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Maharajganj News: दिखाई राह...बहन की शादी की हर रस्म में बनी भाई
Fri, 06 Jun 2025 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 06 Jun 2025 12:44 AM IST
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बहन का तिलक चढ़ाती बहन शिल्पा।
निचलौल। थाना क्षेत्र के मुसहर गांव की एक युवती ने बेटियों का मान बढ़ाया है। उसने भाई का फर्ज निभाते हुए अपनी बड़ी बहन का तिलक चढ़ाने की रस्म निभाई। युवती के साहस की लोग खूब सराहना कर रहे हैं।
मुसहर गांव शीतलापुर निवासी शिल्पा विश्वकर्मा ने बातचीत में बताया कि वो तीन बहने हैं। उनके भाई नहीं है। समाज में भाई के न होने की चर्चा होती थी, लेकिन मां-बाप ने कभी ऐसा एहसास नहीं होने दिया। हम बहनें ही एक-दूसरे की भाई हैं। इतना ही नहीं किसी कार्य के लिए एक-दूसरे का सपोर्ट भी करते हैं।
20 साल की शिल्पा विश्वकर्मा ने बताया कि बहन शालू विश्वकर्मा का तिलक समारोह 23 मई को आयोजित था। इस दौरान उसने भाई का फर्ज निभाते हुए बहन शालू का तिलक चढ़ाई।
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फिर 28 मई को बहन की शादी में भी भाई की हर रस्म निभाई। शुरू में लोगों को अजीब लगा, लेकिन पिता और परिवार के अन्य सदस्यों ने बहन के तिलक चढ़ाने के उनके फैसले का समर्थन किया।
शिल्पा कहती हैं कि चीजें बदलने के साथ ही परंंपराएंं भी बदल रहीं हैं। समाज की बंधनों वाली बेड़ियां टूट रहीं हैं। इसलिए उन्होंने ये फैसला लिया कि वो जगह जहां भाई या कोई पुरुष बैठता है। वहां इस परंपरा के विपरीत जाकर इस विधि का पूर्ण करना चाहिए। यह एक सुखद एहसास भी था।
शिल्पा का कहना है जब बचपन से हर काम हमने बिना भाई के ही किया तो एक रस्म के लिए किसी भाई का पुरुष का होना जरूरी क्यों है। यही सोचकर उन्होंने खुद बहन का तिलक चढ़ाने की इच्छा जाहिर की। प्रिया कहती हैं हम किसी बेटे से कम नहीं हैं, एक-दूसरे का हमेशा सपोर्ट बने हैं। ऐसे में उन्हें लगता है कि इस परंपरा को तोड़ने में कोई बुराई नहीं थी।
ये उन लोगों के लिए भी उदाहरण है। जो ये सोचते हैं कि फलां काम या फलां विधि बिना पुरुष या भाई के पूरी नहीं हो सकती है। वह बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद निचलौल शहर स्थित एक निजी हॉस्पिटल में काम भी करती हैं।
परवरिश ऐसी की भाई की कमी कभी महसूस नहीं हुई : शिल्पा कहती हैं कि हमारी परवरिश ऐसी हुई की हमें कभी भाई की कमी महसूस नहीं हुई। पिता हर जगह उनका सपोर्ट करते हैं। जिले सरहदी क्षेत्र में स्थित मुसहर बस्तियों जैसे गांव में जहां एक बेटे की चाहत में बच्चों की लाइन लगा दी जाती है। ऐसे समाज में पिता ने न तो कोई भेदभाव किया और न पितृसत्तात्मक सोच को परिवार पर हावी होने दिया। शिल्पा ने कहा कि समाज अक्सर भाई न होने का सवाल करता है।
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मुसहर गांव शीतलापुर निवासी शिल्पा विश्वकर्मा ने बातचीत में बताया कि वो तीन बहने हैं। उनके भाई नहीं है। समाज में भाई के न होने की चर्चा होती थी, लेकिन मां-बाप ने कभी ऐसा एहसास नहीं होने दिया। हम बहनें ही एक-दूसरे की भाई हैं। इतना ही नहीं किसी कार्य के लिए एक-दूसरे का सपोर्ट भी करते हैं।
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20 साल की शिल्पा विश्वकर्मा ने बताया कि बहन शालू विश्वकर्मा का तिलक समारोह 23 मई को आयोजित था। इस दौरान उसने भाई का फर्ज निभाते हुए बहन शालू का तिलक चढ़ाई।
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फिर 28 मई को बहन की शादी में भी भाई की हर रस्म निभाई। शुरू में लोगों को अजीब लगा, लेकिन पिता और परिवार के अन्य सदस्यों ने बहन के तिलक चढ़ाने के उनके फैसले का समर्थन किया।
शिल्पा कहती हैं कि चीजें बदलने के साथ ही परंंपराएंं भी बदल रहीं हैं। समाज की बंधनों वाली बेड़ियां टूट रहीं हैं। इसलिए उन्होंने ये फैसला लिया कि वो जगह जहां भाई या कोई पुरुष बैठता है। वहां इस परंपरा के विपरीत जाकर इस विधि का पूर्ण करना चाहिए। यह एक सुखद एहसास भी था।
शिल्पा का कहना है जब बचपन से हर काम हमने बिना भाई के ही किया तो एक रस्म के लिए किसी भाई का पुरुष का होना जरूरी क्यों है। यही सोचकर उन्होंने खुद बहन का तिलक चढ़ाने की इच्छा जाहिर की। प्रिया कहती हैं हम किसी बेटे से कम नहीं हैं, एक-दूसरे का हमेशा सपोर्ट बने हैं। ऐसे में उन्हें लगता है कि इस परंपरा को तोड़ने में कोई बुराई नहीं थी।
ये उन लोगों के लिए भी उदाहरण है। जो ये सोचते हैं कि फलां काम या फलां विधि बिना पुरुष या भाई के पूरी नहीं हो सकती है। वह बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद निचलौल शहर स्थित एक निजी हॉस्पिटल में काम भी करती हैं।
परवरिश ऐसी की भाई की कमी कभी महसूस नहीं हुई : शिल्पा कहती हैं कि हमारी परवरिश ऐसी हुई की हमें कभी भाई की कमी महसूस नहीं हुई। पिता हर जगह उनका सपोर्ट करते हैं। जिले सरहदी क्षेत्र में स्थित मुसहर बस्तियों जैसे गांव में जहां एक बेटे की चाहत में बच्चों की लाइन लगा दी जाती है। ऐसे समाज में पिता ने न तो कोई भेदभाव किया और न पितृसत्तात्मक सोच को परिवार पर हावी होने दिया। शिल्पा ने कहा कि समाज अक्सर भाई न होने का सवाल करता है।