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Maharajganj News: टेट की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
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देश भर के शिक्षकों को राहत प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री से
महराजगंज। सेवारत शिक्षकों के टेट परीक्षा पास करने के मामले में बृहस्पतिवार को शिक्षकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष जेडी अंसारी और जिला महामंत्री पवन शुक्ल के नेतृत्व में शिक्षक पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले में सेवारत शिक्षकों को दो साल के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) पास करने को कहा गया गया है, जिससे वर्ष 2011 से पूर्व के नियुक्त शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।
ज्ञापन में महासंघ ने देश भर के शिक्षकों को राहत प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से कोई विधायी रास्ता निकाल कर शिक्षकों को राहत देने की मांग की गई है। ज्ञापन में जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) से अनिवार्य रूप मुक्त करने और ऐसे शिक्षकों की सेवा वरिष्ठता एवं पदोन्नति लाभों को संरक्षण देने के लिए संसद में उपयुक्त विधायी संशोधन विधेयक लाकर स्थायी राहत प्रदान करने की मांग की गई है।
जेडी अंसारी ने इस नियम को मनमाना और नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध बताया। जिला महामंत्री पवन शुक्ल ने कहा कि यदि सरकार मनमानी करती है तो सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ी जाएगी। जिला मंत्री अभय कुमार दुबे ने कहा कि सेवा निवृत्ति के करीब पहुंच चुके शिक्षकों को हतोत्साहित करने वाला यह आदेश कतई जायज नहीं है। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।
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ज्ञापन देने के कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष डॉ गिरींद्र नाथ मिश्र, ब्रजेंद्र पटेल, महेंद्र चौहान, अंकुर श्रीवास्तव, आनंद पाल गौतम, संजय मौर्य, गोपाल पासवान डॉ विनय सिंह, महेंद्र यादव, मनोज जायसवाल समेत तमाम शिक्षक उपस्थित रहे।
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महराजगंज। सेवारत शिक्षकों के टेट परीक्षा पास करने के मामले में बृहस्पतिवार को शिक्षकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष जेडी अंसारी और जिला महामंत्री पवन शुक्ल के नेतृत्व में शिक्षक पहुंचे थे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले में सेवारत शिक्षकों को दो साल के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) पास करने को कहा गया गया है, जिससे वर्ष 2011 से पूर्व के नियुक्त शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।
ज्ञापन में महासंघ ने देश भर के शिक्षकों को राहत प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से कोई विधायी रास्ता निकाल कर शिक्षकों को राहत देने की मांग की गई है। ज्ञापन में जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) से अनिवार्य रूप मुक्त करने और ऐसे शिक्षकों की सेवा वरिष्ठता एवं पदोन्नति लाभों को संरक्षण देने के लिए संसद में उपयुक्त विधायी संशोधन विधेयक लाकर स्थायी राहत प्रदान करने की मांग की गई है।
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जेडी अंसारी ने इस नियम को मनमाना और नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध बताया। जिला महामंत्री पवन शुक्ल ने कहा कि यदि सरकार मनमानी करती है तो सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ी जाएगी। जिला मंत्री अभय कुमार दुबे ने कहा कि सेवा निवृत्ति के करीब पहुंच चुके शिक्षकों को हतोत्साहित करने वाला यह आदेश कतई जायज नहीं है। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।
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ज्ञापन देने के कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष डॉ गिरींद्र नाथ मिश्र, ब्रजेंद्र पटेल, महेंद्र चौहान, अंकुर श्रीवास्तव, आनंद पाल गौतम, संजय मौर्य, गोपाल पासवान डॉ विनय सिंह, महेंद्र यादव, मनोज जायसवाल समेत तमाम शिक्षक उपस्थित रहे।