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Maharajganj News: दिन में रोजा रखकर अकीदतमंदों ने कुरान शरीफ की तलावत की
Thu, 13 Feb 2025 09:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 13 Feb 2025 09:52 PM IST
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मिठौरा। शब-ए-बरात का त्योहार बृहस्पतिवार को पूरे जिले में मनाया गया। अकीदतमंदों ने रोजा रखकर दिन में कुरान शरीफ की तलावत की। वहीं, रात में कब्रितान और मस्जिदों को रोशनी से सजाकर इबादत की। मिलाद की महफिल सजाकर रात भर अल्लाह और उनके रसूल के बताए हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। अपने गुनाहों से तौबा की।
अरबी के शाबान महीने के 15वीं रात को शब-ए-बरात का त्योहार मनाया जाता है। शब-ए-बरात का अर्थ है गुनाहो (पापों) से छुटकारे की रात। इस्लाम धर्म में इस रात की बहुत बड़ी विशेषता होती है। सिंदुरिया मस्जिद के इमाम हाजी मौलाना मोहम्मद हुसैन निजामी ने कहा कि शब-ए-बरात की रात आए तो रात को जग कर इबादत करो, दिन में रोजा रखो, सूर्य के डूबते ही इस दिन से अल्लाह अपने मानने वालों पर बड़ा ही खुश होता है।
इस रात में रात भर जाग कर इबादत करना, कुरान शरीफ को पढ़ना, अपने मुर्दों के गुनाहों से माफी के लिए दुआ करना, विशेष नमाज पढ़ना, मुर्दों के हक में फातिहा दिलाना जरूरी है। शब-ए-बारात की रात घरों से लेकर कब्रिस्तानों, मस्जिदों, धर्म स्थलों तक इबादत का दौर जारी रहता है।
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अरबी के शाबान महीने के 15वीं रात को शब-ए-बरात का त्योहार मनाया जाता है। शब-ए-बरात का अर्थ है गुनाहो (पापों) से छुटकारे की रात। इस्लाम धर्म में इस रात की बहुत बड़ी विशेषता होती है। सिंदुरिया मस्जिद के इमाम हाजी मौलाना मोहम्मद हुसैन निजामी ने कहा कि शब-ए-बरात की रात आए तो रात को जग कर इबादत करो, दिन में रोजा रखो, सूर्य के डूबते ही इस दिन से अल्लाह अपने मानने वालों पर बड़ा ही खुश होता है।
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इस रात में रात भर जाग कर इबादत करना, कुरान शरीफ को पढ़ना, अपने मुर्दों के गुनाहों से माफी के लिए दुआ करना, विशेष नमाज पढ़ना, मुर्दों के हक में फातिहा दिलाना जरूरी है। शब-ए-बारात की रात घरों से लेकर कब्रिस्तानों, मस्जिदों, धर्म स्थलों तक इबादत का दौर जारी रहता है।
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