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Maharajganj News: पराली प्रबंधन से जुड़ी संभावनाओं को देखने आएंगे सिंघल
Sat, 02 Dec 2023 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 02 Dec 2023 01:04 AM IST
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महराजगंज। जिला प्रशासन की ओर से कृषि आधारित प्लांट लगाने की पहल ने मूर्त रूप लेना शुरू कर दिया है। चार दिसंबर को जिले में पराली प्रबंधन से जुड़ी संभावनाओं का पता लगाने के लिए टीडब्लूआई कंपनी से जुड़े पीपी सिंघल आएंगे। माना जा रहा है कि जिले के भ्रमण के बाद पराली प्रबंधन से जुड़े कार्यों मेंं तेजी आएगी।
कृषि प्रधान जिले महराजगंज में पराली को जलाने से बचाने व उसे किसानों की आय का जरिया बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने जिले स्तर के तीन अधिकारियों को दिल्ली में पैकेजिंग ग्रेड के कागज व पेपर बोर्ड के उत्पादन के लिए चावल के भूसे का उपयोग व मोल्डेड टेबलवेयर उत्पादों के लिए चावल के भूसे के गूदे के उपयोग पर आधारित विचार मंथन में हिस्सा लेने भेजा था।
वहां पर देश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने वाले लोगों से बातचीत में यह स्थिति सामने आई कि कृषि आधारित प्लांट लग जाए तो जिले का तेजी से विकास होगा। माना जा रहा है कि यदि ग्रुप से जुड़े लोगों ने यहां पर निवेश करने की योजना बनाई तो इससे जहां किसानों को राहत मिलेगी वहीं उनकी आय को बढ़ाने का जरिया भी मिल जाएगा। पराली का निस्तारण भी गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो सकेगा।
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पराली प्रबंधन से जुड़ी संभावनाओं का पता लगाने के लिए टीडब्लूआई ग्रुप के लोगों ने चार को जिले में आने को कहा है। यदि उन्होंने निवेश किया तो पराली का प्रबंधन तो होगा ही साथ ही किसानों की आय बढ़ने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन भी होगा।
वीरेंद्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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कृषि प्रधान जिले महराजगंज में पराली को जलाने से बचाने व उसे किसानों की आय का जरिया बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने जिले स्तर के तीन अधिकारियों को दिल्ली में पैकेजिंग ग्रेड के कागज व पेपर बोर्ड के उत्पादन के लिए चावल के भूसे का उपयोग व मोल्डेड टेबलवेयर उत्पादों के लिए चावल के भूसे के गूदे के उपयोग पर आधारित विचार मंथन में हिस्सा लेने भेजा था।
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वहां पर देश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने वाले लोगों से बातचीत में यह स्थिति सामने आई कि कृषि आधारित प्लांट लग जाए तो जिले का तेजी से विकास होगा। माना जा रहा है कि यदि ग्रुप से जुड़े लोगों ने यहां पर निवेश करने की योजना बनाई तो इससे जहां किसानों को राहत मिलेगी वहीं उनकी आय को बढ़ाने का जरिया भी मिल जाएगा। पराली का निस्तारण भी गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो सकेगा।
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पराली प्रबंधन से जुड़ी संभावनाओं का पता लगाने के लिए टीडब्लूआई ग्रुप के लोगों ने चार को जिले में आने को कहा है। यदि उन्होंने निवेश किया तो पराली का प्रबंधन तो होगा ही साथ ही किसानों की आय बढ़ने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन भी होगा।
वीरेंद्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी