{"_id":"67db1c484f334d1dea07d3b1","slug":"sugreeva-had-opened-a-bakery-shop-and-a-dairy-farm-maharajganj-news-c-206-1-mhg1001-144985-2025-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: सुग्रीव ने खोली थी बेकरी की दुकान और डेयरी फार्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: सुग्रीव ने खोली थी बेकरी की दुकान और डेयरी फार्म
Thu, 20 Mar 2025 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 20 Mar 2025 01:04 AM IST
विज्ञापन
परतावल। धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में गिरफ्तार किए गए सुग्रीव की एक नई साजिश का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपनी संदिग्ध गतिविधियों को छिपाने और आय का वैध स्रोत दिखाने के लिए लगभग एक वर्ष पहले बेकरी की दुकान और डेयरी फार्म की शुरुआत की थी।
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले आयकर विभाग की टीम सुग्रीव के घर आई थी। टीम द्वारा क्या कार्रवाई की गई यह जानकारी तो नहीं है लेकिन उसके बाद ही सुग्रीव ने महादेवा चौराहे पर बेकरी की दुकान खोल ली। इसके अलावा प्रार्थना सभा स्थल पर डेयरी फार्म खोल लिया, जिसमें दर्जनों दुधारू पशु हैं। लोगों का कहना है कि यह दुकान और डेयरी फार्म केवल दिखावे के लिए खोले गए थे।
असल में, इनका उपयोग सुग्रीव की अन्य गतिविधियों को छिपाने के लिए किया जा रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि बेकरी और डेयरी फार्म से होने वाली आय आरोपी के रहन-सहन के खर्चों से ही मेल नहीं खा रही थी। इनके आय से लाखों रुपयों के वाहन खरीदना संभव नहीं है। यह जांच का विषय है कि कहीं इसमें बाहरी फंडिंग या अवैध गतिविधियों का पैसा तो नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
फिलहाल, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी के अन्य साथियों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि अगर किसी और के शामिल होने के सबूत मिलते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले आयकर विभाग की टीम सुग्रीव के घर आई थी। टीम द्वारा क्या कार्रवाई की गई यह जानकारी तो नहीं है लेकिन उसके बाद ही सुग्रीव ने महादेवा चौराहे पर बेकरी की दुकान खोल ली। इसके अलावा प्रार्थना सभा स्थल पर डेयरी फार्म खोल लिया, जिसमें दर्जनों दुधारू पशु हैं। लोगों का कहना है कि यह दुकान और डेयरी फार्म केवल दिखावे के लिए खोले गए थे।
विज्ञापन
असल में, इनका उपयोग सुग्रीव की अन्य गतिविधियों को छिपाने के लिए किया जा रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि बेकरी और डेयरी फार्म से होने वाली आय आरोपी के रहन-सहन के खर्चों से ही मेल नहीं खा रही थी। इनके आय से लाखों रुपयों के वाहन खरीदना संभव नहीं है। यह जांच का विषय है कि कहीं इसमें बाहरी फंडिंग या अवैध गतिविधियों का पैसा तो नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
फिलहाल, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी के अन्य साथियों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि अगर किसी और के शामिल होने के सबूत मिलते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।