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Maharajganj News: दिन भर घुमड़ते रहे बादल शाम को जमकर बरसे
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बारिश के बाद ठूठीबारी में गिरे ओले।
शाम छह बजे शुरू हुआ झमाझम बारिश का दौर
अधिकतम व न्यूनतम तापमान घटने से राहत
महराजगंज। पिछले सप्ताह से तल्ख धूप व चढ़ते पारे से आखिरकार पश्चिमी विक्षोभ ने बुधवार को राहत पहुंचाई। दिनभर घुमड़ते बादलों ने शाम छह बजे से बारिश शुरू की तो जिला मुख्यालय क्षेत्र में एक घंटे तक बरसते रहे। कुछ जगहों पर ओले भी पड़े हैं। बारिश के कारण अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिन तक बारिश के आसार बने रहेंगे। तापमान नीचे आने का अनुमान है।
अप्रैल के शुरुआती दिनों से ही इस बार धूप की तल्ख़ी कुछ इस कदर बढ़ी की पारा चढ़ता गया। पिछले सप्ताह से स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी थी कि सिर्फ दिन ही नहीं न्यूनतम पारा बढ़ने से रातें भी गर्म होने लगी थीं। अधिकतम पारा 42 तक पहुंचा तो तेज पछुआ की जुगलबंदी ने लू भी झेलने को मजबूर किया। लेकिन विगत दो दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण बादलों की आवाजाही शुरू हुई तो लोगों को राहत मिली।
बुधवार सुबह से ही बादलों का घुमड़ते रहे और शाम के वक्त लगभग पूरे जनपद में एक घंटे तक हुई बारिश व हवाओं ने तापमान को कम किया। हालांकि दोपहर के वक्त छाए बादलों के बीच हवा शांत होने से उमस महसूस हुई लेकिन दिन डूबते-डूबते बारिश ने मौसम सुहाना कर दिया।
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फरेंदा व नौतनवां में हल्के तो ठूठीबारी में गिरे बड़े आकार के ओले
बुधवार शाम हुई बारिश के बीज जनपद के कुछ क्षेत्रों में ओले भी पड़े, हालांकि अभी जायद की बुआई न होने से फसल के लिहाज से तो कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन आम के छोटे- छोटे फल पेड़ों के नीचे बिछ गये। नौतनवां के बेरवा, बनकटवा,खोरिया, रामनगर, चंद्रपुर, चड़लहा, नरकटहा,बरवांकला, चइलहा, हरदीडाली तो फरेंदा के भैया फरेंदा, अदरौना, ललाइन पैसिया,फरेंदा खुर्द, लेदवा,जमुहरा, भैया फरेंदा, पोखरभिंडा इत्यादि क्षेत्रों में ओले पड़े, लेकिन इनकी साइज छोटी थी। निचलौल ब्लाक के ठूठीबारी व खनुआ में गिरे ओलों का आकार व वजन दोनों बड़े रहे। राजेश, रामनरेश यादव, राजेश गुप्ता, फूल बदन आदि किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से लौकी, खीरा, कद्दू, ककड़ी, टमाटर, तरोई व नेनुआ जैसी सब्जी फसल को नुकसान पहुंचा है।
हवा स़ंग बारिश का सहालग में खलल
बुधवार शाम तेज हवा संग बारिश ने सहालग की सजावट, पंडाल व शामियाना इत्यादि को बिखेरने का कार्य किया। जिन घरों में भैंसहिया पाठक के रविशंकर शुक्ल ने बताया कि उनके यहां मुंडन सामग्री के उपलक्ष्य में प्रीतिभोज कार्यक्रम के लिए सजाया गया पंडाल तहसनहस हो गया व दोबारा व्यवस्था करनी पड़ी। भीखम यादव अड्डा बाजार व लल्लू यादव ने बताया कि बिटिया की शादी के ईंतजाम पूरे थे, लेकिन बारात आने से पहले आंधी पानी आने से असुविधा हुई और बारिश की समाप्ति के बाद दोबारा इंतजाम कराना पड़ा।
मुख्यालय के सर्विसलेन पर भर गया पानी
लगातार एक घंटे तक हुई बारिश के कारण महराजगंज-फरेंदा हाईवे के सर्विस लेन पर पानी भर गया। सर्विस लेन का पानी निकलता रहे इसके लिए नाला तो है, लेकिन वर्षों से चोक होने के कारण यह पानी बहुत धीमी रफ्तार से खींचता है। ईओ महराजगंज आलोक कुमार मिश्रा ने बताया कि नया नाला बनवाने के लिए पुराने को तोड़ना होगा, लेकिन पुराने वाले को तोड़ने की अनुमति न मिलने से स्थिति में बदलाव नहीं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों को लगा दिया गया है वह प्रबंध कर रहे जिससे सर्विस लेन का पानी हट सके और दुश्वारी न होने पाए।
वर्जन
सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूर्वी यूपी की तराई में बुधवार शाम बारिश हुई जिससे तापमान कम हुआ। अगले दो दिन तक बारिश व तेज हवाओं का प्रभाव बना रहेगा। अधिकतम व न्यूनतम तापमान और नीचे आएगा।
-अतुल कुमार सिंह, प्रभारी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र।
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अधिकतम व न्यूनतम तापमान घटने से राहत
महराजगंज। पिछले सप्ताह से तल्ख धूप व चढ़ते पारे से आखिरकार पश्चिमी विक्षोभ ने बुधवार को राहत पहुंचाई। दिनभर घुमड़ते बादलों ने शाम छह बजे से बारिश शुरू की तो जिला मुख्यालय क्षेत्र में एक घंटे तक बरसते रहे। कुछ जगहों पर ओले भी पड़े हैं। बारिश के कारण अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिन तक बारिश के आसार बने रहेंगे। तापमान नीचे आने का अनुमान है।
अप्रैल के शुरुआती दिनों से ही इस बार धूप की तल्ख़ी कुछ इस कदर बढ़ी की पारा चढ़ता गया। पिछले सप्ताह से स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी थी कि सिर्फ दिन ही नहीं न्यूनतम पारा बढ़ने से रातें भी गर्म होने लगी थीं। अधिकतम पारा 42 तक पहुंचा तो तेज पछुआ की जुगलबंदी ने लू भी झेलने को मजबूर किया। लेकिन विगत दो दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण बादलों की आवाजाही शुरू हुई तो लोगों को राहत मिली।
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बुधवार सुबह से ही बादलों का घुमड़ते रहे और शाम के वक्त लगभग पूरे जनपद में एक घंटे तक हुई बारिश व हवाओं ने तापमान को कम किया। हालांकि दोपहर के वक्त छाए बादलों के बीच हवा शांत होने से उमस महसूस हुई लेकिन दिन डूबते-डूबते बारिश ने मौसम सुहाना कर दिया।
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फरेंदा व नौतनवां में हल्के तो ठूठीबारी में गिरे बड़े आकार के ओले
बुधवार शाम हुई बारिश के बीज जनपद के कुछ क्षेत्रों में ओले भी पड़े, हालांकि अभी जायद की बुआई न होने से फसल के लिहाज से तो कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन आम के छोटे- छोटे फल पेड़ों के नीचे बिछ गये। नौतनवां के बेरवा, बनकटवा,खोरिया, रामनगर, चंद्रपुर, चड़लहा, नरकटहा,बरवांकला, चइलहा, हरदीडाली तो फरेंदा के भैया फरेंदा, अदरौना, ललाइन पैसिया,फरेंदा खुर्द, लेदवा,जमुहरा, भैया फरेंदा, पोखरभिंडा इत्यादि क्षेत्रों में ओले पड़े, लेकिन इनकी साइज छोटी थी। निचलौल ब्लाक के ठूठीबारी व खनुआ में गिरे ओलों का आकार व वजन दोनों बड़े रहे। राजेश, रामनरेश यादव, राजेश गुप्ता, फूल बदन आदि किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से लौकी, खीरा, कद्दू, ककड़ी, टमाटर, तरोई व नेनुआ जैसी सब्जी फसल को नुकसान पहुंचा है।
हवा स़ंग बारिश का सहालग में खलल
बुधवार शाम तेज हवा संग बारिश ने सहालग की सजावट, पंडाल व शामियाना इत्यादि को बिखेरने का कार्य किया। जिन घरों में भैंसहिया पाठक के रविशंकर शुक्ल ने बताया कि उनके यहां मुंडन सामग्री के उपलक्ष्य में प्रीतिभोज कार्यक्रम के लिए सजाया गया पंडाल तहसनहस हो गया व दोबारा व्यवस्था करनी पड़ी। भीखम यादव अड्डा बाजार व लल्लू यादव ने बताया कि बिटिया की शादी के ईंतजाम पूरे थे, लेकिन बारात आने से पहले आंधी पानी आने से असुविधा हुई और बारिश की समाप्ति के बाद दोबारा इंतजाम कराना पड़ा।
मुख्यालय के सर्विसलेन पर भर गया पानी
लगातार एक घंटे तक हुई बारिश के कारण महराजगंज-फरेंदा हाईवे के सर्विस लेन पर पानी भर गया। सर्विस लेन का पानी निकलता रहे इसके लिए नाला तो है, लेकिन वर्षों से चोक होने के कारण यह पानी बहुत धीमी रफ्तार से खींचता है। ईओ महराजगंज आलोक कुमार मिश्रा ने बताया कि नया नाला बनवाने के लिए पुराने को तोड़ना होगा, लेकिन पुराने वाले को तोड़ने की अनुमति न मिलने से स्थिति में बदलाव नहीं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों को लगा दिया गया है वह प्रबंध कर रहे जिससे सर्विस लेन का पानी हट सके और दुश्वारी न होने पाए।
वर्जन
सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूर्वी यूपी की तराई में बुधवार शाम बारिश हुई जिससे तापमान कम हुआ। अगले दो दिन तक बारिश व तेज हवाओं का प्रभाव बना रहेगा। अधिकतम व न्यूनतम तापमान और नीचे आएगा।
-अतुल कुमार सिंह, प्रभारी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र।