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Maharajganj News: पांच माह से टीबी रोगियों को नहीं मिला पोषण भत्ता
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टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी रोगियों को इलाज के दौरान हर माह मिलते हैं 1,000 रुपये
जनवरी से 30 नवंबर तक जिले में 5,500 टीबी रोगियों का किया गया है पंजीकरण
महराजगंज। जिले में टीबी रोगियों को पोषण के लिए दी जाने वाली धनराशि पांच माह से नहीं मिल रही है। पहले ही आर्थिक तंगी और बीमारी से जूझ रहे रोगियों की परेशानी और बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग बजट के अभाव में भुगतान नहीं होने की बात कह रहा है।
जानकारी के अनुसार, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरकार की ओर से टीबी रोगियों को इलाज के दौरान हर माह एक हजार रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। जिले में टीबी की जांच और इलाज के लिए कुल 30 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर मरीजों की जांच के बाद टीबी की पुष्टि होने पर उनका पंजीकरण निक्षय पोर्टल पर किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से 30 नवंबर तक जिले में 5,500 टीबी रोगियों का पंजीकरण किया गया है। इनमें से करीब 2500 मरीजों का इलाज हो चुका है जबकि लगभग 3,000 मरीजों का इलाज जारी है। टीबी का इलाज सामान्यतः छह से नौ महीने तक चलता है। इस दौरान मरीजों को नियमित रूप से दवाएं लेनी होती हैं। साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार भी जरूरी होता है।
वर्जन
जिले में टीबी रोगियों के पोषण के लिए मिलने वाली धनराशि को लेकर शासन स्तर पर डिमांड भेजी जा चुकी है। बजट के अभाव में फिलहाल भुगतान नहीं हो पाया है। सभी मरीजों के बाउचर तैयार है। जैसे ही बजट उपलब्ध होगा, डीबीटी के माध्यम से सभी पात्र मरीजों के खातों में राशि भेज दी जाएगी।
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-डॉ. वीरेंद्र कुमार आर्या, जिला क्षय रोग अधिकारी
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जनवरी से 30 नवंबर तक जिले में 5,500 टीबी रोगियों का किया गया है पंजीकरण
महराजगंज। जिले में टीबी रोगियों को पोषण के लिए दी जाने वाली धनराशि पांच माह से नहीं मिल रही है। पहले ही आर्थिक तंगी और बीमारी से जूझ रहे रोगियों की परेशानी और बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग बजट के अभाव में भुगतान नहीं होने की बात कह रहा है।
जानकारी के अनुसार, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरकार की ओर से टीबी रोगियों को इलाज के दौरान हर माह एक हजार रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। जिले में टीबी की जांच और इलाज के लिए कुल 30 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर मरीजों की जांच के बाद टीबी की पुष्टि होने पर उनका पंजीकरण निक्षय पोर्टल पर किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से 30 नवंबर तक जिले में 5,500 टीबी रोगियों का पंजीकरण किया गया है। इनमें से करीब 2500 मरीजों का इलाज हो चुका है जबकि लगभग 3,000 मरीजों का इलाज जारी है। टीबी का इलाज सामान्यतः छह से नौ महीने तक चलता है। इस दौरान मरीजों को नियमित रूप से दवाएं लेनी होती हैं। साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार भी जरूरी होता है।
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वर्जन
जिले में टीबी रोगियों के पोषण के लिए मिलने वाली धनराशि को लेकर शासन स्तर पर डिमांड भेजी जा चुकी है। बजट के अभाव में फिलहाल भुगतान नहीं हो पाया है। सभी मरीजों के बाउचर तैयार है। जैसे ही बजट उपलब्ध होगा, डीबीटी के माध्यम से सभी पात्र मरीजों के खातों में राशि भेज दी जाएगी।
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-डॉ. वीरेंद्र कुमार आर्या, जिला क्षय रोग अधिकारी