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Maharajganj News: बीच का हिस्सा प्रभुत्व से नहीं, संवेदना से संवरेगा...

Mon, 26 Feb 2024 05:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Mon, 26 Feb 2024 05:23 PM IST
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The middle part will be decorated with sensitivity, not dominance.
महराजगंज। प्रगतिशील लेखक संघ की ओर से महाराजगंज के हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने मानव की महत्ता को रेखांकित करते हुए ठहरे हुए लोकतंत्र, भाषा के तेवर को लेकर गंभीर चिंतन किया।
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कवयित्री सरिता त्रिपाठी ने मानव की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि बीच का हिस्सा प्रभुत्व से नहीं, संवेदना से संवरेगा...,। सरिता त्रिपाठी ने जाति और मजहब से हिंदुस्तान की संकल्पना को दोहराया।
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सिद्धार्थनगर के शायर शिवसागर सहर ने-होने लगी है, इसलिए सूरज की किरकिरी जुगनू की तरक्की से परेशान बहुत है...के माध्यम से लोगों को कुरेदा। सिद्धार्थनगर से आए ब्रह्मदेव शास्त्री पंकज ने अपने व्यंग्यों के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक अंतर विरोधों पर प्रहार किया। देवेश पांडे ने इश्क बा दिया इश्क बा बाती इश्क से रोशन सगरो जग बा...के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। व्यंग्यगकार संतोष कुमार श्रीवास्तव ने निर्वाचित सम्मान लिए घोटाले हैं, दूध भात के कुत्ते हमने पाले हैं, भौंक रहे हैं देख-देख कर सपनों को, तिल को ताड़ बनाते ऊपर वाले हैं...के द्वारा अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। एडवोकेट कवि सुरेंद्र सिंह ने सामाजिक बुराइयों पर प्रहार करते हुए इकलौता बाप का इकलौता बेटा हूं, पर बाप के सिवाय किसी से अलगाव नहीं था, कर्मकांड दिखाना बहुत जरूरी था, क्योंकि ढोंग रखने के खिलाफ गांव नहीं था।
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पवन कुमार श्रीवास्तव, सुरेंद्र पटेल, राजेश स्वर्णकर, पवन कुमार पांडे, अब्दुल हकीम ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक बुराइयों, सामाजिक अंतर विरोधों, तथा जाति और मजहब में बढ़ते हुए समाज के दर्द को रेखांकित किया।

काव्य गोष्ठी के अंत में अध्यक्ष डॉ. आरके मिश्र ने कहा कि बिना अंधकार के प्रकाश की संकल्पना संभव नहीं है, इसलिए प्रकाश की संकल्पना के साथ आगे बढ़े। इस अवसर पर महासचिव कृष्ण मोहन अग्रवाल, उपाध्यक्ष डॉ. घनश्याम शर्मा, सीजे थॉमस, सुशील शुक्ला, डॉ. शांतिशरण मिश्रा मौजूद रहे।
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