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Maharajganj News: गुरुजी की राह देख रहे शिक्षकविहीन विद्यालय
Mon, 17 Jun 2024 03:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 17 Jun 2024 03:58 AM IST
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महराजगंज/लक्ष्मीपुर। सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लाख दावे हो लेकिन, लक्ष्मीपुर ब्लाॅक में 9 विद्यालयों में एकल शिक्षक और तीन शिक्षक विहीन हैं। यहां के विद्यालय गुरुजी की राह देख रहे हैं। एकल शिक्षक वाले विद्यालय पर शिक्षक को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बंद विद्यालय का संचालन दूसरे विद्यालय के शिक्षकों को संबद्ध कर के किया जा रहा है। जबकि शासन स्तर से ही दूसरे विद्यालय में शिक्षकों को संबद्धता पर रोक है।
लक्ष्मीपुर कुल 142 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें प्राथमिक 86, उच्च प्राथमिक 14 एवं कंपोजिट 42 विद्यालय हैं। शासन स्तर पर विद्यालय में मिशन कायाकल्प के तहत कार्य करवाकर मूलभूत आवश्यकताओं व सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। ताकि बच्चों को बेहतर माहौल में अच्छी शिक्षा दी जा सके, लेकिन लक्ष्मीपुर में तीन परिषदीय जूनियर हाईस्कूल ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक तैनात नहीं हैं।
इसमें पूर्व माध्यमिक विद्यालय भैसहिया, पिपरा सोहट बैरवा बनकटवा के नाम शामिल हैं। दूसरी तरफ नौ ऐसे विद्यालय हैं, जिनमें एकल शिक्षक हैं। प्राथमिक विद्यालय खुखुडिहवा, पीएस विसौहा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर प्रथम, यूपीएस कजरी, बैरीकुंडी, भगवानपुर एवं बैरवा बनकटवा, प्राथमिक विद्यालय बटईडीहा एवं पुरंदरपुर में एकल शिक्षक हैं। उक्त विद्यालयों में बच्चों का नामांकन भी है, जो विद्यालय शिक्षक विहीन हैं। उन विद्यालयों में निकट के विद्यालयों से शिक्षक को संबंद्ध कर शैक्षणिक कार्य कराया जा रहा है। वर्तमान सत्र में स्कूलों में बच्चों का नामांकन जोरों पर है। क्योंकि आसपास के मानक विहीन प्राइवेट स्कूलों को शासन स्तर से बंद करा दिया गया है।
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पिपरा सोहट के ग्राम प्रधान नवी अहमद, भैसहिया के प्रधान सेवक यादव, बैरवा बनकटवा की प्रधान निर्मला ने शासन से मांग किया है कि गर्मी के अवकाश के बाद जल्द ही विद्यालय खुलने वाले हैं। बच्चों के शैक्षिक विकास के लिए तत्काल स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षक विहीन विद्यालयों में किया जाए। दूसरी तरफ जिन विद्यालयों में एकल शिक्षक वहां के शिक्षक को पूरे दिन दिक्कतों जा सामना करना पड़ता है। ग्रामीण अखिलेश, उमाशंकर, भानु प्रताप शुक्ल, उमाशंकर, देवी शंकर पाठक ने कहा कि उधार के शिक्षक से विद्यालय को संचालित किया जाना उचित नहीं है। नामांकन के सापेक्ष अध्यापकों की नियुक्ति करना आवश्यक है।
खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीपुर सुदामा ने बताया कि शिक्षक विहीन व एकल शिक्षक वाले विद्यालयों की सूची शासन को प्रेषित है। रिक्त पदों पर शासन स्तर से नियमानुसार जल्द ही नियुक्ति होने की संभावना है। हालांकि ब्लॉक स्तर पर वैकल्पिक रूप से उक्त विद्यालयों को निकट के शिक्षकों से संचालित कराया जा रहा है।
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लक्ष्मीपुर कुल 142 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें प्राथमिक 86, उच्च प्राथमिक 14 एवं कंपोजिट 42 विद्यालय हैं। शासन स्तर पर विद्यालय में मिशन कायाकल्प के तहत कार्य करवाकर मूलभूत आवश्यकताओं व सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। ताकि बच्चों को बेहतर माहौल में अच्छी शिक्षा दी जा सके, लेकिन लक्ष्मीपुर में तीन परिषदीय जूनियर हाईस्कूल ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक तैनात नहीं हैं।
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इसमें पूर्व माध्यमिक विद्यालय भैसहिया, पिपरा सोहट बैरवा बनकटवा के नाम शामिल हैं। दूसरी तरफ नौ ऐसे विद्यालय हैं, जिनमें एकल शिक्षक हैं। प्राथमिक विद्यालय खुखुडिहवा, पीएस विसौहा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर प्रथम, यूपीएस कजरी, बैरीकुंडी, भगवानपुर एवं बैरवा बनकटवा, प्राथमिक विद्यालय बटईडीहा एवं पुरंदरपुर में एकल शिक्षक हैं। उक्त विद्यालयों में बच्चों का नामांकन भी है, जो विद्यालय शिक्षक विहीन हैं। उन विद्यालयों में निकट के विद्यालयों से शिक्षक को संबंद्ध कर शैक्षणिक कार्य कराया जा रहा है। वर्तमान सत्र में स्कूलों में बच्चों का नामांकन जोरों पर है। क्योंकि आसपास के मानक विहीन प्राइवेट स्कूलों को शासन स्तर से बंद करा दिया गया है।
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पिपरा सोहट के ग्राम प्रधान नवी अहमद, भैसहिया के प्रधान सेवक यादव, बैरवा बनकटवा की प्रधान निर्मला ने शासन से मांग किया है कि गर्मी के अवकाश के बाद जल्द ही विद्यालय खुलने वाले हैं। बच्चों के शैक्षिक विकास के लिए तत्काल स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षक विहीन विद्यालयों में किया जाए। दूसरी तरफ जिन विद्यालयों में एकल शिक्षक वहां के शिक्षक को पूरे दिन दिक्कतों जा सामना करना पड़ता है। ग्रामीण अखिलेश, उमाशंकर, भानु प्रताप शुक्ल, उमाशंकर, देवी शंकर पाठक ने कहा कि उधार के शिक्षक से विद्यालय को संचालित किया जाना उचित नहीं है। नामांकन के सापेक्ष अध्यापकों की नियुक्ति करना आवश्यक है।
खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीपुर सुदामा ने बताया कि शिक्षक विहीन व एकल शिक्षक वाले विद्यालयों की सूची शासन को प्रेषित है। रिक्त पदों पर शासन स्तर से नियमानुसार जल्द ही नियुक्ति होने की संभावना है। हालांकि ब्लॉक स्तर पर वैकल्पिक रूप से उक्त विद्यालयों को निकट के शिक्षकों से संचालित कराया जा रहा है।