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Maharajganj News: ब्राजील के मक्के की नेपाल बाॅर्डर के रास्ते तस्करी
Mon, 28 Oct 2024 03:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 28 Oct 2024 03:45 AM IST
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महराजगंज/निचलौल। ब्राजील के मक्के को बड़े पैमाने पर भारत-नेपाल के खुले बाॅर्डर के रास्ते तस्करी कर भारत लाया जा रहा है। सरहद पर यह काम कैरियर और पिकअप की मदद से किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि प्रतिदिन नारायणी नदी से सटे एक दर्जन से अधिक पगडंडियों के रास्ते से 12 से 15 पिकअप ब्राजील के मक्के की खेप को नेपाल राष्ट्र से तस्करी कर भारत लाई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक भारत और नेपाल में खाद्य सामग्री के मूल्य में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है। ऐसे में इन दिनों भारत और नेपाल में ब्राजील के मक्के की कीमत में काफी अंतर है।
वहीं, दोनों देशों के तस्कर इसका फायदा लेने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। क्योंकि तस्कर प्रतिदिन और रात के अंधेरे में सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर काली करतूत को अंजाम देने में लगे रहते हैं।
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यही कारण है कि वह बाॅर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर अपने मंसूबे में कामयाब भी हो जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, बाॅर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती होने के दौरान तस्कर पगडंडियों के रास्ते कैरियर की मदद से साइकिल या बिना नंबर प्लेट की बाइक से मक्के की खेप को धीरे-धीरे बाॅर्डर पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचा देते हैं। अगर थोड़ा भी सुरक्षा एजेंसियों से चूक हुई तो फिर तस्कर मुख्य नाका के रास्ते ही पिकअप से मक्के की खेप को भारत पहुंचा देते है।
हालांकि, बाॅर्डर पर इस धंधे को रोकने के लिए तैनात कई सुरक्षा एजेंसियां अभी मामले से अंजान बनी हुई है। जबकि, तस्कर ब्राजील के मक्के को नेपाल से भारत पहुंचा कर महंगे दामों पर धंधेबाजों के हवाले कर दे रहे है।
मक्के की तस्करी में कारोबारियों को धंधे से भारी मुनाफा हो रहा है। बातचीत के दौरान कारोबार से जुड़े एक व्यापारी ने बताया की नेपाल में 70 से 80 रुपये प्रतिकिलो की दर से मक्का मिल जाता है। भारत लाने पर इसका कीमत 110 से 120 रुपये प्रति किलो हो जाती है।
अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार ने बताया कि कड़ी निगरानी की जा रही है। समय समय पर कार्रवाई की जाती है।
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जानकारी के मुताबिक भारत और नेपाल में खाद्य सामग्री के मूल्य में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है। ऐसे में इन दिनों भारत और नेपाल में ब्राजील के मक्के की कीमत में काफी अंतर है।
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वहीं, दोनों देशों के तस्कर इसका फायदा लेने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। क्योंकि तस्कर प्रतिदिन और रात के अंधेरे में सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर काली करतूत को अंजाम देने में लगे रहते हैं।
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यही कारण है कि वह बाॅर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर अपने मंसूबे में कामयाब भी हो जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, बाॅर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती होने के दौरान तस्कर पगडंडियों के रास्ते कैरियर की मदद से साइकिल या बिना नंबर प्लेट की बाइक से मक्के की खेप को धीरे-धीरे बाॅर्डर पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचा देते हैं। अगर थोड़ा भी सुरक्षा एजेंसियों से चूक हुई तो फिर तस्कर मुख्य नाका के रास्ते ही पिकअप से मक्के की खेप को भारत पहुंचा देते है।
हालांकि, बाॅर्डर पर इस धंधे को रोकने के लिए तैनात कई सुरक्षा एजेंसियां अभी मामले से अंजान बनी हुई है। जबकि, तस्कर ब्राजील के मक्के को नेपाल से भारत पहुंचा कर महंगे दामों पर धंधेबाजों के हवाले कर दे रहे है।
मक्के की तस्करी में कारोबारियों को धंधे से भारी मुनाफा हो रहा है। बातचीत के दौरान कारोबार से जुड़े एक व्यापारी ने बताया की नेपाल में 70 से 80 रुपये प्रतिकिलो की दर से मक्का मिल जाता है। भारत लाने पर इसका कीमत 110 से 120 रुपये प्रति किलो हो जाती है।
अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार ने बताया कि कड़ी निगरानी की जा रही है। समय समय पर कार्रवाई की जाती है।