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शासनादेश का मजाक उड़ाने का आरोप
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Tue, 08 May 2018 12:32 AM IST
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शासनादेश का मजाक उड़ाने का आरोप
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। लोकतंत्र रक्षक सेनानियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में बैठक की। इसके बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। ज्ञापन में लोकतंत्र रक्षक सेनानियों ने जिम्मेदारों पर शासनादेश का मजाक उड़ाने का आरोप लगाकर शिकायत की जांच कराने तथा दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि लोकतंत्र रक्षक सेनानियों की मृत्यु की दशा में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होने का शासनादेश है। मगर महराजगंज में उक्त शासनादेश मजाक बन कर रह गया है। यहां लोकतंत्र रक्षक सेनानियों की मृत्यु पर कभी तहसीलदार, कभी नायब तहसीलदार तो कभी लेखपाल भेजकर औपचारिकताएं पूरी कर दी जाती हैं। बीते 30 मार्च को लोकतंत्र रक्षक सेनानी गणेश सैनी का निधन हो गया। जिसकी सूचना एसडीएम सदर को दी गई। मगर मौके पर न एसडीएम पहुंचे और न ही पनियरा थानाध्यक्ष। अलबत्ता एसडीएम ने अपने स्थान पर तहसीलदार सदर को भेज दिया। मगर पनियरा थानाध्यक्ष ने तो किसी पुलिस कर्मी को भी भेजना मुनासिब नहीं समझा। इससे लोकतंत्र रक्षक सेनानियों में नाराजगी है। ज्ञापन में इस शिकायत की सीबीसीआईडी अथवा वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने तथा दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। बैठक में सुभाष त्रिपाठी, त्रिलोकी, त्रियुगी नारायण, रामकृपाल चौबे, रामनयन, महंगू मिश्र, रामाज्ञा प्रसाद, मिश्री लाल, राजाराम यादव आदि मौजूद रहे।
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ज्ञापन में कहा गया है कि लोकतंत्र रक्षक सेनानियों की मृत्यु की दशा में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होने का शासनादेश है। मगर महराजगंज में उक्त शासनादेश मजाक बन कर रह गया है। यहां लोकतंत्र रक्षक सेनानियों की मृत्यु पर कभी तहसीलदार, कभी नायब तहसीलदार तो कभी लेखपाल भेजकर औपचारिकताएं पूरी कर दी जाती हैं। बीते 30 मार्च को लोकतंत्र रक्षक सेनानी गणेश सैनी का निधन हो गया। जिसकी सूचना एसडीएम सदर को दी गई। मगर मौके पर न एसडीएम पहुंचे और न ही पनियरा थानाध्यक्ष। अलबत्ता एसडीएम ने अपने स्थान पर तहसीलदार सदर को भेज दिया। मगर पनियरा थानाध्यक्ष ने तो किसी पुलिस कर्मी को भी भेजना मुनासिब नहीं समझा। इससे लोकतंत्र रक्षक सेनानियों में नाराजगी है। ज्ञापन में इस शिकायत की सीबीसीआईडी अथवा वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने तथा दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। बैठक में सुभाष त्रिपाठी, त्रिलोकी, त्रियुगी नारायण, रामकृपाल चौबे, रामनयन, महंगू मिश्र, रामाज्ञा प्रसाद, मिश्री लाल, राजाराम यादव आदि मौजूद रहे।
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