फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   The price of land also increased

Maharajganj News: शहर का दायरा ही नहीं जमीनों का भाव भी बढ़ गया

Sun, 03 Mar 2024 01:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sun, 03 Mar 2024 01:22 AM IST
विज्ञापन
The price of land also increased
महराजगंज। बदलते शहर के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। होटल रेस्टोरेंट, अस्पताल समेत अन्य सुविधाओं का विस्तार होने से जमीनों के रेट बढ़ गए हैं। गुजरे वक्त में जहां की जमीन कोई नहीं पूछता था, वहां अब तीन गुने रेट में बिक रही हैं। शहर के अलग-अलग तेजी से विस्तार हो रहा है। गुजरे वक्त के साथ बहुत कुछ बदल गया है। शहर के करीब के गांव भी अब नगर में शामिल हो गए हैं, उस क्षेत्र में भी तेजी से विकास हो रहा है।
विज्ञापन

गुजरे वक्त में गांव जैसे दिखने वाले महराजगंज नगर पालिका परिषद की आबादी अब करीब 60 हजार हो गई है। 25 मोहल्लों में बटी नगर पालिका में आसपास के गांव शामिल हैं। वहां भी अब शहरी सुविधा मिल रही है। सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी जरूरतों को बेहतर किया जा रहा है। करीब दस साल पहले नगर पालिका की आबादी 40 हजार के करीब थी। हाईवे, अस्पताल, मेडिकल काॅलेज, स्कूल, दुकानें, मॉल आदि का विस्तार हुआ है।
विज्ञापन

शहर में निजी अस्पतालों की संख्या करीब 30 होगी। सरकारी उपयोग के लिए करीब 200 हेक्टेयर भूमि सरकार की ओर से खरीदी गई। इस तरह से विकास की तमाम योजनाएं आने से शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जमीनों के भाव आसमान छू रहे हैं। सबसे तेजी से विकास फरेंदा रोड पर हो रहा है। दूसरे नंबर पर गोरखपुर रोड तो तीसरे नंबर पर निचलौल रोड है। इन तीनों इलाकों में जमीनों के भाव ज्यादा हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

गोरखपुर रोड से होकर आने पर शिकारपुर से ही अहसास होने लगता है कि शहर आने वाला है। इस रोड पर करीब दस साल पहले कोई जमीन नहीं खरीदना चाहता था, लेकिन बड़े-बड़े, निर्माणाधीन होटल आदि देखकर जमीनों की ऐसी खरीद हुई कि अब ढूंढने पर भी नहीं मिल रही है। अगर सड़क के किनारे जमीन खाली भी है तो उसके भाव सुनकर आम आदमी किनारा कस लेगा। इस रोड से होकर आगे आने पर बरवा विद्यापति के 80 वर्षीय दीनानाथ मिले। उन्होंने बताया कि गांव के सामने पहले सड़क भी चौड़ी नहीं थी।
गोरखपुर जाने के लिए हिचखोले खाते हुए जाने पड़ते थे, लेकिन अब तक बदलाव की बयार में बहुत कुछ दिख रहा है। फरेंदा रोड पर पकड़ी चौराहे तक जमीनों के भाव बढ़ गए हैं, यही नहीं खुटहा रोड पर पकड़ी से आगे बढ़ने पर मेडिकल कॉलेज के आसपास तो जमीनें लोग खरीद रहे हैं। इधर, तो तीन साल पहले कोई जमीन खरीदना नहीं चाहता था। पकड़ी के सुरेंद्रनाथ जायसवाल ने बताया कि सुना है कि मेडिकल कॉलेज तक सड़क चौड़ी होगी। इस क्षेत्र में जमीनों के दलाल अधिक आने लगे हैं।
जमीनों के रेट देकर अपने हिसाब से प्लाटिंग कर बेचने की तैयारी बना रहे हैं। इसी तरह से निचलौल रोड पर पुलिस लाइन, डायट, नवोदय विद्यालय समेत अन्य सरकारी संस्थान हैं, इस तरफ लोगों का रूझान है, लेकिन सबसे ज्यादा फरेंदा रोड की ओर जमीनों के भाव बढ़ रहे हैं। जमीनों के जानकार कहते हैं कि सर्किल रेट इस वजह से सरकार नहीं बढ़ा रही है कि विकास की तमाम परियोजनाएं संचालित हैं, रेट बढ़ने से जमीनों के भाव भी उसी हिसाब से देने होंगे।
-------------------
महराजगंज शहर में प्रमुख बदलाव
-मेडिकल कॉलेज का निर्माण
-गोरखपुर-महराजगंज-फरेंदा हाईवे बनना
-शहर में निजी अस्पतालों का संचालन
-शहर में बड़े-बडे़, माल, शो रूम का संचालन
-स्कूल, कॉलेज का निर्माण
-रेलवे के लिए जमीन का अधिग्रहण
-सक्सेना चौक पर क्लाक टावर, पार्क का निर्माण
-रिसार्ट का निर्माण, अत्याधुनिक होटल बनना
---------------------------------------
शहर में तो बहुत कुछ बदल गया है। गुजरे वक्त की बात करें तो जमीन आसमान का अंतर नजर आता है। बैनामा कराने वालों की संख्या भी बढ़ी है। बाहर से आने वाले यहां जमीन खरीद रहे हैं। शहर से लेकर चौराहे तक की तस्वीर बदल गई है।
-अंबिका त्रिपाठी, अधिवक्ता
-----------------------
विकास कार्य होने से बदलाव दिख रहा है। सड़क, स्कूल, कॉलेज, अस्पतालों का विस्तार हुआ तो यहां भी जमीन के भाव बढ़ने लगे। शहर का विस्तार भी हुआ है। इससे कुछ साल पहले दिखने वाले गांव भी अब शहर जैसे हो गए हैं।

-सतीश सोनी, कारोबारी
--------------------
बदलाव होने से लोगों की जीवन शैली भी बदल गई है। सरकार बेहतर काम रही है। फर्राटा भरते हुए वाहन गोरखपुर फरेंदा पहुंच रहे हैं। अस्पताल होने से त्वरित इलाज की सुविधा मिल रही है। शहर का तेजी से विकास हुआ है।
-संजीव कश्पय, कारोबारी
--------------
गुजरे वक्त में काम नहीं मिलता था, लेकिन अब तक नक्शा बनवाने के साथ-साथ निर्माण कराने का भी काम मिल रहा है। यह सब कुछ बदलाव होने के कारण हो रहा है। आने वाले दिनों में शहर की अच्छी तस्वीर दिखेगी। लोगों को जमीनों के अच्छे भाव मिलेंगे। कभी गड्ढा दिखने वाली जमीनों पर घर बने गए हैं। सड़क के किनारे कहीं जमीन खाली नहीं मिल रही है।
-केएम सिंह, आर्किटेक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed