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Maharajganj News: आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर न्यायालय ने दिया जांच आदेश
Sun, 14 Jan 2024 08:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 14 Jan 2024 08:42 PM IST
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सिसवा बाजार। कोठीभार थानाक्षेत्र के ग्रामसभा सोहट में तीन वर्ष पूर्व नाबालिग की हत्या कर शव को पोखरे के किनारे फेंकने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कोठीभार पुलिस को हत्या के आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
ग्रामसभा सोहट निवासी कमलनाथ द्वारा न्यायालय में धारा 156(3) के तहत दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि 25 जून 2021 को प्रातः गांव के पोखरी के किनारे एक 15 वर्षीय वकील का शव मिला था। सूचना पर कोठीभार पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, लेकिन मृतक के परिजनों द्वारा तहरीर न मिलने पर पुलिस ने मामले में कोई भी केस दर्ज नहीं किया। घटना के कुछ समय बाद गांव में चर्चा फैलने लगी कि वकील की हत्या में उसके परिजनों का हाथ है। कमलनाथ ने इस घटना का पर्दाफाश कराने के इरादे से आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत किया था। लेकिन मुकामी पुलिस द्वारा न्यायालय से न्याय पाने की बात लिखते हुए जांच को बंद कर दिया।
शिकायत के बाद मृतक के परिजन उसको जान से मारने की धमकी देने लगे। कमलनाथ ने इसकी सूचना कोठीभार पुलिस से लेकर पुलिस अधीक्षक तक किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले में अधिवक्ता प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि न्यायालय में प्रस्तुत दलील के उपरांत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कोठीभार पुलिस को हत्या आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
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ग्रामसभा सोहट निवासी कमलनाथ द्वारा न्यायालय में धारा 156(3) के तहत दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि 25 जून 2021 को प्रातः गांव के पोखरी के किनारे एक 15 वर्षीय वकील का शव मिला था। सूचना पर कोठीभार पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, लेकिन मृतक के परिजनों द्वारा तहरीर न मिलने पर पुलिस ने मामले में कोई भी केस दर्ज नहीं किया। घटना के कुछ समय बाद गांव में चर्चा फैलने लगी कि वकील की हत्या में उसके परिजनों का हाथ है। कमलनाथ ने इस घटना का पर्दाफाश कराने के इरादे से आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत किया था। लेकिन मुकामी पुलिस द्वारा न्यायालय से न्याय पाने की बात लिखते हुए जांच को बंद कर दिया।
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शिकायत के बाद मृतक के परिजन उसको जान से मारने की धमकी देने लगे। कमलनाथ ने इसकी सूचना कोठीभार पुलिस से लेकर पुलिस अधीक्षक तक किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले में अधिवक्ता प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि न्यायालय में प्रस्तुत दलील के उपरांत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कोठीभार पुलिस को हत्या आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
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