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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   The innocent child had approached the pit after spotting a frog; he lost his balance, fell in, and drowned.

Maharajganj News: मेंढक देख गड्ढे के पास पहुंचा था मासूम, संतुलन बिगड़ने से गिरकर डूबा

Mon, 20 Jul 2026 01:51 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2026 01:51 AM IST
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The innocent child had approached the pit after spotting a frog; he lost his balance, fell in, and drowned.
घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
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सीसीटीवी कैमरे में घर से जाते समय कैद हुआ था विकेश
महराजगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र के बड़हरा रानी गांव में शनिवार को हुई छह वर्षीय मासूम विकेश की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। हादसे पर ग्रामीणों का कहना है कि यदि खेत में बना गड्ढा समय रहते भर दिया गया होता या उसके आसपास सुरक्षा की व्यवस्था होती तो आज विकेश अपने परिवार के बीच होता।

पिता सुखलाल के अनुसार, शनिवार की दोपहर करीब 1.39 बजे विकेश घर से बाहर निकला। घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में उसके बाहर जाते हुए दृश्य भी रिकॉर्ड हुए हैं। घर से कुछ दूरी पर खेत में बारिश के पानी से भरा गड्ढा था। बताया जाता है कि पानी में मेंढक देखकर मासूम उसके पास पहुंच गया और खेलते-खेलते संतुलन बिगड़ने से गड्ढे में गिर गया।
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घर पर उस समय केवल उसकी दादी प्रभावती थीं। जब कुछ देर तक विकेश दिखाई नहीं दिया तो उन्होंने आसपास तलाश शुरू की। करीब 9 मिनट बाद परिजन गड्ढे तक पहुंचे। चचेरे भाई इंद्रेश ने गड्ढे से बच्चे को बाहर निकाला। तत्काल उसे जिला अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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सदर कोतवाल निर्भय सिंह ने बताया कि घटना के बाद मासूम के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है, तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
मिट्टी निकलवाकर छोड़ दिया गया गड्ढा

ग्रामीणों का कहना है कि खेत से मिट्टी निकालकर आसपास के लोगों ने मकान निर्माण में इस्तेमाल किया है। मिट्टी निकालने के बाद बने गहरे गड्ढे को वर्षों से ऐसे ही छोड़ दिया गया। बरसात के दौरान उसमें पानी भर गया था। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि लापरवाही का परिणाम है। यदि गड्ढा पहले ही भर दिया गया होता या उसके चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई होती तो मासूम की जान बच सकती थी।

परिजन का रो-रोकर बुरा हाल

विकेश आंगनबाड़ी का छात्र था और अपने चंचल स्वभाव के कारण पूरे गांव में पहचाना जाता था। पिता सुखलाल मजदूरी और पेंटिंग का काम करते हैं, जबकि मां रीता खेत में मजदूरी करने गई थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है। अब घर में बड़े भाई निकेश और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। और हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है , क्या महज एक गड्ढा भर देने से एक मासूम की जिंदगी बच सकती थी?
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