभोक्ताओं को आधुनिक बिजली बिलिंग प्रणाली का लाभ मिलने में देरी हो रही है। जानकारी के अनुसार, जिले में सबसे पहले जिला मुख्यालय समेत चारों तहसीलों के सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
इसके बाद नगर निकायों में मीटर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, विद्युत सब-स्टेशनों, गांवों में लगे ट्रांसफाॅर्मरों और उनसे जुड़े घरों में भी स्मार्ट मीटर लगाने कि योजना है। हालांकि, अभी तक जिले के चारों विद्युत डिवीजनों में केवल 12 हजार स्मार्ट मीटर ही लगाए गए हैं। फिलहाल जो स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं वे पोस्टपेड सिस्टम पर काम करेंगे।
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यानी उपभोक्ताओं को हर महीने ऑनलाइन बिल मिलेगा, जिसमें मीटर की रीडिंग, देय राशि और भुगतान की अंतिम तिथि की जानकारी दर्ज होगी। बाद में इन मीटरों को प्रीपेड प्रणाली में बदला जाएगा। प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को मोबाइल की तरह रिचार्ज करना होगा।
यदि मीटर में क्रेडिट समाप्त हो जाएगा, तो बिजली आपूर्ति अपने आप बंद हो जाएगी। उपभोक्ता अपने मोबाइल से ही मीटर रिचार्ज कर सकेंगे, जिससे उन्हें बिजली बिल भुगतान में अधिक पारदर्शिता और सुविधा मिलेगी।
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विद्युत निगम की लापरवाही के कारण यह कार्य बेहद सुस्त गति से आगे बढ़ रहा है। इससे उपभोक्ताओं को आधुनिक बिजली बिलिंग प्रणाली का लाभ मिलने में देरी हो रही है। जानकारी के अनुसार, जिले में सबसे पहले जिला मुख्यालय समेत चारों तहसीलों के सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
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इसके बाद नगर निकायों में मीटर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, विद्युत सब-स्टेशनों, गांवों में लगे ट्रांसफाॅर्मरों और उनसे जुड़े घरों में भी स्मार्ट मीटर लगाने कि योजना है। हालांकि, अभी तक जिले के चारों विद्युत डिवीजनों में केवल 12 हजार स्मार्ट मीटर ही लगाए गए हैं। फिलहाल जो स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं वे पोस्टपेड सिस्टम पर काम करेंगे।
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यानी उपभोक्ताओं को हर महीने ऑनलाइन बिल मिलेगा, जिसमें मीटर की रीडिंग, देय राशि और भुगतान की अंतिम तिथि की जानकारी दर्ज होगी। बाद में इन मीटरों को प्रीपेड प्रणाली में बदला जाएगा। प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को मोबाइल की तरह रिचार्ज करना होगा।
यदि मीटर में क्रेडिट समाप्त हो जाएगा, तो बिजली आपूर्ति अपने आप बंद हो जाएगी। उपभोक्ता अपने मोबाइल से ही मीटर रिचार्ज कर सकेंगे, जिससे उन्हें बिजली बिल भुगतान में अधिक पारदर्शिता और सुविधा मिलेगी।