{"_id":"66ea1c41bcc2257feb02eef4","slug":"smuggling-of-chinese-garlic-crossed-the-border-even-after-strictness-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-131553-2024-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: चाइनीज लहसुन की तस्करी... सख्ती के बाद भी सरहद पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: चाइनीज लहसुन की तस्करी... सख्ती के बाद भी सरहद पार
Wed, 18 Sep 2024 05:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 18 Sep 2024 05:48 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। चीनी लहसुन की तस्करी तेजी से हो रही है। बीते दिन ट्रक पर लादकर लहसुन कानपुर मंडी में भेजा जा रहा था। इसे फरेंदा के पास पकड़ा गया था। हैरानी की बात है कि कड़ी चौकसी के बाद भी आसानी से चीनी लहसुन सरहद पार हो रहा है और उसकी जानकारी 50 किलोमीटर दूर जाकर हुई।
सूत्रों की माने तो सीमावर्ती गांव में तस्करों ने अवैध गोदाम बना रखे हैं, जहां नेपाल से साइकिल और बाइक से लाकर डंप किया जाता है। बड़े वाहनों पर लोडकर गोरखपुर और कानपुर मंडी भेज दिया जाता है। मंडी में पहुंचने पर चीन के लहसुन की पहचान संभव नहीं हो पाती है, जिसके कारण यह आसानी से खप जाता है। कस्टम विभाग की सतर्कता के कारण एक ट्रक चीनी लहसुन फिर पकड़ा गया।
सूत्र बताते हैं कि खासा टाटोपानी बॉर्डर खुलने के बाद नेपाल से भारत में इन दिनों चाइनीज सामानों की तस्करी बढ़ गई है, जिसमें लहसुन की तस्करी ज्यादा है। भारत में लहसुन का दाम आसमान छू रहा है। कहीं 250 तो कहीं 280 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। पड़ोसी देश नेपाल में लहसुन 100 रुपये प्रति किलो है। भारत-नेपाल सरहद पर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर तस्कर लहसुन की तस्करी कर मोटी रकम कमा रहे हैं।
विज्ञापन
जनपद के सीमावर्ती बाजारों में चाइनीज लहसुन की भरमार है। इसे लोग खूब पसंद भी कर रहे हैं क्योंकि यह चमकदार और मोटा होता है। जबकि मार्केट में भारतीय लहसुन छोटा और काला दिख रहा है। महंगाई के कारण लोग लहसुन से दूरी बना रहे हैं, लेकिन भारत के पड़ोसी देश नेपाल में 80 रुपये प्रति किलो चाइनीज लहसुन बिक रहा है।
लहसुन की छोटी खेप करते हैं सरहद पार
तस्कर चाइनीज लहसुन को नेपाल में 80 रुपये प्रति किलो खरीदकर सरहद से सीमावर्ती गांव के गोदामों में डंप कर देते हैं। फिर तस्कर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर दिन हो या फिर रात, छोटे-बड़े वाहनों की मदद से लहसुन की खेप को सरहद पार कर भारत लाते हैं। जहां से सीमावर्ती नगर और ग्रामीण बाजारों के साथ गोरखपुर, कानपुर सहित अन्य मंडियों में आसानी से पहुंचाकर मोटी रकम कमा रहे हैं। कस्टम विभाग नौतनवा ने सोमवार को एक ट्रक से 8600 किलो चाइनीज लहसुन बरामद किया है।
चाइनीज लहसुन लदा वाहन पलटा, 14 बोरा लहसुन बरामद
सिसवा बाजार। कोठीभार थाना क्षेत्र के गुरली पुलिस पिकेट के पास मंगलवार को सुबह चाइनीज लहसुन लदी एक चार पहिया वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। पुलिस के आने से पहले तस्कर 14 बोरी लहसुन छोड़ गाड़ी लेकर फरार हो गए। सिसवा क्षेत्र में कनाडियन मटर के बाद प्रतिबंधित चाइनीज लहसुन की तस्करी जोरों पर है। मंगलवार की सुबह चाइनीज लहसुन से लदा एक चार पहिया वाहन गुरली पुलिस पिकेट के पास सड़क पर अनियंत्रित हो कर पलट गई और लहसुन की बोरी चारों ओर बिखर गई। गाड़ी में बैठे लोगों ने गाड़ी को सीधा कर उसमें लहसुन की बोरियां रखने लगे ग्रामीणों की बढ़ती भीड़ और पुलिस आने के डर से तस्कर 14 बोरी लहसुन छोड़कर और गाड़ी लेकर फरार हो गए। प्रभारी निरीक्षक कोठीभार अखिलेश सिंह ने बताया कि 14 बोरी लहसुन को कब्जे में लेकर कस्टम को सूचित किया गया है। संवाद
एक पिकअप पर लदा चावल बरामद
कोल्हुई। कस्बे के मुख्य तिराहे से पुलिस ने सोनौली की तरफ जाते हुए एक पिकअप को पकड़ा है। बरामद चावल को कस्टम को सौंप दिया गया है। थानाध्यक्ष सतेंद्र राय ने बताया कि चौराहे पर जांच के दौरान पिकअप का कागजात मांगा गया तो चालक कोई वैध कागज नहीं दिखा सका। इसके बाद थाने लेकर जाकर पूछताछ की गई। संवाद
विज्ञापन
सूत्रों की माने तो सीमावर्ती गांव में तस्करों ने अवैध गोदाम बना रखे हैं, जहां नेपाल से साइकिल और बाइक से लाकर डंप किया जाता है। बड़े वाहनों पर लोडकर गोरखपुर और कानपुर मंडी भेज दिया जाता है। मंडी में पहुंचने पर चीन के लहसुन की पहचान संभव नहीं हो पाती है, जिसके कारण यह आसानी से खप जाता है। कस्टम विभाग की सतर्कता के कारण एक ट्रक चीनी लहसुन फिर पकड़ा गया।
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि खासा टाटोपानी बॉर्डर खुलने के बाद नेपाल से भारत में इन दिनों चाइनीज सामानों की तस्करी बढ़ गई है, जिसमें लहसुन की तस्करी ज्यादा है। भारत में लहसुन का दाम आसमान छू रहा है। कहीं 250 तो कहीं 280 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। पड़ोसी देश नेपाल में लहसुन 100 रुपये प्रति किलो है। भारत-नेपाल सरहद पर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर तस्कर लहसुन की तस्करी कर मोटी रकम कमा रहे हैं।
विज्ञापन
जनपद के सीमावर्ती बाजारों में चाइनीज लहसुन की भरमार है। इसे लोग खूब पसंद भी कर रहे हैं क्योंकि यह चमकदार और मोटा होता है। जबकि मार्केट में भारतीय लहसुन छोटा और काला दिख रहा है। महंगाई के कारण लोग लहसुन से दूरी बना रहे हैं, लेकिन भारत के पड़ोसी देश नेपाल में 80 रुपये प्रति किलो चाइनीज लहसुन बिक रहा है।
लहसुन की छोटी खेप करते हैं सरहद पार
तस्कर चाइनीज लहसुन को नेपाल में 80 रुपये प्रति किलो खरीदकर सरहद से सीमावर्ती गांव के गोदामों में डंप कर देते हैं। फिर तस्कर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर दिन हो या फिर रात, छोटे-बड़े वाहनों की मदद से लहसुन की खेप को सरहद पार कर भारत लाते हैं। जहां से सीमावर्ती नगर और ग्रामीण बाजारों के साथ गोरखपुर, कानपुर सहित अन्य मंडियों में आसानी से पहुंचाकर मोटी रकम कमा रहे हैं। कस्टम विभाग नौतनवा ने सोमवार को एक ट्रक से 8600 किलो चाइनीज लहसुन बरामद किया है।
चाइनीज लहसुन लदा वाहन पलटा, 14 बोरा लहसुन बरामद
सिसवा बाजार। कोठीभार थाना क्षेत्र के गुरली पुलिस पिकेट के पास मंगलवार को सुबह चाइनीज लहसुन लदी एक चार पहिया वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। पुलिस के आने से पहले तस्कर 14 बोरी लहसुन छोड़ गाड़ी लेकर फरार हो गए। सिसवा क्षेत्र में कनाडियन मटर के बाद प्रतिबंधित चाइनीज लहसुन की तस्करी जोरों पर है। मंगलवार की सुबह चाइनीज लहसुन से लदा एक चार पहिया वाहन गुरली पुलिस पिकेट के पास सड़क पर अनियंत्रित हो कर पलट गई और लहसुन की बोरी चारों ओर बिखर गई। गाड़ी में बैठे लोगों ने गाड़ी को सीधा कर उसमें लहसुन की बोरियां रखने लगे ग्रामीणों की बढ़ती भीड़ और पुलिस आने के डर से तस्कर 14 बोरी लहसुन छोड़कर और गाड़ी लेकर फरार हो गए। प्रभारी निरीक्षक कोठीभार अखिलेश सिंह ने बताया कि 14 बोरी लहसुन को कब्जे में लेकर कस्टम को सूचित किया गया है। संवाद
एक पिकअप पर लदा चावल बरामद
कोल्हुई। कस्बे के मुख्य तिराहे से पुलिस ने सोनौली की तरफ जाते हुए एक पिकअप को पकड़ा है। बरामद चावल को कस्टम को सौंप दिया गया है। थानाध्यक्ष सतेंद्र राय ने बताया कि चौराहे पर जांच के दौरान पिकअप का कागजात मांगा गया तो चालक कोई वैध कागज नहीं दिखा सका। इसके बाद थाने लेकर जाकर पूछताछ की गई। संवाद