महराजगंज। भाद्रपद पूर्णिमा चंद्रग्रहण के स्पर्शकाल से चार घंटा पूर्व जिले के प्रसिद्ध मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। ग्रहण काल में देव दर्शन निषिद्ध होने के कारण ऐसा किया गया। मुख्यालय स्थित श्याम मंदिर, हनुमानगढ़ी, दुर्गा मंदिर, आद्रवन लेहड़ा देवी व निचलौल इंटहिया शिव मंदिर कपाट शाम 5:54 बजे बंद किए गए। अब यह सुबह ब्रह्म मुहूर्त में खोले जाएंगे और मंदिर परिसर को सर्वप्रथम गंगाजल से पवित्र किया जाएगा। श्याम मंदिर के पुजारी राधे-राधे बाबा ने बताया कि ग्रहण का प्रभाव देव पर नहीं पड़ता, लेकिन लोगों का दर्शन निषिद्ध है इसे ध्यान में रखकर शाम को कपाट बंद करा दिया गया।
रविवार पितृपक्ष के पहले दिन चंद्रग्रहण का सूतक काल दोपहर 12:57 से प्रारंभ हो गया। पं. विंध्यवासिनी पांडेय के अनुसार, चंद्रगहण का स्पर्श रात 9:57 बजे हुआ, लेकिन इससे लगभग चार घंटा पूर्व मंदिरों का कपाट बंद करने की परंपरा है।