{"_id":"645d42ade9f58759c201cb44","slug":"the-beauties-will-get-trapped-by-making-black-maharajganj-news-c-7-1-161329-2023-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: सावधान! पहले मैसेज फिर वीडियो कॉल से ब्लैक मेकिंग कर फंसा देंगी हसीनाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: सावधान! पहले मैसेज फिर वीडियो कॉल से ब्लैक मेकिंग कर फंसा देंगी हसीनाएं
Fri, 12 May 2023 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 12 May 2023 01:01 AM IST
विज्ञापन
साइबर सेल में वर्ष 2022 में 70 केस सामने आए थे, वर्ष 2023 में अब तक आए आठ से 10 मामले आ चुके हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। साइबर क्राइम की जड़ें बहुत गहरी हो चुकी हैं। कभी नौकरी के नाम पर तो कभी मैसेज और वीडियो कॉल के जरिये हसीनाएं आपको फंसा सकती हैं। वीडियो काॅल करने वालों की गिरफ्त में आकर कई लोग शोषण का शिकार हो चुके हैं। अश्लील वीडियो बनाने वाले गैंग के चक्कर में पड़कर लोग हर माह अपनी लाज बचाने में लाखों गवां दे रहे हैं। लोग रुपये देकर मुसीबत से पीछा छुड़ाने की कोशिश करते हैं। बाद में ब्लैकमेलिंग बढ़ने पर पुलिस अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग करते हैं।
साइबर सेल में वर्ष 2022 में करीब 70 केस दर्ज हुए। वर्ष 2023 में आठ से 10 केस सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर दोस्ती करके वीडियो काॅल के जरिये फंसे लोग अक्सर शिकायत दर्ज कराने से बचते हैं। लोकलाज की वजह से वह खुलकर सामने नहीं आते। साइबर सेल से जुड़े लोगों का कहना है कि आपत्तिजनक वीडियो काॅल के चक्कर में पड़कर लोग परेशान हो जाते हैं।
अन्य तरह की साइबर ठगी करने वाले गैंग के गुर्गे इसे भी हथियार बनाकर इस्तेमाल करते हैं। किसी युवती के जरिये इनका गैंग लोगों से ठगी करता है। आपत्तिजनक वीडियो बनाने के बाद उसे फेसबुक दोस्तों सहित अन्य संपर्कों में फैलाने की धमकी देकर रुपये वसूलते हैं। ऐसे मामलों के सामने आने पर अधिकतर लोग शिकायत नहीं करते थे, लेकिन अब लोगों में जागरुकता बढ़ी है। इस वजह से केस सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन
...
केस एक : शहर का एक छात्र भी ऑनलाइन वीडियो बनाकर ठगी करने वाले साइबर जालसाजों की साजिश का शिकार बन चुका है। सोशल मीडिया पर दोस्ती करके जालसाजों ने छात्र को फंसाया। एक युवती के जरिये वीडियो काॅल करके उनकी हरकत का वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शातिर उनको ब्लैकमेल करने लगे। कई दिनों तक परेशान होने पर उन्होंने इसकी शिकायत दर्ज कराई।
...
केस दो: सोशल मीडिया पर एक छात्र सक्रिय रहता था। उसके फेसबुक पर जालसाजी गैंग के गुर्गे ने पहले दोस्ती की। इस बीच दोनों के बीच खूब बातचीत हुई। एक-दूसरे का भरोसा जीतने के बाद किसी तरह से मोबाइल फोन नंबर लेकर वीडियो काॅल करना शुरू किया। इस बीच वीडियो काॅल करके अश्लील बातें करते हुए उसकी वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी। छात्र से रकम की मांग की जाने लगी।
...
सोशल मीडिया हैंडल हैक करके उनसे पैसे मांगते हैं व्हाट्सएप और फेसबुक पर दोस्ती के बाद वीडियो काॅल करके ब्लैकमेलिंग की जाती है। बच्चों का सोशल मीडिया हैंडल हैक करके उनसे रुपये मांगते हैं। सोशल मीडिया पर बच्चों से जान पहचान बढ़ाकर गेम के सहारे ठगी करते हैं। बिजली बिल बकाया होने के पर मैसेज भेजकर जालसाज रुपये उड़ा देते हैं। नौकरी दिलाने और फर्जी शादी डॉट कॉम वेबसाइट बनाकर भी ठगी जा रही है।
...
युवा पीढ़ी को बना रहे शिकार
इस वर्ष हनी ट्रैप का शिकार युवा पीढ़ी हुई है, जो छात्र हैं। पहले छोटे रकम से शुरुआत करते हैं। अगर मिल जाता है तो फिर बड़ी रकम का डिमांड करते हैं। रुपये नहीं देने पर दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर ब्लैक मेल करते हैं। रुपये नहीं देने पर जिसका वीडियो बना रहता है, उसके दोस्तो के पास फेसबुक प्रोफाइल खोलकर वायरल कर देते हैं।
..
कोट
अब इस तरह के मामलों में गिरावट आई है। साइबर अपराध से बचाव के लिए समय-समय पर कार्यशाला के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाता है। हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करने के बारे में जानकारी दी जाती है। किसी भी वेबसाइट या एप को बगैर समझे किसी भी दशा में न खोलें। परेशानी होने पर पुलिस को तुरंत बताएं।
श्यामसुंदर तिवारी, प्रभारी साइबर सेल
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। साइबर क्राइम की जड़ें बहुत गहरी हो चुकी हैं। कभी नौकरी के नाम पर तो कभी मैसेज और वीडियो कॉल के जरिये हसीनाएं आपको फंसा सकती हैं। वीडियो काॅल करने वालों की गिरफ्त में आकर कई लोग शोषण का शिकार हो चुके हैं। अश्लील वीडियो बनाने वाले गैंग के चक्कर में पड़कर लोग हर माह अपनी लाज बचाने में लाखों गवां दे रहे हैं। लोग रुपये देकर मुसीबत से पीछा छुड़ाने की कोशिश करते हैं। बाद में ब्लैकमेलिंग बढ़ने पर पुलिस अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग करते हैं।
साइबर सेल में वर्ष 2022 में करीब 70 केस दर्ज हुए। वर्ष 2023 में आठ से 10 केस सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर दोस्ती करके वीडियो काॅल के जरिये फंसे लोग अक्सर शिकायत दर्ज कराने से बचते हैं। लोकलाज की वजह से वह खुलकर सामने नहीं आते। साइबर सेल से जुड़े लोगों का कहना है कि आपत्तिजनक वीडियो काॅल के चक्कर में पड़कर लोग परेशान हो जाते हैं।
विज्ञापन
अन्य तरह की साइबर ठगी करने वाले गैंग के गुर्गे इसे भी हथियार बनाकर इस्तेमाल करते हैं। किसी युवती के जरिये इनका गैंग लोगों से ठगी करता है। आपत्तिजनक वीडियो बनाने के बाद उसे फेसबुक दोस्तों सहित अन्य संपर्कों में फैलाने की धमकी देकर रुपये वसूलते हैं। ऐसे मामलों के सामने आने पर अधिकतर लोग शिकायत नहीं करते थे, लेकिन अब लोगों में जागरुकता बढ़ी है। इस वजह से केस सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन
...
केस एक : शहर का एक छात्र भी ऑनलाइन वीडियो बनाकर ठगी करने वाले साइबर जालसाजों की साजिश का शिकार बन चुका है। सोशल मीडिया पर दोस्ती करके जालसाजों ने छात्र को फंसाया। एक युवती के जरिये वीडियो काॅल करके उनकी हरकत का वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शातिर उनको ब्लैकमेल करने लगे। कई दिनों तक परेशान होने पर उन्होंने इसकी शिकायत दर्ज कराई।
...
केस दो: सोशल मीडिया पर एक छात्र सक्रिय रहता था। उसके फेसबुक पर जालसाजी गैंग के गुर्गे ने पहले दोस्ती की। इस बीच दोनों के बीच खूब बातचीत हुई। एक-दूसरे का भरोसा जीतने के बाद किसी तरह से मोबाइल फोन नंबर लेकर वीडियो काॅल करना शुरू किया। इस बीच वीडियो काॅल करके अश्लील बातें करते हुए उसकी वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी। छात्र से रकम की मांग की जाने लगी।
...
सोशल मीडिया हैंडल हैक करके उनसे पैसे मांगते हैं व्हाट्सएप और फेसबुक पर दोस्ती के बाद वीडियो काॅल करके ब्लैकमेलिंग की जाती है। बच्चों का सोशल मीडिया हैंडल हैक करके उनसे रुपये मांगते हैं। सोशल मीडिया पर बच्चों से जान पहचान बढ़ाकर गेम के सहारे ठगी करते हैं। बिजली बिल बकाया होने के पर मैसेज भेजकर जालसाज रुपये उड़ा देते हैं। नौकरी दिलाने और फर्जी शादी डॉट कॉम वेबसाइट बनाकर भी ठगी जा रही है।
...
युवा पीढ़ी को बना रहे शिकार
इस वर्ष हनी ट्रैप का शिकार युवा पीढ़ी हुई है, जो छात्र हैं। पहले छोटे रकम से शुरुआत करते हैं। अगर मिल जाता है तो फिर बड़ी रकम का डिमांड करते हैं। रुपये नहीं देने पर दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर ब्लैक मेल करते हैं। रुपये नहीं देने पर जिसका वीडियो बना रहता है, उसके दोस्तो के पास फेसबुक प्रोफाइल खोलकर वायरल कर देते हैं।
..
कोट
अब इस तरह के मामलों में गिरावट आई है। साइबर अपराध से बचाव के लिए समय-समय पर कार्यशाला के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाता है। हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करने के बारे में जानकारी दी जाती है। किसी भी वेबसाइट या एप को बगैर समझे किसी भी दशा में न खोलें। परेशानी होने पर पुलिस को तुरंत बताएं।
श्यामसुंदर तिवारी, प्रभारी साइबर सेल