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Maharajganj News: नेपाल बॉर्डर पर नशे में प्रयोग होने वाली दवाओं की बढ़ी तस्करी
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सीमावर्ती क्षेत्र में बाइक से नशीली दवा ले जाता हुआ कैरियर।
महराजगंज। सीमावर्ती क्षेत्र में नशे में प्रयोग होने वाली दवाओं की तस्करी बढ़ गई है। कैरियर छोटे-छोटे डिब्बों में रखकर इसे सरहद पार कर रहे हैं। वहीं कोडीन युक्त सिरप की बिक्री भी बढ़ गई है। नेपाल के सीमावर्ती गांवों में सुरक्षित स्थान बनाकर सीधी सप्लाई नशे का प्रयोग करने वाले युवाओं तक की जा रही है। सरहद पर पकड़े जाने के डर से यह व्यवस्था बनाई गई है। इसमें विक्रेता व क्रेता दोनों का फायदा हो रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध दुकानों से धंधा किया जा रहा है।
शनिवार को सीमावर्ती क्षेत्र के कई स्थानों पर पड़ताल के दौरान तस्करों के बदले तरीकों के बारे में जानकारी हुई। धंधे से जुड़े लोगों ने नेपाल के तमाम गांवों में एक एजेंट रखा है, उसी के जरिए नेपाल में पोखर तक नशीली दवाएं पहुंचा दी गई हैं। एक छोटे से बॉक्स में कम से कम पांच हजार की नशीली दवा भेजी जाती है। सरहद पार कराने वाले को 500 से 1,000 रुपये दिए जाते हैं। यह कार्य ज्यादातर साइकिल से जाने वाले कैरियर कर रहे हैं।
दिन से एक दो बार ही एक व्यक्ति को तस्कर भेजते हैं। ऐसा करने से वह व्यक्ति सुरक्षा कर्मियों की नजर में नहीं चढ़ता है। भगवानपुर, खनुआ, हरदीडाली, ठूठीबारी, झुलनीपुर, बरगदवा समेत अन्य क्षेत्रों से होकर आसानी से इस काम को अंजाम दिया जा रहा है। नशीली दवाओं की खेप को साइकिल के पीछे रखकर आसानी से मुख्य रास्तों से भी सरहद पार करा किया जाता है।
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औषधि निरीक्षक दीपक पांडेय ने बताया कि दुकानों की जांच समय-समय पर की जाती है। निुयमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी जाती है। दवा तस्करों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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शनिवार को सीमावर्ती क्षेत्र के कई स्थानों पर पड़ताल के दौरान तस्करों के बदले तरीकों के बारे में जानकारी हुई। धंधे से जुड़े लोगों ने नेपाल के तमाम गांवों में एक एजेंट रखा है, उसी के जरिए नेपाल में पोखर तक नशीली दवाएं पहुंचा दी गई हैं। एक छोटे से बॉक्स में कम से कम पांच हजार की नशीली दवा भेजी जाती है। सरहद पार कराने वाले को 500 से 1,000 रुपये दिए जाते हैं। यह कार्य ज्यादातर साइकिल से जाने वाले कैरियर कर रहे हैं।
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दिन से एक दो बार ही एक व्यक्ति को तस्कर भेजते हैं। ऐसा करने से वह व्यक्ति सुरक्षा कर्मियों की नजर में नहीं चढ़ता है। भगवानपुर, खनुआ, हरदीडाली, ठूठीबारी, झुलनीपुर, बरगदवा समेत अन्य क्षेत्रों से होकर आसानी से इस काम को अंजाम दिया जा रहा है। नशीली दवाओं की खेप को साइकिल के पीछे रखकर आसानी से मुख्य रास्तों से भी सरहद पार करा किया जाता है।
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औषधि निरीक्षक दीपक पांडेय ने बताया कि दुकानों की जांच समय-समय पर की जाती है। निुयमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी जाती है। दवा तस्करों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।