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Maharajganj News: इंडो-इस्राइल नर्सरी में तैयार किए जाएंगे सेंदुरिया आम के पौधे
Tue, 29 Jul 2025 01:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 29 Jul 2025 01:06 AM IST
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महराजगंज। पूर्वांचल सहित यूपी से सटे बिहार के सीमावर्ती जिलों में पाए जाने वाला सिंदुरिया आम की बीजू-कलम प्रजाति का पौध तैयार होगा। उद्यान विभाग की ओर से सेंदुरिया आम के पौधे इंडो-इस्राइल नर्सरी में तैयार किए जाएंगे, जिसकी तैयारी में विभाग जुटा है।
उद्यान विभाग इस आम का बीजू संस्करण पौध तैयार कराएगा। इसके लिए इंडो-इस्राइल नर्सरी में पौध तैयार करने की जिम्मेदारी निभाने वाली समूह की महिलाओं को उद्यान विभाग न सिर्फ प्रशिक्षण देगा बल्कि पौध तैयार करने के लिए अनुदान भी उपलब्ध कराएगा।
बीते माह विभाग की तरफ से राजधानी में मैंगो फेस्टिवल का आयोजन किया गया, जिसमें सिंदूरी आम की कई प्रजातियों की चर्चा व विकसित करने पर जोर दिया गया।
उद्यान विभाग अब पूर्वांचल में होने वाले इस खास किस्म की कलम विधि से बीजू प्रजाति विकसित करने की मुहिम पर कार्य कर रहा है, जिससे इसका विस्तार देश ही नहीं पड़ोसी देशों तक किया जा सके।
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देसी प्रजाति का है पूर्वांचल का सेंदुरिया आम
उप कृषि निदेशक संजीव कुमार पटेल के मुताबिक सेंदुरिया आम की जो प्रजाति पूर्वांचल में पाई जाती है, यह देसी आम की श्रेणी में शामिल है। इसका आकार छोटा होता है। इसके गूदा में रेशा नहीं होता सिर्फ रस होता है। प्रारंभिक चरण से ही आम के ऊपरी हिस्से का रंग सिंदूरी होता है जो पकने के दौरान और गहरा होता जाता है। पकने के बाद भी यह पीला नहीं होता। सावन के रोहिणी नक्षत्र के बाद इसका फल पकता है। यह क्रम इस बार 21 जुलाई से शुरू है। इस आम में हल्की सुगंध पकने पर होती है और इसका छिलका अन्य की अपेक्षा मोटा होता है। रंग के कारण यह गिलहरी और तोता दोनों को आकर्षित करता है।
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उद्यान विभाग इस आम का बीजू संस्करण पौध तैयार कराएगा। इसके लिए इंडो-इस्राइल नर्सरी में पौध तैयार करने की जिम्मेदारी निभाने वाली समूह की महिलाओं को उद्यान विभाग न सिर्फ प्रशिक्षण देगा बल्कि पौध तैयार करने के लिए अनुदान भी उपलब्ध कराएगा।
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बीते माह विभाग की तरफ से राजधानी में मैंगो फेस्टिवल का आयोजन किया गया, जिसमें सिंदूरी आम की कई प्रजातियों की चर्चा व विकसित करने पर जोर दिया गया।
उद्यान विभाग अब पूर्वांचल में होने वाले इस खास किस्म की कलम विधि से बीजू प्रजाति विकसित करने की मुहिम पर कार्य कर रहा है, जिससे इसका विस्तार देश ही नहीं पड़ोसी देशों तक किया जा सके।
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देसी प्रजाति का है पूर्वांचल का सेंदुरिया आम
उप कृषि निदेशक संजीव कुमार पटेल के मुताबिक सेंदुरिया आम की जो प्रजाति पूर्वांचल में पाई जाती है, यह देसी आम की श्रेणी में शामिल है। इसका आकार छोटा होता है। इसके गूदा में रेशा नहीं होता सिर्फ रस होता है। प्रारंभिक चरण से ही आम के ऊपरी हिस्से का रंग सिंदूरी होता है जो पकने के दौरान और गहरा होता जाता है। पकने के बाद भी यह पीला नहीं होता। सावन के रोहिणी नक्षत्र के बाद इसका फल पकता है। यह क्रम इस बार 21 जुलाई से शुरू है। इस आम में हल्की सुगंध पकने पर होती है और इसका छिलका अन्य की अपेक्षा मोटा होता है। रंग के कारण यह गिलहरी और तोता दोनों को आकर्षित करता है।