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छात्रों ने संविदा भर्ती प्रस्ताव मंजूर न करने की मांग की
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संविदा नियुक्ति को लेकर डीएम को ज्ञापन देकर वापस आते छात्र।
- फोटो : MAHARAJGANJ
छात्रों ने संविदा भर्ती प्रस्ताव मंजूर न करने की मांग की
महराजगंज। छात्रों ने सोमवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर उत्तर प्रदेश कार्मिक विभाग की ओर से प्रस्तावित सरकारी विभाग समूह ख और ग के पदों पर नियुक्ति के लिए संविदा का प्रस्ताव मंजूर न किए जाने की मांग की।
छात्रों ने कहा कि पिछले चार वर्षों से अधिक समय से भर्तियों के परिणाम लंबित हैं। उनका परिणाम आने के लिए कोई जानकारी नहीं है। अगर परिणाम आ भी जाता है, उसके बाद भी संविदा पर नियुक्ति और संविदा आधारित मानदेय प्रतियोगी अभ्यर्थियों की आशा पर पानी फेरने का काम करेगा। रजत शुक्ला ने कहा कि पांच वर्षीय संविदा अवधि भ्रष्टाचार और धन उगाही को प्रेरित करेगी। वहीं दूसरी ओर संविदा कर्मी को स्वतंत्र रूप से कार्य करने में भी बाधा उत्पन्न करेगी।
उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षा का उद्देश्य ही योग्य का चयन करना होता है। ऐसे में एक बार योग्य चयनित व्यक्ति को पांच वर्ष तक बार बार योग्यता सिद्ध करनी होगी। उसके बाद उसे स्थायी किया जाएगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पडे़गा। उन्होंने कहा कि ऐसे में किसी भी नियमावली को मंजूरी न दी जाए, जिससे भविष्य में परेशानी का कारण बन सके।
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इस मौके पर अजय गुप्ता, बृजेश, आलोक चौरसिया, अखिलेश गुप्ता, मनोज कुमार, नुरूल्हाह, दिलीप, अमित रावत, अभिजीत, अरुण, जावेद आलम आदि मौजूद रहे।
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महराजगंज। छात्रों ने सोमवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर उत्तर प्रदेश कार्मिक विभाग की ओर से प्रस्तावित सरकारी विभाग समूह ख और ग के पदों पर नियुक्ति के लिए संविदा का प्रस्ताव मंजूर न किए जाने की मांग की।
छात्रों ने कहा कि पिछले चार वर्षों से अधिक समय से भर्तियों के परिणाम लंबित हैं। उनका परिणाम आने के लिए कोई जानकारी नहीं है। अगर परिणाम आ भी जाता है, उसके बाद भी संविदा पर नियुक्ति और संविदा आधारित मानदेय प्रतियोगी अभ्यर्थियों की आशा पर पानी फेरने का काम करेगा। रजत शुक्ला ने कहा कि पांच वर्षीय संविदा अवधि भ्रष्टाचार और धन उगाही को प्रेरित करेगी। वहीं दूसरी ओर संविदा कर्मी को स्वतंत्र रूप से कार्य करने में भी बाधा उत्पन्न करेगी।
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उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षा का उद्देश्य ही योग्य का चयन करना होता है। ऐसे में एक बार योग्य चयनित व्यक्ति को पांच वर्ष तक बार बार योग्यता सिद्ध करनी होगी। उसके बाद उसे स्थायी किया जाएगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पडे़गा। उन्होंने कहा कि ऐसे में किसी भी नियमावली को मंजूरी न दी जाए, जिससे भविष्य में परेशानी का कारण बन सके।
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इस मौके पर अजय गुप्ता, बृजेश, आलोक चौरसिया, अखिलेश गुप्ता, मनोज कुमार, नुरूल्हाह, दिलीप, अमित रावत, अभिजीत, अरुण, जावेद आलम आदि मौजूद रहे।