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Maharajganj News: चार माह से तबादले के लिए दौड़ा रहे थे सीनियर ड्यूटी इंस्पेक्टर
Wed, 17 Apr 2024 02:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 17 Apr 2024 02:55 AM IST
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घूस मांगने को लेकर पीड़ित ने किया था सीबीआई से शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/फरेंदा। आनंदनगर सब डिवीजन के सीनियर ड्यूटी इंस्पेक्टर पर तबादले के लिए मोटी रकम की मांग पर पीड़ित ने सीबीआई से शिकायत किया था। जिसपर टीम मंगलवार को डिवीजन पर पहुंच कर रंगे हाथ दबोच लिया। जिससे पूरे विभाग में हडकंप मच गया। विभागीय कर्मचारी किसी भी जानकारी देने से साफ कतरा रहे हैं। जबकि सीनियर ड्यूटी इंस्पेक्टर के पद पर तैनात आलोक चौधरी को पूरा विभाग घूसखोर अधिकारी के रूप में जानते हैं। मगर किसी में भी शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटी थी।
बृजमनगंज डाक विभाग में डाक सहायक कर्मी अपने स्थानान्तरण आनंदनगर कराने के लिए कई बार सिफारिश किए थे, लेकिन घूस के चक्कर में हर बार उनके साथ टाल मटोल किया जाता रहा। डाक सहायक पद से हमेशा स्थानान्तरण के लिए 40 हजार रुपये की डिमांड की जाती रही। उनका यह कारनामा आए दिन किया जाता था वह अन्य कर्मचारियों से भी ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर धन की मांग करते थे। डाक सहायक उनके कृत्यों से तंग आकर शिकायत करने जैसा साहसिक कदम उठाया। जब वह घूस देने में अक्षम साबित हुए तो शिकायत एंटी करप्शन ब्रांच लखनऊ से की। जिस पर मंगलवार को दिन में टीम ने 20 हजार देकर ट्रैंप किया तो मामला सामने आ गया। जैसे ही रकम को हाथ में दबोंच लिए गए। टीम के सामने एसडीआई के होश उड़ गए। उनके सामने कुछ कहने के लिए शब्द नही थे। वह बार बार खुद को निर्दाेष होने का दावा कर रहे थे। विभागीय कर्मचारी भी उनके कार्याे से क्षुब्द थे लेकिन किसी में भी विरोध करने की हिम्मत नहीं हो रही थी। उनका घूस लेना सभी कर्मचारियों के बीच जगजाहिर था। एसडीआई आलोक चौधरी को टीम ने गिरफ्तार किया तो सभी के होश उड़ गए। उसके बाद विभागीय अधिकारी शिकायतकर्ता को कोस रहे हैं कि विभागीय जानकारी नहीं देना चाहिए।
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ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर धमकाता था एसडीआई
-आनंदनगर डिवीजन होने के कारण क्षेत्र काफी बड़ा था। जिसके कारण एसडीआई की मनमानी सामने आती थी। कर्मचारी दूर के होने के कारण अपना ट्रांसफर कराने के लिए सिफारिश करते रहते थे। जिनसे हमेसा मोटी रकम की मांग की जाती थी। रकम न देने पर उनको संस्पेंड भी किया जाता था। बाद में पैसा लेकर उनका तबादला कर दिया था। गोरखपुर से ड्यूटी करने वाले कर्मचारी को परेशानी हुई तो स्थानान्तरण की मांग किया तो उनका सच सामने आया। पैसा वसूलना उनका पेशा बन गया था। न देने उनको दूर दराज भेज दिया जाता हैं। इसके पहले भी महराजगंज में थे, तब भी उनका रवैया यही था। वहां भी कई कर्मचारी परेशान थे।
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पीपीगंज से सोनौली तक के डाक कर्मचारी अधीनस्थ थे
-आनंदनगर उप मंडल होने के कारण पीपीगंज से लेकर सोनौली तक के डाक व डाक कर्मचारी इनके अधीन रहते हैं। उनका ट्रांसफर करना या पोस्टिंग करने के नाम पर कई बार रकम की मांग की जाती थी। आनंदनगर उप डाक मंडल पर आने के लिए कर्मचारी उत्सुक दिखते तो उनसे धन की मांग की जाती थी। न देने पर परेशान करते थे।
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एक सप्ताह पहले किया था शिकायत
एसडीआई ने आनंदनगर से बृजमनगंज तबादला कर दिए जिसके कारण आने जाने में परेशानी होती थी। उसके बाद वह आनंदनगर स्थानान्तरण की मांग की तो धन की मांग करने लगे। रिश्वत मांगने से तंग आकर एक सप्ताह पहले एंटीक्रप्सन में शिकायत किया था। जिस पर त्वरित कार्रवाई की गई। जिसमें घूसखोर अधिकारी दबोंच लिए गए। ऐसा पहला मामला नहीं हैं, इसके पहले भी कई बार इनकी शिकायत कर्मी करते तो उनका दबा दिया जाता था। कर्मचारी त्रस्त है लेकिन विरोध करने का दम नहीं दिखाते।
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15 अप्रैल से आनंदनगर में मिली थी तैनाती
-डाक सहायक कर्मी करीब जनवरी से बृजमनगंज में तैनात रहे। जहां पर ड्यूटी में परेशानी होती तो आनंदनगर स्थानान्तरण की मांग करते थे। उसके बाद धन की मांग होती थी। 15 अप्रैल से डाक सहायक की तैनाती आनंदनगर में हो गई हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/फरेंदा। आनंदनगर सब डिवीजन के सीनियर ड्यूटी इंस्पेक्टर पर तबादले के लिए मोटी रकम की मांग पर पीड़ित ने सीबीआई से शिकायत किया था। जिसपर टीम मंगलवार को डिवीजन पर पहुंच कर रंगे हाथ दबोच लिया। जिससे पूरे विभाग में हडकंप मच गया। विभागीय कर्मचारी किसी भी जानकारी देने से साफ कतरा रहे हैं। जबकि सीनियर ड्यूटी इंस्पेक्टर के पद पर तैनात आलोक चौधरी को पूरा विभाग घूसखोर अधिकारी के रूप में जानते हैं। मगर किसी में भी शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटी थी।
बृजमनगंज डाक विभाग में डाक सहायक कर्मी अपने स्थानान्तरण आनंदनगर कराने के लिए कई बार सिफारिश किए थे, लेकिन घूस के चक्कर में हर बार उनके साथ टाल मटोल किया जाता रहा। डाक सहायक पद से हमेशा स्थानान्तरण के लिए 40 हजार रुपये की डिमांड की जाती रही। उनका यह कारनामा आए दिन किया जाता था वह अन्य कर्मचारियों से भी ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर धन की मांग करते थे। डाक सहायक उनके कृत्यों से तंग आकर शिकायत करने जैसा साहसिक कदम उठाया। जब वह घूस देने में अक्षम साबित हुए तो शिकायत एंटी करप्शन ब्रांच लखनऊ से की। जिस पर मंगलवार को दिन में टीम ने 20 हजार देकर ट्रैंप किया तो मामला सामने आ गया। जैसे ही रकम को हाथ में दबोंच लिए गए। टीम के सामने एसडीआई के होश उड़ गए। उनके सामने कुछ कहने के लिए शब्द नही थे। वह बार बार खुद को निर्दाेष होने का दावा कर रहे थे। विभागीय कर्मचारी भी उनके कार्याे से क्षुब्द थे लेकिन किसी में भी विरोध करने की हिम्मत नहीं हो रही थी। उनका घूस लेना सभी कर्मचारियों के बीच जगजाहिर था। एसडीआई आलोक चौधरी को टीम ने गिरफ्तार किया तो सभी के होश उड़ गए। उसके बाद विभागीय अधिकारी शिकायतकर्ता को कोस रहे हैं कि विभागीय जानकारी नहीं देना चाहिए।
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ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर धमकाता था एसडीआई
-आनंदनगर डिवीजन होने के कारण क्षेत्र काफी बड़ा था। जिसके कारण एसडीआई की मनमानी सामने आती थी। कर्मचारी दूर के होने के कारण अपना ट्रांसफर कराने के लिए सिफारिश करते रहते थे। जिनसे हमेसा मोटी रकम की मांग की जाती थी। रकम न देने पर उनको संस्पेंड भी किया जाता था। बाद में पैसा लेकर उनका तबादला कर दिया था। गोरखपुर से ड्यूटी करने वाले कर्मचारी को परेशानी हुई तो स्थानान्तरण की मांग किया तो उनका सच सामने आया। पैसा वसूलना उनका पेशा बन गया था। न देने उनको दूर दराज भेज दिया जाता हैं। इसके पहले भी महराजगंज में थे, तब भी उनका रवैया यही था। वहां भी कई कर्मचारी परेशान थे।
पीपीगंज से सोनौली तक के डाक कर्मचारी अधीनस्थ थे
-आनंदनगर उप मंडल होने के कारण पीपीगंज से लेकर सोनौली तक के डाक व डाक कर्मचारी इनके अधीन रहते हैं। उनका ट्रांसफर करना या पोस्टिंग करने के नाम पर कई बार रकम की मांग की जाती थी। आनंदनगर उप डाक मंडल पर आने के लिए कर्मचारी उत्सुक दिखते तो उनसे धन की मांग की जाती थी। न देने पर परेशान करते थे।
एक सप्ताह पहले किया था शिकायत
एसडीआई ने आनंदनगर से बृजमनगंज तबादला कर दिए जिसके कारण आने जाने में परेशानी होती थी। उसके बाद वह आनंदनगर स्थानान्तरण की मांग की तो धन की मांग करने लगे। रिश्वत मांगने से तंग आकर एक सप्ताह पहले एंटीक्रप्सन में शिकायत किया था। जिस पर त्वरित कार्रवाई की गई। जिसमें घूसखोर अधिकारी दबोंच लिए गए। ऐसा पहला मामला नहीं हैं, इसके पहले भी कई बार इनकी शिकायत कर्मी करते तो उनका दबा दिया जाता था। कर्मचारी त्रस्त है लेकिन विरोध करने का दम नहीं दिखाते।
15 अप्रैल से आनंदनगर में मिली थी तैनाती
-डाक सहायक कर्मी करीब जनवरी से बृजमनगंज में तैनात रहे। जहां पर ड्यूटी में परेशानी होती तो आनंदनगर स्थानान्तरण की मांग करते थे। उसके बाद धन की मांग होती थी। 15 अप्रैल से डाक सहायक की तैनाती आनंदनगर में हो गई हैं।