फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   The month of Ramadan gives the message of cleanliness and environmental protection.

Maharajganj News: स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है रमजान का महीना

Wed, 11 Mar 2026 02:07 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Mar 2026 02:07 AM IST
विज्ञापन
The month of Ramadan gives the message of cleanliness and environmental protection.
आज पूरी दुनिया पर्यावरण संकट की चुनौती का कर रही सामना
विज्ञापन

सिसवा बाजार। आज पूरी दुनिया पर्यावरण संकट की चुनौती का सामना कर रही है। बढ़ता प्रदूषण, प्लास्टिक कचरा और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग धरती के संतुलन को प्रभावित कर रहा है। ऐसे समय में रमजान का महीना हमें केवल इबादत ही नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी संदेश देता है। इस्लाम में साफ-सफाई, संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की कद्र करने की शिक्षा दी गई है जो पर्यावरण संरक्षण के मूल सिद्धांतों से मेल खाती है।

अजीजी जामा मस्जिद मिस्कारी टोला के इमाम मौलाना खुश मोहम्मद ने बताया कि रमजान के दौरान मस्जिदों, घरों और सार्वजनिक स्थानों पर इफ्तार और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन होता है। कई बार इन आयोजनों में प्लास्टिक की प्लेटें, कप और थैलियों का अधिक उपयोग किया जाता है, जिससे कचरे की मात्रा बढ़ जाती है।
विज्ञापन

यदि इनकी जगह पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाए जाए, जैसे स्टील या कागज के बर्तन, तो इससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। खाने-पीने की चीजों के मामले में भी संतुलन जरूरी है। अक्सर इफ्तार के दौरान जरूरत से ज्यादा भोजन तैयार किया जाता है। इसमें निर्माण सामग्री का एक हिस्सा कचरे में चला जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भोजन की बर्बादी केवल आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि यह प्राकृतिक संसाधनों की भी अनदेखी है, क्योंकि हर भोजन के पीछे पानी, मेहनत और ऊर्जा का उपयोग होता है। यदि हम उतना ही भोजन तैयार करें, जितनी जरूरत हो और बचा हुआ भोजन जरूरतमंदों तक पहुंचाएं, तो यह पर्यावरण और समाज दोनों के लिए लाभदायक होगा। रमजान का एक महत्वपूर्ण पहलू साफ-सफाई भी है।
इस महीने में लोग अपने घरों और आसपास के वातावरण को साफ सुथरा रखने पर विशेष ध्यान देते हैं। यही आदत यदि पूरे साल बनी रहे तो शहर और मोहल्ले स्वच्छ और स्वस्थ रह सकते हैं। मस्जिदों और बाजारों के आसपास सफाई बनाए रखना भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है। पानी का सही उपयोग भी पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वुजू के दौरान कई बार जरूरत से ज्यादा पानी बहा दिया जाता है, जबकि इस्लाम में पानी की बचत की शिक्षा दी गई है।
अगर हर व्यक्ति इस बात का ध्यान रखे कि पानी का संतुलित और जिम्मेदारी के साथ ही उपयोग करना है, तो यह एक बड़ा सकारात्मक कदम हो सकता है। रमजान का संदेश केवल व्यक्तिगत सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए भलाई और बराबरी का रास्ता दिखाता है। यदि इस पवित्र महीने में हम पर्यावरण के प्रति जागरूकता को अपने व्यवहार का हिस्सा बना लें, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

इस प्रकार रमजान हमें यह सिखाता है कि इंसान केवल अपने लिए नहीं, बल्कि प्रकृति और समाज के लिए भी जिम्मेदार है। पर्यावरण की रक्षा करना भी एक तरह की सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। अगर हम इस महीने में छोटे-छोटे कदम उठाकर पर्यावरण को बचाने का प्रयास करें, तो यह इबादत के साथ-साथ इंसानियत की सेवा भी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed