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Maharajganj News: परिषदीय स्कूलों का हाल बदहाल, बच्चे पी रहें दूषित पानी
Thu, 08 Feb 2024 02:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 08 Feb 2024 02:20 AM IST
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महराजगंज। परिषदीय स्कूलों की दशा सुधारने के लिए भले ही कायाकल्प योजना चलाई गई हो, लेकिन धरातल पर स्कूलों के हालात जस के तस बने हुए हैं। कहीं विद्यालय के शौचालय बदहाल हैं तो कहीं हैंडपंप खराब हैं। कहीं विद्यालयों की बाउंड्रीवॉल बहुत नीचे है, तो कहीं रंगाई-पुताई ही नहीं हुई है।
प्राथमिक विद्यालय शिकारपुर, समय 10 बजे, परिसर में बना शौचालय का दरवाजा टूटा दिखा। जिससे बच्चों व शिक्षकों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। विद्यालय का इंडिया मार्का हैंडपंप कई महीनों से खराब है। शौचालय में स्थापित साधारण हैंडपंप का दूषित पानी बच्चे पीते हैं। सहायक अध्यापक अयोध्या मिश्रा लाइन में खडे बच्चों को सामान्य ज्ञान की जानकारी दे रहे थे। उन्होंने बताया कि विद्यालय का भवन काफी पुराना हो गया है। शौचालय की स्थिति खराब है। पेयजल की समस्या है। यहां 102 बच्चे नामांकित हैं, जबकि 70 बच्चे उपस्थिति मिले। उन्होंने बताया कि शौचालय की मरम्मत के लिए कई बार ग्राम प्रधान से कहा गया, लेकिन अभी तक कोई भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
कंपोजिट विद्यालय बरवा विद्यापति, समय 10:15 बजे, बाउंड्रीवॉल बहुत नीचे दिखे। जबकि विद्यालय के सामने ही एनएच 730 है। रसोई घर में ताला लटक रहा था। प्रधानाध्यापक रामचंद्र कन्नौजिया ने बताया कि यहां 168 बच्चे नामांकित हैं। मौके पर 75 बच्चे उपस्थित थे। उन्होंने ने बताया कि बाउंड्रीवॉल नीचे होने से बाहरी लोग प्रवेश कर जाते हैं। विद्यालय के सामने सड़क होने से आए दिन डर बना रहता है कि कहीं कोई बच्चा दुर्घटना का शिकार न हो जाए। चहारदीवारी ऊंची करने के लिए कई बार विभाग को पत्र दिया जा चुका है।
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प्राथमिक विद्यालय गौनरिया बाबू, समय 10:30 बजे, इंडिया मार्का हैंडपंप दूषित पानी दे रहा था। हैंडपंप कई वर्षों से रिबोर नहीं कराया गया है। यहां प्राधानाध्यापक की तैनाती नहीं है। पिछले एक साल से यहां एक सहायक अध्यापक व दो शिक्षा मित्र तैनात हैं। सहायक अध्यापक संदीप कुमार ने बताया कि किसी कारण से यहां के प्रधानाध्यापक को दूसरे जगह संबद्ध किया गया है। यहां 58 बच्चों का नामांकन है, मौके पर 40 बच्चे उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी कुछ घंटों में पीला हो जाता है। लगभग 50 प्रतिशत बच्चे बिना ड्रेस के थे। उन्होंने बताया कि खाते में पैसा आने के बाद अभिभावक अन्य कार्यों में खर्च कर दे रहे हैं, जिससे बच्चों को ड्रेस नहीं मिल पाता।
कंपोजिट विद्यालय धनेवा धनेई, समय 11:20, सबसे बड़ी समस्या यहां शौचालय की है। यहां के दो शौचालय ध्वस्त हो गए हैं। शहर में होने के बावजूद इस विद्यालय की रंगाई-पुताई नहीं कराई गई है। सिर्फ तीन कमरे में ही टाइल्स लगे हैं। बरामदे का फर्स भी टूटा है। प्रधानाध्यापक सुचेता मिश्रा ने बताया कि 154 बच्चों का नामांकन है, जिसके सापेक्ष 115 बच्चे उपस्थित थे। इस विद्यालय में 154 छात्रों को पढ़ाने के लिए सात अध्यापक और चार शिक्षा मित्रों की तैनाती है।
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विद्यालयों में शौचालय एवं पेयजल की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। अगर कहीं कमी है तो दूर की जाएंगी। बदहाल शौचालयों की मरम्मत ग्राम पंचायत स्तर से कराई जाती है।
-श्रवण गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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प्राथमिक विद्यालय शिकारपुर, समय 10 बजे, परिसर में बना शौचालय का दरवाजा टूटा दिखा। जिससे बच्चों व शिक्षकों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। विद्यालय का इंडिया मार्का हैंडपंप कई महीनों से खराब है। शौचालय में स्थापित साधारण हैंडपंप का दूषित पानी बच्चे पीते हैं। सहायक अध्यापक अयोध्या मिश्रा लाइन में खडे बच्चों को सामान्य ज्ञान की जानकारी दे रहे थे। उन्होंने बताया कि विद्यालय का भवन काफी पुराना हो गया है। शौचालय की स्थिति खराब है। पेयजल की समस्या है। यहां 102 बच्चे नामांकित हैं, जबकि 70 बच्चे उपस्थिति मिले। उन्होंने बताया कि शौचालय की मरम्मत के लिए कई बार ग्राम प्रधान से कहा गया, लेकिन अभी तक कोई भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
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कंपोजिट विद्यालय बरवा विद्यापति, समय 10:15 बजे, बाउंड्रीवॉल बहुत नीचे दिखे। जबकि विद्यालय के सामने ही एनएच 730 है। रसोई घर में ताला लटक रहा था। प्रधानाध्यापक रामचंद्र कन्नौजिया ने बताया कि यहां 168 बच्चे नामांकित हैं। मौके पर 75 बच्चे उपस्थित थे। उन्होंने ने बताया कि बाउंड्रीवॉल नीचे होने से बाहरी लोग प्रवेश कर जाते हैं। विद्यालय के सामने सड़क होने से आए दिन डर बना रहता है कि कहीं कोई बच्चा दुर्घटना का शिकार न हो जाए। चहारदीवारी ऊंची करने के लिए कई बार विभाग को पत्र दिया जा चुका है।
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प्राथमिक विद्यालय गौनरिया बाबू, समय 10:30 बजे, इंडिया मार्का हैंडपंप दूषित पानी दे रहा था। हैंडपंप कई वर्षों से रिबोर नहीं कराया गया है। यहां प्राधानाध्यापक की तैनाती नहीं है। पिछले एक साल से यहां एक सहायक अध्यापक व दो शिक्षा मित्र तैनात हैं। सहायक अध्यापक संदीप कुमार ने बताया कि किसी कारण से यहां के प्रधानाध्यापक को दूसरे जगह संबद्ध किया गया है। यहां 58 बच्चों का नामांकन है, मौके पर 40 बच्चे उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी कुछ घंटों में पीला हो जाता है। लगभग 50 प्रतिशत बच्चे बिना ड्रेस के थे। उन्होंने बताया कि खाते में पैसा आने के बाद अभिभावक अन्य कार्यों में खर्च कर दे रहे हैं, जिससे बच्चों को ड्रेस नहीं मिल पाता।
कंपोजिट विद्यालय धनेवा धनेई, समय 11:20, सबसे बड़ी समस्या यहां शौचालय की है। यहां के दो शौचालय ध्वस्त हो गए हैं। शहर में होने के बावजूद इस विद्यालय की रंगाई-पुताई नहीं कराई गई है। सिर्फ तीन कमरे में ही टाइल्स लगे हैं। बरामदे का फर्स भी टूटा है। प्रधानाध्यापक सुचेता मिश्रा ने बताया कि 154 बच्चों का नामांकन है, जिसके सापेक्ष 115 बच्चे उपस्थित थे। इस विद्यालय में 154 छात्रों को पढ़ाने के लिए सात अध्यापक और चार शिक्षा मित्रों की तैनाती है।
विद्यालयों में शौचालय एवं पेयजल की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। अगर कहीं कमी है तो दूर की जाएंगी। बदहाल शौचालयों की मरम्मत ग्राम पंचायत स्तर से कराई जाती है।
-श्रवण गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी