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Maharajganj News: स्मार्टफोन छीन रहा आंखों से नींद, युवाओं में तनाव
Thu, 08 May 2025 07:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 08 May 2025 07:18 PM IST
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महराजगंज। मोबाइल फोन पर अत्यधिक समय बिताने वाले युवाओं की आंखों से नींद दूर हो रही है। भरपूर नींद न लेने के कारण आंखें न सिर्फ बोझिल रहती हैं बल्कि युवा तनाव में भी पहुंच रहे हैं।
इन दिनों रोजाना जिला अस्पताल की ओपीडी में आठ से अधिक मरीज समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सक उन्हें मोबाइल से दूर रहने के साथ-साथ कम से कम प्रयोग की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को नौ युवा ऐसे पहुंचे जिन्हें नींद न आने और आंख भारी महसूस होने की दिक्कत थी।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. मनीष कुमार ने काउंसिलिंग की तो पता चला कि सभी युवा अधिक समय मोबाइल पर सक्रिय रहते हैं, जिसके कारण उन्हें नींद न आने सहित अन्य दुश्वारियों से जूझना पड़ रहा है। आंख बंद करने और खोलने में परेशानी होती है।
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देर रात तक मूवी देखने से ही आंखों की पलकों पर दबाव पड़ रहा है, जिससे भारीपन रहता है। ऐसे मरीजों को मोबाइल से दूर रहने, पोषण युक्त भोजन लेने के साथ ही आठ घंटे से अधिक नींद लेने की सलाह दी जा रही है।
सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने बताया कि युवाओं में सोशल प्लेटफार्म, मोबाइल गेम व रील देखने की आदत अधिक है जिसके कारण आंखों को आराम नहीं मिल रहा। मोबाइल की रेडियोएक्टिव तरंगों के प्रभाव से जल्दी नींद नहीं आती। युवाओं को कम से कम समय मोबाइल पर देने की सलाह व जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है।
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इन दिनों रोजाना जिला अस्पताल की ओपीडी में आठ से अधिक मरीज समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सक उन्हें मोबाइल से दूर रहने के साथ-साथ कम से कम प्रयोग की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को नौ युवा ऐसे पहुंचे जिन्हें नींद न आने और आंख भारी महसूस होने की दिक्कत थी।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. मनीष कुमार ने काउंसिलिंग की तो पता चला कि सभी युवा अधिक समय मोबाइल पर सक्रिय रहते हैं, जिसके कारण उन्हें नींद न आने सहित अन्य दुश्वारियों से जूझना पड़ रहा है। आंख बंद करने और खोलने में परेशानी होती है।
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देर रात तक मूवी देखने से ही आंखों की पलकों पर दबाव पड़ रहा है, जिससे भारीपन रहता है। ऐसे मरीजों को मोबाइल से दूर रहने, पोषण युक्त भोजन लेने के साथ ही आठ घंटे से अधिक नींद लेने की सलाह दी जा रही है।
सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने बताया कि युवाओं में सोशल प्लेटफार्म, मोबाइल गेम व रील देखने की आदत अधिक है जिसके कारण आंखों को आराम नहीं मिल रहा। मोबाइल की रेडियोएक्टिव तरंगों के प्रभाव से जल्दी नींद नहीं आती। युवाओं को कम से कम समय मोबाइल पर देने की सलाह व जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है।