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Maharajganj News: साहब ! प्रधान व लेखपाल नहीं बनने दे रहे घर

Sun, 16 Nov 2025 02:19 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 16 Nov 2025 02:19 AM IST
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Sir! The head and accountant are not allowing the house to be built.
निचलौल तहसील में फरियादियों की समस्या सुनते डीएम और एसडीएम। 
निचलौल। साहब! तीन दशक पहले मुझे जमीन आवंटित की गई थी। मैं मकान बनाकर जमीन पर काबिज भी था। मैं आजीविका कमाने के लिए पूरे परिवार के साथ परदेश चला गया। इसी बीच वह मकान भी गिर गया। परदेश से लौटने के बाद उक्त पट्टे की भूमि पर मकान बनाने लगा तो ग्राम प्रधान और लेखपाल निर्माण कार्य को रोक दिया। तहसील में कई बार शिकायत दर्ज कराई। मामले को निस्तारित करने की बजाय 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जाने लगी।
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शनिवार को जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे बहुआर खुर्द निवासी सुधई ने शनिवार को जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस पर यह बातें कहीं। संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम संतोष कुमार शर्मा को दिए शिकायती पत्र में पीड़ित सुधई ने बताया कि 25 मार्च 1992 को आराजी नंबर 199 मि० रकवा 0.008 हेक्टेयर भूमि का उन्हें आवासीय पट्टा मिला था।
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जमीन पर वह मकान बनाकर काबिज भी थे। रोजी-रोटी के सिलसिले में मजदूरी करने के लिए पूरे परिवार के साथ परदेश चले गए तो पट्टे की जमीन पर बना मकान गिर गया। परदेश से लौटने के बाद उक्त पट्टे की जमीन पर मकान बनवाने लगे। आरोप है कि ग्राम प्रधान और लेखपाल ने निर्माण कार्य रुकवा दिया।
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मामले की शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस पर तीन बार अधिकारियों से की गई लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ। बुधई ने आरोप है कि वह रिश्वत नहीं दे पा रहा है। इसलिए उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह डोमा कांटी टोला निवासी नबी रसूल ने बताया कि बेटी तैसुन निशा निवासी महाशय वार्ड नगर पंचायत निचलौल जमीन खरीदने और मकान बनवाने के लिए नकद और भूमि बंधक रख 1.40 लाख रुपये ले ली। लेकिन रकम को अभी तक नहीं लौटाया। मामले में पुलिस से शिकायत भी दर्ज कराई गई लेकिन जिम्मेदारों ने रकम दिलाने की बजाय जबरन सुलह करा दिया। पीड़ित ने रकम दिलाने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं बंदी विशुनपुरा निवासी सवरुन निशा ने बताया है कि वह काफी बुर्जुग हो चुकी हैं।
उनका सहारा वृद्धा पेंशन ही है। पहले पेंशन समय से आ जाता था लेकिन पिछले कई महीनों से नहीं आ रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

वहीं सोहगीबरवा निवासी इसरावती देवी ने बताया कि वह बच्चों के साथ आबादी के पास झोपड़ी डालकर जीवन काट रही हैं। उनके पास कोई रिहायशी जमीन नहीं है। इसरावती ने गांव की बचत भूमि से रिहायशी भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है। इस अवसर पर एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता, सीएमओ श्रीकांत शुक्ला, तहसीलदार अमित कुमार सिंह, नायब तहसीलदार पीयूष जायसवाल, बीडीओ शमा सिंह, एडीओ पंचायत विनय कुमार पांडेय, पंकज सिंह, अखिलेश कुमार वर्मा व अन्य मौजूद रहे।
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