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रेडराट की रोकथाम के लिए गन्ना विभाग उठाएगा प्रभावी कदम
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रेडराट की रोकथाम के लिए गन्ना विभाग उठाएगा प्रभावी कदम
- गड़ौरा परिषद के निचले क्षेत्रों में 0238 की जगह दूसरी प्रजाति के गन्ने की बुआई करने के लिए किसानों को दी जाएगी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। गड़ौरा गन्ना परिषद क्षेत्र के निचले स्थलों के जल प्लावित क्षेत्रों में रेडराट की रोकथाम को लेकर गन्ना विभाग द्वारा किसानों को जागरूक किया जाएगा। विभाग के जिम्मेदार ऐसे किसानों से मिलकर उन्हें 0238 प्रजाति के गन्ने को न बोने तथा उसकी जगह दूसरी प्रजाति बोने को लेकर जागरूक करेंगे।
जिले में बसंतकालीन बुआई के तैयार हुई फसल में लगभग 1300 हेक्टेयर फसल पानी के लगने तथा रेडराट व उकठा रोग की वजह से खराब हो गई। फसल के खराब होने से जहां किसानों को क्षति हुई, वहीं विभाग का भी उत्पादन घटा। समस्या से गन्ना किसानों को बचाने को लेकर सर्वप्रथम किसानों की सूची तैयार कराई जाएगी। उन्हें विभाग के जिम्मेदारों 0238 की जगह ऐसी प्रजाति को बोने को लेकर जागरूक करेंगे जो फसल पानी अथवा रोगों से कम प्रभावित हो।
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि गन्ने की फसल निचलौल व सिसवा क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों की आर्थिक आय का माध्यम है। ऐसे में उन्हें इस फसल से नुकसान न हो, इसे लेकर कदम उठाए जा रहे हैं।
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8272 व 98014 प्रजाति बोने पर जोर दें किसान
जल प्लावित क्षेत्रों व रोग केे कारण प्रभावित हुई फसल को देखते हुए गन्ना किसान 8272 तथा 98014 प्रजाति के बीज को बुआई में प्रयोग करने पर जोर दें। इसमें शिथिलता न बरती जाए।
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- गड़ौरा परिषद के निचले क्षेत्रों में 0238 की जगह दूसरी प्रजाति के गन्ने की बुआई करने के लिए किसानों को दी जाएगी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। गड़ौरा गन्ना परिषद क्षेत्र के निचले स्थलों के जल प्लावित क्षेत्रों में रेडराट की रोकथाम को लेकर गन्ना विभाग द्वारा किसानों को जागरूक किया जाएगा। विभाग के जिम्मेदार ऐसे किसानों से मिलकर उन्हें 0238 प्रजाति के गन्ने को न बोने तथा उसकी जगह दूसरी प्रजाति बोने को लेकर जागरूक करेंगे।
जिले में बसंतकालीन बुआई के तैयार हुई फसल में लगभग 1300 हेक्टेयर फसल पानी के लगने तथा रेडराट व उकठा रोग की वजह से खराब हो गई। फसल के खराब होने से जहां किसानों को क्षति हुई, वहीं विभाग का भी उत्पादन घटा। समस्या से गन्ना किसानों को बचाने को लेकर सर्वप्रथम किसानों की सूची तैयार कराई जाएगी। उन्हें विभाग के जिम्मेदारों 0238 की जगह ऐसी प्रजाति को बोने को लेकर जागरूक करेंगे जो फसल पानी अथवा रोगों से कम प्रभावित हो।
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जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि गन्ने की फसल निचलौल व सिसवा क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों की आर्थिक आय का माध्यम है। ऐसे में उन्हें इस फसल से नुकसान न हो, इसे लेकर कदम उठाए जा रहे हैं।
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8272 व 98014 प्रजाति बोने पर जोर दें किसान
जल प्लावित क्षेत्रों व रोग केे कारण प्रभावित हुई फसल को देखते हुए गन्ना किसान 8272 तथा 98014 प्रजाति के बीज को बुआई में प्रयोग करने पर जोर दें। इसमें शिथिलता न बरती जाए।