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Maharajganj News: 50 लाख रुपये का हाट बदहाल, नहीं लगता बाजार

Tue, 27 May 2025 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 27 May 2025 01:16 AM IST
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The market worth Rs 50 lakh is in bad shape, no market is held
ठूठीबारी। 50 लाख रुपये खर्च कर सरकार की ओर से नौनियां गांव में बनवाए गए सरस हाट में लगने वाला बाजार लॉकडाउन से ही बंद है। इससे क्षेत्र के गांवों में सब्जी की खेती करने वाले किसान परेशान हैं।
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उन्हें अपनी सब्जी बेचने के लिए दूर-दराज की मंडियों में जाना पड़ रहा है। वहीं रख-रखाव न होने से हाट में बनीं दुकानें धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होती जा रही हैं। दुकान में लगे शटर इत्यादि अराजक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है।
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निचलौल ब्लाॅक के अंतर्गत ग्राम सभा नौनियां में पूर्व विधायक अवनिंद्र नाथ द्विवेदी उर्फ महंथ दूबे के प्रस्ताव पर सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए लगभग 50 लाख रुपये की लागत से 2006-7 में ग्राम सभा के उत्तर ग्राम सभा की भूमि पर सरस हाट का निर्माण कराया गया था।
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इसके परिसर में बाजार लगाने के लिए 16 कमरे और दो टीनशेड में बैठने और एक शौचालय बना हुआ है। सतेंद्र नाथ द्विवेदी, हरीनारायण शर्मा, शहाबुद्दीन, बनवारी यादव, अरविंद गुप्ता, रजनीश त्रिपाठी, सचिंद्र नाथ द्विवेदी, अवधेश यादव, सुब्बा, झीनक गुप्ता, लक्ष्मण मद्धेशिया ने बताया कि हाट को सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रचार-प्रसार के निमित्त ग्राम सभा ने यहां तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जो सफल रहा।
इसके बाद शुक्रवार के दिन यहां बड़े पैमाने पर बाजार लगना शुरु हो गया, जिसे मिनी मंडी के नाम से भी लोग जानने लगे। हाट में कोई सुविधा शुल्क न लगने से क्षेत्र में सब्जी की फसल उगाने वाले किसान अपनी सब्जी उचित मूल्य पर बेचकर अच्छा मुनाफा कमाकर खुशहाल थे। मगर सन-2020 में कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन लगने के बाद हाट में बाजार लगना बंद हो गया। तब से सरस हाट अपनी बदहाली पर आंसू बहाते हुए दुकानदारों की राह निहार रहा है।

प्रहलाद चौधरी, निवासी चटिया ने बताया कि सरस हाट में किसी प्रकार का सुविधा शुल्क नहीं लगता था। बाजार में मैं हरी सब्जी की दुकान लगाता था। वहां अच्छी बिक्री हो जाती थी। हरी वरुण, निवासी डगरुपुर ने बताया कि सरस हाट में बाजार लगने से हरी सब्जियां बेचने के लिए दूर दराज बाजारों में नहीं जाना पड़ता था। यहां बाजार न लगने से समस्याएं बढ़ गई हैं।
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